अलीगढ़: भीड़ में घुसे अराजक तत्व, प्रदर्शन की आड़ में किसी भी वारदात को दे सकते थे अंजाम
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय में शुरू हुए बवाल की आग पूरे शहर में फैल गई। सोमवार को ऊपरकोट बाजार पर लाठीचार्ज कर युवाओं को घास की मंडी की ओर खदेड़ा गया। पता चला कि प्रदर्शन में शामिल लोगों में से कुछ ई-रिक्शा चालक तो कुछ दिहाड़ी कारीगर और कुछ अन्य लोग फोन से बुला कर इकट्ठा किए गए थे।
कमोबेश जमालपुर में भी यही हालात थे। मुस्लिम दुकानें और बाजार के साथ कई कारखाने बंद होने से अधिकांश युवा अपने ही मोहल्ले में थे। ये भी भीड़ का हिस्सा थे। इनके बीच कुछ अराजक तत्व भी शामिल हो गए थे। शाहजमाल में भी माहौल ऐसा ही था।
इन तीनों मुस्लिम बहुल इलाकों में हजारों की तादाद में युवाओं की भीड़ गलियों से सड़कों तक मौजूद थी। दोदपुर, रसलगंज, जीवनगढ़ में भी ऐसे ही हालात थे। दरअसल, पुलिस फोर्स का पूरा फोकस एएमयू, रेलवे स्टेशन और अति संवेदनशील प्रमुख बाजारों तक था। इसको भांप कर अराजक तत्व सक्रिय हो रहे थे और पुलिस की कमी का फायदा उठा कर भीड़ की आड़ में अपने मंसूबे पूरे करना चाहते थे। ये अराजक तत्व कुछ जगहों पर प्रमुख व्यापारिक स्थलों पर लूटपाट करने की साजिश भी रच रहे थे। इससे दहशत के माहौल का फायदा उठाया जा सके।
जमालपुर में रात सवा आठ बजे के करीब दोबारा से जब भीड़ एकत्र हुई तो भी अराजक तत्व सक्रिय थे। पुलिस के साथ उक्त स्थानों पर सक्रिय खुफिया पुलिस के सूत्रों के अनुसार भीड़ में हर जगह ऐसे लोग सक्रिय थे, जो माहौल को खराब कर लूटपाट करना चाहते थे। ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
उन पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस ने सभी स्थानों पर वीडियो-फोटोग्राफी कराई है। जिससे ऐसे भड़काने वाले लोगों को पहचाना जा सके। चार स्थानों पर लाठीचार्ज और लाठी फटकराने को छोड़ दें तो बाकी शहर में दोपहर बाद पुलिस की सख्ती ने अपना असर दिखाया और कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी।