कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दिन रात एक किए हुए हैं, वहीं, कुछ सरकारी अफसर ही इन प्रयासों को पलीता लगाने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के एक जेई एवं एटा में तैनात पीडब्ल्यूडी के अफसर हैं। एक पर कोरोना परीक्षण की बात छिपाने तो दूसरे पर संक्रमित होने के बाद प्रशासन को सूचना दिए बगैर घर में क्वारंटीन होने का आरोप है। मामला प्रकाश में आने के बाद सीडीओ एवं कोरोना मामलों के नोडल अफसर ने जांच के आदेश कर दिए हैं।
बताते चलें कि पिछले शुक्रवार को एडीए के एक जेई दिल्ली में किसी अन्येष्टि में शामिल होने गए थे। बताया जाता है कि वहां से गाजियाबाद स्थित घर लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने कोरोना परीक्षण कराया। लेकिन ड्यूटी पर अलीगढ़ लौटने के बाद उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी। यहां तक कि अपने साथ एक ही मकान में रहने वाले साथी जेई व सुपरवाइजर को भी कुछ नहीं बताया। दो दिन पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जानकारी दी। फलस्वरूप, उनके दोनों साथी ही नहीं, बल्कि ऑफिस का चपरासी व एक अन्य कर्मचारी भी संक्रमण का शिकार हो गया। एक अन्य मामले में लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी कोरोना संक्रमित होने के बाद स्वर्ण जयंती नगर स्थित घर लौट आए। उन्होंने इसकी सूचना जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी। सीडीओ अनुनय झा ने कहा कि दोनों मामले सरकारी प्रोटोकॉल के उल्लंघन के हैं। इनकी जांच कराई जाएगी।