फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh Night Live

अलीगढ़ : रात में जिंदादिल रहने वाले शहर की टूटी रवायत... टपरियों से छूटा चाय का प्याला

Mon, 29 Jun 2020 01:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 01:24 AM IST
विज्ञापन
Aligarh Night Live
रात 01:25 बजे रेलवे रोड बाजार मजिस्द बंद चाय व पान के खोखे। - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा
विज्ञापन

हर शहर की अपनी रवायतें होती हैं। ताला और तालीम से पहचाने जाने वाले इस शहर की भी अपनी एक रवायत है उसका रात में जिंदादिल रहना। शहर के हर छोर पर कुछ ठिकाने ऐसे हैं, जो दशकों से कोरोना काल से पहले तक रात भर गुलजार रहते आए हैं। उन ठिकानों पर कर्फ्यू के दौर में भी बंदी का असर नहीं दिखाई दिया। मगर, कोरोना काल में यह रवायत टूट गई है। अच्छी बात है कि इन चौराहों और बाजारों में चाय की टपरियों पर लगने वाली चौपालें बंद हैं। लोग अनलॉक लागू होने पर नाइट लॉकडाउन में भी इसका पालन कर रहे हैं। मगर कुछ जगहों पर गलियां रात में गुलजार दिखाई दे रही हैं। वहां बैठकी और व्यापारिक कामकाज के चलते नाइट लॉकडाउन का पालन नहीं दिख रहा है। कुछ यही हाल शनिवार रात शहर में देखा अमर उजाला टीम ने...
रात भर खुलने वाले ज्यादातर इलाके पूरी तरह बंद दिखे
रात 12 बजे शहर को कानपुर जीटी रोड से जोड़ने वाले एटा चुंगी चौराहे से टीम निकली। रावणटीला पुलिस चौकी के बगल की एक चाय की दुकान जरूर खुली दिखाई दी। उसके विषय में तर्क था कि इस रोड पर सब्जी मंडी है और रात में खुलती है। इसलिए वहां आने-जाने वाले व्यापारियों के लिए यह दुकान लॉकडाउन की शुुरुआत से ही खुल रही है। इसके बाद छर्रा अड्डा पुल, अचलताल पर सन्नाटा मिला, जबकि अचलताल पर पान की गुमटी रात भर खुलती थी और लोगों की चहल पहल रहती थी। हाथरस अड्डा पर रात भर खुला रहने वाला पंडित जी का ढाबा भी बंद दिखाई दिया। इसी तरह खिरनी गेट चौकी के बगल में रात भर खुली रहने वाली चाय की दुकान भी बंद मिली। न वहां लोगों की चहल पहल थी। हां, सासनी गेट चौराहे से पहले एक नर्सिंग होम के बाहर खोखे में हमेशा रात को खुलने वाली चाय की दुकान आधी खुली थी। जयगंज में आधी रात के बाद तक खुलने वाली कुल्हड़ के दूध की दुकान भी नहीं खुली थी और बजरिया में पूरी तरह सन्नाटा था। इसी तरह जयगंज चौकी के पास भी चाय की टपरी बंद थी और सन्नाटा था। मदार गेट के वैश्या बाजार के बाहर सुलगने वाली चाय की भट्ठी भी बंद थी। ऊपरकोट जामा मस्जिद, देहली गेट चौराहा, बारहद्वारी चौराहा, रसलगंज, मानिक चौक की पुलिया, रामघाट रोड पर मीनाक्षी पुल, अतरौली अड्डा, क्वार्सी चौराहा, पान दरीबा, मेडिकल रोड, थाना सिविल लाइंस, दोदपुर, जीटी रोड पर तहसील तिराहा, शहंशाह तिराहा, सरसौल, अनूपशहर रोड पर शमशाद मार्केट आदि पर खुली रहने वाली चाय की एतिहासिक दुकानें बंद थीं। हां, गांधीपार्क बस स्टैंड के सामने जरूर दो ढकेलों पर चाय बिक रही थी। आने जाने वाली बसों से उतरते यात्रियों की आवाजाही जारी थी।
विज्ञापन

ये है शहर का इतिहास
इस शहर में कुछ ठिकाने ऐसे हैं, जो रात भर गुलजार रहते थे, जिनमें गांधी नगर पार्क बस स्टैंड, मेडिकल रोड, दोदपुर, रसलगंज, रेलवे स्टेशन के बगल में पान दरीबा, ऊपरकोट जामा मस्जिद, देहली गेट चौराहे पर मुन्ना चाय वाले की दुकान, मालगोदाम पर मस्जिद के नीचे लगने वाली दुकान, मदार गेट वैश्या बाजार के बाहर चाय की दुकान, जयगंज चौकी के बगल में चाय की दुकान के अलावा चौराहा सासनी गेट, सारसौल, क्वार्सी पर रात भर दुकानें खुलती थीं। जहां अपने अपने इलाके के हिसाब से एएमयू के अलावा शहर में अलग अलग शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र और शहर के अन्य तबके के युवा व तमाम लोग रात में चाय पर चर्चा में मशगुल रहते थे। इस इतिहास में कई ऐसे बड़े नाम भी जुड़े हैं जो शहर में रहने के दौरान इन बैठकियों में सालों तक शामिल रहे हैं। अब यदा कदा शहर में आने के दौरान उस बैठकी को याद भी करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां नहीं दिख रहा नाइट लॉकडाउन का असर
शहर में जयगंज की गलियां, मानिक चौक की गलियां, रसलगंज की गलियां, ऊपरकोट की गलियां, तुर्कमान गेट की गलियां, सराय रहमान की गलियां ऐसी दिखाई दीं, जहां लोग गलियों में ही चबूतरों पर बैठे थे। उनको लॉकडाउन का असर नहीं दिख रहा था। इसी तरह बारहद्वारी के इर्द गिर्द व्यापारिक काम भी आधी रात को जारी थे और माल के लदान से लेकर अन्य तरह की आवाजाही भी दिख रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed