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अलीगढ़ : चुनाव के दौरान सवारियां खा रहीं धक्के, रोडवेज कर रहा कमाई
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गांधीपार्क बस अड्डे पर बस में धक्का मुक्की कर चढ़ते लोग।
- फोटो : CITY OFFICE
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प्रदेश में संपन्न हो रहे विधानसभा क्षेत्रों के चुनावों में लगी अलीगढ़ मंडल परिवहन निगम की 300 रोडवेज बस एक तरफ करोड़ों की आय कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ सैकड़ों की संख्या में सवारियां रूट पर बसों का इंतजार ही करती रहती हैं। घंटों के इंतजार के बाद अगर बस आ जाए तो उसमें चढ़ने के लिए लोग कड़ा संघर्ष करते हैं। धक्कामुक्की के बीच यात्री खिड़कियों से घुसने का प्रयास करते हैं। जबकि अधिकारी फेरे बढ़वाकर जनता को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
अलीगढ़ मंडल में हाथरस, अलीगढ़, बुद्ध विहार, नरौरा, कासगंज, एटा और अतरौली डिपो हैं। जिनसे कुल 658 रोडवेज बसों से जनता को सुगम यातायात मुहैया कराते हुए संचालन किया जाता है। इनके अलावा 90 अनुबंधित बस भी चल रही हैं। 748 कुल बसों में से 300 बस चुनाव में गई हुई हैं। लगभग 100 बस तो जर्जर अवस्था में हैं। 50 से 80 बसें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। बाकी लगभग 250 बस इस समय रूट पर दौड़ रही हैं। यह रोडवेज बस सवारियों की संख्या के अनुपात में काफी कम हैं। इसी कारण लोग रूट पर बसों का इंतजार ही करते रह जाते हैं। अगर बस आ जाए तो उसमें चढ़ने के लिए सैकड़ों लोग टूट पड़ते हैं। हर यात्री कहता है कि उसे जरूरी काम है। कृपया ले चलो।
बस स्टेंड के अंदर नहीं, बार लगती है भीड़
- चुनाव में आधी बस जाने से रूट पर बस नहीं हैं। बस स्टेंडों पर भी गिनती की बस दिखती हैं। ऐसे में सवारियां बस स्टेंड के अंदर नहीं, बस स्टेंड के बाहर इंतजार करती हैं। इस दौरान डग्गामारी कर रहे वाहन मिल जाएं तो उसी में बैठकर अपना सफर शुरू करते हैं।
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यात्रियों की समस्या का संज्ञान लिए हुए हैं। भीड़ की स्थिति को देखते हुए बसों के रूट भी बदलवाए जा रहे हैं। चुनाव की बस लौटने वाली हैं। वह आ जाएंगी तो समस्या खत्म हो जाएगी।
-मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
-सादाबाद जाना है। घंटे भर से इंतजार कर रही हूं। आगरा की तरफ जाने वाली बस नहीं मिल रही है।
-सुशीला, सादाबाद
-दो घंटे से एटा की बस देख रहा हूं। बस स्टेंड के अंदर बस नहीं मिली तो अब बाहर सड़क पर इंतजार कर रहा हूं।
-मुकीम, एटा
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अलीगढ़ मंडल में हाथरस, अलीगढ़, बुद्ध विहार, नरौरा, कासगंज, एटा और अतरौली डिपो हैं। जिनसे कुल 658 रोडवेज बसों से जनता को सुगम यातायात मुहैया कराते हुए संचालन किया जाता है। इनके अलावा 90 अनुबंधित बस भी चल रही हैं। 748 कुल बसों में से 300 बस चुनाव में गई हुई हैं। लगभग 100 बस तो जर्जर अवस्था में हैं। 50 से 80 बसें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। बाकी लगभग 250 बस इस समय रूट पर दौड़ रही हैं। यह रोडवेज बस सवारियों की संख्या के अनुपात में काफी कम हैं। इसी कारण लोग रूट पर बसों का इंतजार ही करते रह जाते हैं। अगर बस आ जाए तो उसमें चढ़ने के लिए सैकड़ों लोग टूट पड़ते हैं। हर यात्री कहता है कि उसे जरूरी काम है। कृपया ले चलो।
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बस स्टेंड के अंदर नहीं, बार लगती है भीड़
- चुनाव में आधी बस जाने से रूट पर बस नहीं हैं। बस स्टेंडों पर भी गिनती की बस दिखती हैं। ऐसे में सवारियां बस स्टेंड के अंदर नहीं, बस स्टेंड के बाहर इंतजार करती हैं। इस दौरान डग्गामारी कर रहे वाहन मिल जाएं तो उसी में बैठकर अपना सफर शुरू करते हैं।
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यात्रियों की समस्या का संज्ञान लिए हुए हैं। भीड़ की स्थिति को देखते हुए बसों के रूट भी बदलवाए जा रहे हैं। चुनाव की बस लौटने वाली हैं। वह आ जाएंगी तो समस्या खत्म हो जाएगी।
-मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
-सादाबाद जाना है। घंटे भर से इंतजार कर रही हूं। आगरा की तरफ जाने वाली बस नहीं मिल रही है।
-सुशीला, सादाबाद
-दो घंटे से एटा की बस देख रहा हूं। बस स्टेंड के अंदर बस नहीं मिली तो अब बाहर सड़क पर इंतजार कर रहा हूं।
-मुकीम, एटा