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अलीगढ़ः टप्पल-जेवर बॉर्डर पर मुनादी कर जहरीली शराब से किया सचेत
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नोएडा जिले के जेवर क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से तीन लोगों की मौत के बाद एक बार फिर से जहरीली शराब का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है। शासन के निर्देश पर जेवर से सटे टप्पल इलाके के गांव में सात दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। बृहस्पतिवार से इसकी शुरुआत हो गई। पहले दिन जागरूकता के अलावा, चेकिंग अभियान भी चलाया गया।
आबकारी विभाग ने बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन की टीम के साथ जेवर से सटे टप्पल थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर, बुढ़ाना, अट्टारी में क्षेत्रीय लेखपाल, ग्राम प्रधान, ग्राम चौकीदार के साथ मुनादी कराकर लोगों को जागरूक किया। तहसील प्रशासन व थाना पुलिस की टीम भी इस दौरान मौजूद रही। टीमों ने संयुक्त रूप से गांव में चौपाल लगाकर लोगों से कहा कि कूड़े में, नाले में, सुनसान स्थान पर फेंकी गई प्लास्टिक की शराब की शीशियों के मिलने पर उसका सेवन न करें। इनमें जहरीली शराब हो सकती है। इस प्रकार की शराब मिलने पर थाना टप्पल पुलिस, आबकारी विभाग को सूचित करें या फिर डायल 112 पर सूचना दें। शराब को कब्जे में लेकर नष्ट कराया जाएगा।
पिछले 40 साल में यहां नहीं आया कोई कूड़ा बीनने
इधर, जेवर सीमा से लगे कुराना-नूरपुर गांव में बृहस्पतिवार को अवैध शराब की खोज में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कुराना बंबा के पास खेतों में काम कर रहे किसानों से जानकारी की गई। उनसे पूछा गया कि क्या नूरपुर पुलिया के आसपास स्थान पर कूड़ा बीनने वाले आते हैं तो ग्रामीणों ने बताया गया कि पिछले 40 सालों में यहां पर कूड़ा बीनने वालों को नहीं देखा गया है। इसके बाद अलीगढ़ पुलिस, आबकारी विभाग की ओर से अपना दावा और मजबूत किया गया है। अलीगढ़ प्रशासन का कहना है कि जहरीली शराब का अब अलीगढ़ में नामों निशान नहीं है।
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क्यूआर कोड ने खोली नोएडा पुलिस के दावे की पोल
नोएडा पुलिस का दावा है कि टप्पल क्षेत्र के गांव से प्लास्टिक का सामान बीनने गए लोगों को गांव नूरपुर के समीप बंबे रजवाहे पर कूड़ा करकट बीनने के दौरान प्लास्टिक के कट्टे में भरे देशी शराब के पौवे मिले। तीनों ने इनका सेवन किया। बची शराब जेवर ले जाकर पी। इसके बाद तीनों की हालत बिगड़ गई और एक-एक कर उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई। नोएडा पुलिस के दावे के इतर अलीगढ़ आबकारी विभाग ने अपनी पड़ताल की तो पता लगा कि जिस शराब को अलीगढ़ में मिलना दर्शाया गया है उसकी बिक्री भट्ठा पारसौल के ठेके को 3 अगस्त को हुई है। एक पौवे की बिक्री 20 जुलाई को हुई है। दोनों को नोएडा के थोक विक्रेता ने फुटकर को इन तारीखों पर बेचा है। दूसरी खास बात है कि दो माह से अलीगढ़ जिले में सिर्फ टैट्रा पैक में शराब बिक रही है। इसलिए यह अलीगढ़ की शराब नहीं हो सकती।
