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अलीगढ़ : बैंकों में हड़ताल, 70 फीसदी एटीएम रहे ठप
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अलीगढ़ : एसबीआई मुख्य शाखा के बाहर धरना-प्रदर्शन करते यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के पदाधिकारी
- फोटो : CITY OFFICE
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
निजीकरण के विरोध, पुरानी पेंशन लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर ऑल इंडिया नेशनलाइज्ड बैंक आफीसर्स फेडरेशन एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनरतले बैंकों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुक्रवार को जारी रही। दस राष्ट्रीयकृत बैंकों एवं आर्यावर्त बैंक की करीब 265 शाखाओं में तालाबंदी से लोग लेन-देन के लिए तरस गए। व्यापारी अपने सौदे काटने पर मजबूर हुए तो आम ग्राहक भी एटीएम व्यवस्था लड़खड़ाने के कारण नकदी को तरस गए। नकदी न होने से जिले के 70 फीसदी एटीएम ठप पड़ गए। दो दिन में करीब एक हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। इस दौरान बैंक यूनियनों से जुड़े करीब 1800 कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार की बैंक विरोधी नीतियों एवं नीयत पर सवाल उठाए।
ऑल इंडिया नेशनालाइज्ड बैंक आफिसर्स फेडरेशन के बैनरतले केनरा बैंक एडीए शाखा पर सुबह दस से बारह बजे तक प्रदर्शन हुआ। फेडरेशन के राज्य समिति के सदस्य अतुल सिंह ने कहा कि बैंकर बैंक के साथ साथ व्यापारियों, किसानों और आम खाताधारकों की धन सुरक्षा के लिए इस लड़ाई को लड़ रहा है। यदि सरकार नहीं मानी तो हम अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे। बैंक कर्मचारियों को कुछ भी दान में नहीं मिला है उन्होंने संघर्षों से पाया है। केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि जन धन योजना हो, नोटबंदी हो, मुद्रा योजना, पीएम स्व निधी योजना आदि सभी कार्यों एवं योजनाओं में बैंक कर्मी ने जी जान लगाकर कार्य किया है। इस अवसर पर सहायक क्षेत्रीय सचिव गौरव सिंह, केनरा बैंक कर्मचारी यूनियन के प्रदीप चौहान, स्नेहलता चौधरी, शुभम दीप, विशाल वर्मा, श्रुति शर्मा, मुख्तार, ज़ुहैब, राहुल धवन, निशांत, प्रीति लाल, आकांक्षा नागर, नेहा, सचिन, रोशन लाल, नीरज, प्रदीप, विकास, पलाश, प्रशांत आदि मौजूद रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले अलीगढ़ के अधिकारी कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के समक्ष इकट्ठे हुए। यहां उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की तथा वहीं पर सभा का आयोजन किया गया। सभा को यूनियन के नेता कामरेड सुनील मल्होत्रा, का. प्रदीप सचान, डॉ राकेश सक्सेना, रंजीत सिंह, सुधीर सक्सेना, प्रदीप चौहान, एसके दुवे, अमित भार्गव, जगमोहन शर्मा, योगेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, महेश चंद, सचिन शर्मा, ममता पाराशर व योगेश गुप्ता ने संबोधित किया। संयोजक वीके शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मचारियों अधिकारियों ने संकल्प लिया है कि सरकार की जनविरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों का हर कीमत पर विरोध किया जाएगा और हर कुर्बानी देने के लिए बैंक कर्मचारी अधिकारी तैयार रहेगा।
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किसानों ने दिया बैंक हड़ताल को समर्थन
अलीगढ़। केंद्र सरकार के बैंकों के निजीकरण के फैसले के विरोध में दो दिवसीय बैंकों की हड़ताल को देश भर में किसान, मजदूर संगठनों ने भी समर्थन दिया। क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रदेश संयोजक शशिकांत, चौधरी गजेंद्र सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा के इदरीश मोहम्मद, भारतीय किसान यूनियन के सुभाष शर्मा के अलावा कई किसान मजदूर नेता बैंक के निजीकरण के विरोध में बैंककर्मियों की हड़ताल को समर्थन देने धरने में शामिल हुए। किसान नेता शशिकांत ने कहा कि किसान मजदूरों की जमा पूँजी की सुरक्षा सरकारी बैंकों में है। निजी बैंकों का कोई भरोसा नहीं। सरकार देश के सभी सरकारी प्रतिष्ठानों को बेचने पर आमादा है।
