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विधानसभा चुनाव में पिछड़े... मेयर की दावेदारी में अगड़े
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हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए हैं। सरकार ने पांच जुलाई को अपने सौ दिन पूरे किए हैं। इसी बीच निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हालांकि, चुनाव अक्तूबर में संभावित हैं, मगर विधानसभा चुनाव में टिकट पाने में असफल रहे दावेदार अब मेयर चुनाव के लिए तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने अपने पैरोकारों और दिग्गजों के यहां चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हालांकि, सभी दलों को परिसीमन का इंतजार है।
भाजपा में अभी तक सबसे अधिक दावेदारी महिलाओं की ओर से दिखाई दे रही है। हालांकि, परिसीमन के बाद ही तय होगा कि किस वर्ग का दावेदार चुनाव लड़ेगा, मगर हर वर्ग से दावेदारों को देखा व परखा जा रहा है ताकि अंतिम समय पर किसी तरह की परेशानी न हो। इसी के साथ परिसीमन, वार्ड आरक्षण को ध्यान में रखने के साथ-साथ वोट बढ़वाने का काम शुरू होने वाला है। बूथ वार पार्टी तैयार है। भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत कहते हैं कि पार्टी में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ निकाय चुनाव की तैयारी चल रही है।
सपा में अभी तक जितने नाम चर्चाओं में हैं, वे सभी विधानसभा चुनाव में दावेदार थे। इनके स्तर से अपनी-अपनी तैयारी की जा रही है। पार्टी स्तर से वार्डवार पार्षद दावेदारों के नाम संकलित किए जा रहे हैं। साथ ही, वोटों की सुरक्षा, परिसीमन व आरक्षण पर पूरी नजर रखी जा रही है। पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक बताते हैं कि संगठन चुनाव लड़ेगा। यह तय है। उसी अनुसार हमारी तैयारी चल रही है।
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इसी तरह कांग्रेस भी चुनाव के लिए तैयार है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह कहते हैं कि हम चुनाव लड़ेंगे। कई दावेदार सामने हैं। आरक्षण लागू होने के बाद चयन प्रक्रिया शुरू होगी।
मेयर पद पर काबिज बसपा के सामने बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ इकलौता ऐसा नगर निगम है, जिसके मेयर पद पर बसपा काबिज है। मौजूदा मेयर के साथ-साथ पार्टी में कुछ अन्य नाम ऐसे हैं, जो दावेदारी में शामिल हैं, मगर बसपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी, इस सीट को बचाए रखना। पूर्व जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह कहते हैं कि चुनाव में आरक्षण किसी वर्ग का हो। हमारे पास प्रत्याशी हैं और बहुत मजबूत हैं। हमारी तैयारी जारी है।
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भाजपा में अभी तक सबसे अधिक दावेदारी महिलाओं की ओर से दिखाई दे रही है। हालांकि, परिसीमन के बाद ही तय होगा कि किस वर्ग का दावेदार चुनाव लड़ेगा, मगर हर वर्ग से दावेदारों को देखा व परखा जा रहा है ताकि अंतिम समय पर किसी तरह की परेशानी न हो। इसी के साथ परिसीमन, वार्ड आरक्षण को ध्यान में रखने के साथ-साथ वोट बढ़वाने का काम शुरू होने वाला है। बूथ वार पार्टी तैयार है। भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत कहते हैं कि पार्टी में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ निकाय चुनाव की तैयारी चल रही है।
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सपा में अभी तक जितने नाम चर्चाओं में हैं, वे सभी विधानसभा चुनाव में दावेदार थे। इनके स्तर से अपनी-अपनी तैयारी की जा रही है। पार्टी स्तर से वार्डवार पार्षद दावेदारों के नाम संकलित किए जा रहे हैं। साथ ही, वोटों की सुरक्षा, परिसीमन व आरक्षण पर पूरी नजर रखी जा रही है। पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक बताते हैं कि संगठन चुनाव लड़ेगा। यह तय है। उसी अनुसार हमारी तैयारी चल रही है।
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इसी तरह कांग्रेस भी चुनाव के लिए तैयार है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह कहते हैं कि हम चुनाव लड़ेंगे। कई दावेदार सामने हैं। आरक्षण लागू होने के बाद चयन प्रक्रिया शुरू होगी।
मेयर पद पर काबिज बसपा के सामने बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ इकलौता ऐसा नगर निगम है, जिसके मेयर पद पर बसपा काबिज है। मौजूदा मेयर के साथ-साथ पार्टी में कुछ अन्य नाम ऐसे हैं, जो दावेदारी में शामिल हैं, मगर बसपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी, इस सीट को बचाए रखना। पूर्व जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह कहते हैं कि चुनाव में आरक्षण किसी वर्ग का हो। हमारे पास प्रत्याशी हैं और बहुत मजबूत हैं। हमारी तैयारी जारी है।