- टप्पल क्षेत्र में एक सप्ताह तक चेकिंग, दबिश, सर्च व जागरूकता अभियान चलाया जाएग। साथ ही इलाके की शराब की दुकानों पर भी चेकिंग की जाएगी। कुरान बंबा के पास बुधवार को रात भर चेकिंग अभियान भी चलाया गया। मगर, वहां कहीं भी अवैध शराब बरामद नहीं हुई है।-डॉ.सतीश चंद्र जिला आबकारी अधिकारी
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आबकारी विभाग ने बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन की टीम के साथ जेवर से सटे टप्पल थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर, बुढ़ाना, अट्टारी में क्षेत्रीय लेखपाल, ग्राम प्रधान, ग्राम चौकीदार के साथ मुनादी कराकर लोगों को जागरूक किया। तहसील प्रशासन व थाना पुलिस की टीम भी इस दौरान मौजूद रही। टीमों ने संयुक्त रूप से गांव में चौपाल लगाकर लोगों से कहा कि कूड़े में, नाले में, सुनसान स्थान पर फेंकी गई प्लास्टिक की शराब की शीशियों के मिलने पर उसका सेवन न करें। इनमें जहरीली शराब हो सकती है। इस प्रकार की शराब मिलने पर थाना टप्पल पुलिस, आबकारी विभाग को सूचित करें या फिर डायल 112 पर सूचना दें। शराब को कब्जे में लेकर नष्ट कराया जाएगा।
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पिछले 40 साल में यहां नहीं आया कोई कूड़ा बीनने
इधर, जेवर सीमा से लगे कुराना-नूरपुर गांव में बृहस्पतिवार को अवैध शराब की खोज में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कुराना बंबा के पास खेतों में काम कर रहे किसानों से जानकारी की गई। उनसे पूछा गया कि क्या नूरपुर पुलिया के आसपास स्थान पर कूड़ा बीनने वाले आते हैं तो ग्रामीणों ने बताया गया कि पिछले 40 सालों में यहां पर कूड़ा बीनने वालों को नहीं देखा गया है। इसके बाद अलीगढ़ पुलिस, आबकारी विभाग की ओर से अपना दावा और मजबूत किया गया है। अलीगढ़ प्रशासन का कहना है कि जहरीली शराब का अब अलीगढ़ में नामों निशान नहीं है।
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क्यूआर कोड ने खोली नोएडा पुलिस के दावे की पोल
नोएडा पुलिस का दावा है कि टप्पल क्षेत्र के गांव से प्लास्टिक का सामान बीनने गए लोगों को गांव नूरपुर के समीप बंबे रजवाहे पर कूड़ा करकट बीनने के दौरान प्लास्टिक के कट्टे में भरे देशी शराब के पौवे मिले। तीनों ने इनका सेवन किया। बची शराब जेवर ले जाकर पी। इसके बाद तीनों की हालत बिगड़ गई और एक-एक कर उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई। नोएडा पुलिस के दावे के इतर अलीगढ़ आबकारी विभाग ने अपनी पड़ताल की तो पता लगा कि जिस शराब को अलीगढ़ में मिलना दर्शाया गया है उसकी बिक्री भट्ठा पारसौल के ठेके को 3 अगस्त को हुई है। एक पौवे की बिक्री 20 जुलाई को हुई है। दोनों को नोएडा के थोक विक्रेता ने फुटकर को इन तारीखों पर बेचा है। दूसरी खास बात है कि दो माह से अलीगढ़ जिले में सिर्फ टैट्रा पैक में शराब बिक रही है। इसलिए यह अलीगढ़ की शराब नहीं हो सकती।
- टप्पल क्षेत्र में एक सप्ताह तक चेकिंग, दबिश, सर्च व जागरूकता अभियान चलाया जाएग। साथ ही इलाके की शराब की दुकानों पर भी चेकिंग की जाएगी। कुरान बंबा के पास बुधवार को रात भर चेकिंग अभियान भी चलाया गया। मगर, वहां कहीं भी अवैध शराब बरामद नहीं हुई है।-डॉ.सतीश चंद्र जिला आबकारी अधिकारी