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बदरा बरसे जरूर, लेकिन तरसा गए
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रामघाट रोड स्थित तालानगरी में बारिश में भीगकर जाते बाइक सवार।
- फोटो : CITY OFFICE
सावन में जेठ जैसी गर्मी का एहसास कराकर शुक्रवार को तरसाने वाले बदरा बरसे जरूर, लेकिन चंद मिनट की बारिश के बाद हवाओं के बीच आसमान में वापस चले गए। हालांकि राहत भरी बारिश की इन बूंदों से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे मौसम सुहाना हो गया। लोगों ने मानसून का स्वागत भीगकर किया तो बच्चों ने खूब मस्ती की।
दिनभर अकुलाहट वाली उमस के साथ तपिश ने लोगों को खूब परेशान किया। शाम करीब छह बजे आसमान में अचानक बादल छा गए। पहले तेज हवा चली, फिर राहत की बारिश शुरू हो गई। करीब 10 मिनट बारिश हुई। उसके बाद बादल तरसा कर निकल गए। इससे लोगों को निराशा भी हुई। चंद मिनटों के लिए हुई बारिश से लोगों की हसरत पूरी नहीं हो सकी।
पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से लोग बेहद परेशान हैं। मानसून का इंतजार कर रहे किसानों की फसलें भी सूख रही हैं। धान की फसल की तैयारी कर रहे किसानों को महंगी सिंचाई करनी पड़ रही है। तमाम किसानों ने तो पानी के अभाव में फसलों के सूख जाने से उन्हें जोत डाला है। पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो रही है।
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दिनभर अकुलाहट वाली उमस के साथ तपिश ने लोगों को खूब परेशान किया। शाम करीब छह बजे आसमान में अचानक बादल छा गए। पहले तेज हवा चली, फिर राहत की बारिश शुरू हो गई। करीब 10 मिनट बारिश हुई। उसके बाद बादल तरसा कर निकल गए। इससे लोगों को निराशा भी हुई। चंद मिनटों के लिए हुई बारिश से लोगों की हसरत पूरी नहीं हो सकी।
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पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से लोग बेहद परेशान हैं। मानसून का इंतजार कर रहे किसानों की फसलें भी सूख रही हैं। धान की फसल की तैयारी कर रहे किसानों को महंगी सिंचाई करनी पड़ रही है। तमाम किसानों ने तो पानी के अभाव में फसलों के सूख जाने से उन्हें जोत डाला है। पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो रही है।
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