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निजीकरण के विरोध, पुरानी पेंशन लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर ऑल इंडिया नेशनलाइज्ड बैंक आफीसर्स फेडरेशन एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनरतले बैंकों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुक्रवार को जारी रही। दस राष्ट्रीयकृत बैंकों एवं आर्यावर्त बैंक की करीब 265 शाखाओं में तालाबंदी से लोग लेन-देन के लिए तरस गए। व्यापारी अपने सौदे काटने पर मजबूर हुए तो आम ग्राहक भी एटीएम व्यवस्था लड़खड़ाने के कारण नकदी को तरस गए। नकदी न होने से जिले के 70 फीसदी एटीएम ठप पड़ गए। दो दिन में करीब एक हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। इस दौरान बैंक यूनियनों से जुड़े करीब 1800 कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार की बैंक विरोधी नीतियों एवं नीयत पर सवाल उठाए।
ऑल इंडिया नेशनालाइज्ड बैंक आफिसर्स फेडरेशन के बैनरतले केनरा बैंक एडीए शाखा पर सुबह दस से बारह बजे तक प्रदर्शन हुआ। फेडरेशन के राज्य समिति के सदस्य अतुल सिंह ने कहा कि बैंकर बैंक के साथ साथ व्यापारियों, किसानों और आम खाताधारकों की धन सुरक्षा के लिए इस लड़ाई को लड़ रहा है। यदि सरकार नहीं मानी तो हम अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे। बैंक कर्मचारियों को कुछ भी दान में नहीं मिला है उन्होंने संघर्षों से पाया है। केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि जन धन योजना हो, नोटबंदी हो, मुद्रा योजना, पीएम स्व निधी योजना आदि सभी कार्यों एवं योजनाओं में बैंक कर्मी ने जी जान लगाकर कार्य किया है। इस अवसर पर सहायक क्षेत्रीय सचिव गौरव सिंह, केनरा बैंक कर्मचारी यूनियन के प्रदीप चौहान, स्नेहलता चौधरी, शुभम दीप, विशाल वर्मा, श्रुति शर्मा, मुख्तार, ज़ुहैब, राहुल धवन, निशांत, प्रीति लाल, आकांक्षा नागर, नेहा, सचिन, रोशन लाल, नीरज, प्रदीप, विकास, पलाश, प्रशांत आदि मौजूद रहे।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले अलीगढ़ के अधिकारी कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के समक्ष इकट्ठे हुए। यहां उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की तथा वहीं पर सभा का आयोजन किया गया। सभा को यूनियन के नेता कामरेड सुनील मल्होत्रा, का. प्रदीप सचान, डॉ राकेश सक्सेना, रंजीत सिंह, सुधीर सक्सेना, प्रदीप चौहान, एसके दुवे, अमित भार्गव, जगमोहन शर्मा, योगेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, महेश चंद, सचिन शर्मा, ममता पाराशर व योगेश गुप्ता ने संबोधित किया। संयोजक वीके शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मचारियों अधिकारियों ने संकल्प लिया है कि सरकार की जनविरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों का हर कीमत पर विरोध किया जाएगा और हर कुर्बानी देने के लिए बैंक कर्मचारी अधिकारी तैयार रहेगा।
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किसानों ने दिया बैंक हड़ताल को समर्थन
अलीगढ़। केंद्र सरकार के बैंकों के निजीकरण के फैसले के विरोध में दो दिवसीय बैंकों की हड़ताल को देश भर में किसान, मजदूर संगठनों ने भी समर्थन दिया। क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रदेश संयोजक शशिकांत, चौधरी गजेंद्र सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा के इदरीश मोहम्मद, भारतीय किसान यूनियन के सुभाष शर्मा के अलावा कई किसान मजदूर नेता बैंक के निजीकरण के विरोध में बैंककर्मियों की हड़ताल को समर्थन देने धरने में शामिल हुए। किसान नेता शशिकांत ने कहा कि किसान मजदूरों की जमा पूँजी की सुरक्षा सरकारी बैंकों में है। निजी बैंकों का कोई भरोसा नहीं। सरकार देश के सभी सरकारी प्रतिष्ठानों को बेचने पर आमादा है।