फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Sweet business in millions more than estimates, businessmen happy

अलीगढ़ : अनुमान से अधिक लाखों में मिठाई कारोबार, कारोबारी खुश

Sun, 02 Aug 2020 10:27 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
Aligarh: Sweet business in millions more than estimates, businessmen happy
मिठाई की दुकान पर खरीदारी करते लोग। - फोटो : CITY OFFICE
मिठाई का कारोबार अनुमान से अधिक होने से कारोबारी खुश हैं। यह अलग बात है कि पिछले साल की तुलना में करीब 50 प्रतिशत या इसके आसपास ही कारोबार हुआ है। खुशी का सबसे बड़ा कारण यह है कि दुकानदारों को पहले उम्मीद नहीं थी कि लॉकडाउन में दुकानें खुलेंगी और खुलेगी भी तो बड़ी संख्या में ग्राहक आएंगे।
विज्ञापन

पिछले कई दिनों से अलीगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के मिठाई कारोबारी शनिवार एवं रविवार को (लॉकडाउन में) दुकान खोलने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे। शनिवार शाम तक दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिली थी। इसकी वजह से व्यापारियों ने घेवर व अन्य मिठाइयों का ज्यादा स्टाक नहीं किया था। शनिवार रात को मिठाई की दुकान खुलने की अनुमति मिलने बाद कारोबारी घेवर एवं अन्य तैयारियों में जुट गए। उनके पास दो दिन का मौका है। दीपावली के बाद सबसे अधिक मिठाई रक्षाबंधन पर ही बिकती है। अनुमानित तौर पर जिले में करोड़ों का कारोबार होता है। रविवार सुबह से दुकानों पर ग्राहकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो रात दुकान बंद होने तक जारी रहा। कई बार दुकानों पर भीड़ लगने की वजह से ग्राहकों ने सामाजिक दूरी का भी ख्याल नहीं रखा।
विज्ञापन

मिठाई व्यवसायी सुमित अग्रवाल कुंजीलाल ने बताया कि मिठाई का कारोबार अनुमान से अधिक हुआ है। दुकान खोलने की अनुमति देने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद। कारोबारी राजीव जलाली कहते हैं कि अनुमान से अधिक ग्राहक घर से निकले हैं। पिछले साल की तरह तो बिक्री नहीं हुई लेकिन उम्मीद से अधिक कारोबार हुआ है। कई लोगों के स्टाक खत्म हो गए। लॉकडाउन में ऐसे कारोबार की उम्मीद किसी को नहीं थी। मामू भांजा के मिठाई कारोबारी प्रदीप ख्यालीराम का कहना है कि समय को देखते हुए कारोबार को ठीक कहा जा सकता है। लेकिन पिछले साल या उसके पिछले साल की तुलना करने की स्थिति नहीं है। 50 प्रतिशत से भी कम कारोबार हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

400 से 600 रुपये प्रति किलो तक बिका घेवर
कोरोना महामारी एवं पहले से तैयारी नहीं होने के कारण इस बार बाजार में घेवर की बहुत वैरायटी नहीं थी। सादा, मावा, काजू बादाम आदि के घेवर की ज्यादा मांग थी। राजीव जलाली ने बताया कि इस साल घेवर के रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed