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अलीगढ़ः 14 नवंबर से बजेंगी शहनाइयां, फरवरी तक है 30 मुहूर्त

Tue, 09 Nov 2021 01:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 01:45 AM IST
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Aligarh news
पंडित ह्रदय रंजन शर्मा। - फोटो : CITY OFFICE
14 नवंबर को चार माह बाद देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु जागेंगे। इसी के साथ शादी के शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे। दो वर्षों से कोरोना की मार झेल रहे सहालग कारोबारी से जुड़े लोग बेहतर कारोबार की आस लगाए बैठे हैं। हालांकि सहालग शुरू होने से पहले शादियों की बुकिंग ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना काल की भरपाई इस बार हो जाएगी। 14 नवंबर से शुरू हो रहे सहालग 20 फरवरी तक रहेंगे। पंचांग में भले ही शादी के 30 मुहूर्त हों, लेकिन 45 दिन से ऊपर शादियां होंगी। इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कोरोना काल में जो शादियां रुक गईं थीं, वह फरवरी तक के मुहूर्तों में संपन्न होंगी।
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हिंदु मान्यताओं के अनुसार 20 जुलाई 2021 को देवशयन एकादशी के अवसर पर देव शयन के लिए चले गए थे। इससे विवाह और शुभ कार्य रुक गए थे। इसके तीन महीने और 26 दिन के बाद देवोत्थान एकादशी के मौके पर अब देव फिर से जागेंगे। उनके जागने के साथ-साथ विवाह के शुभ मुहूर्त भी प्रारंभ हो जाएंगे। विगत दो वर्षों से कोरोना के कारण सरकार की बंदिशों के कारण सामूहिक रूप से विवाह कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो पा रहा था। हालांकि वर्तमान में कोरोना संक्रणण की रफ्तार कम होने के चलते इस बार शादी समारोह भव्यता से होंगे। शहर में 14 नवंबर से शादियों का दौर शुरू हो जाएगा।
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14 और 15 नवंबर को बड़ा सहालग है। ऐसे में सभी गेस्ट हाउस पहले से ही बुक हो गए हैं। बैंड बाजा संचालकों ने तीन-तीन शिफ्टों में बुकिंग ले रखी है। त्योहार गुजरने के बाद सहालग को लेकर तैयारी तेज हो गई हैं। वहीं 14 नवंबर से लेकर 20 फरवरी तक पंचांग में 30 मुहूर्त हैं। जबकि इन 30 मुहूर्तों के अलावा भी 15 दिन से अधिक शादियां हो रही हैं। इसका कारण श्री गुरू ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि यह सारे शुभ विवाह के मुहूर्त निर्णय सागर चंडू एवं ब्रजभूमि पंचांग से लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त वर कन्या की जन्म कुंडली के सूर्य गुरू व गोचर के चंद्रमा के अनुसार अलग से भी विवाह निकाले जा सकते हैं। इसलिए मुहूर्त से अधिक दिन शादियां आयोजित होंगी। सहालग कारोबार से जुड़े कारोबारी, व्यापारी और मैरिज होम संचालकों का कहना है कि कोरोना काल में जो नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई के लिए यह मौका मिल रहा है। इसीलिए इस कारोबार से जुड़े हर क्षेत्र में रौनक है। वहीं कई लोग तो ऐसे हैं, जिनके विवाह दो साल से टाल रखे थे। वह विवाह अब फरवरी तक आयोजित हो रहे हैं।
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कोरोना काल के बाद यह सहालग बाजार की कड़की दूर कर देंगे। इस बार इतनी शादियां हो रही हैं कि एक-एक दिन में दो-दो या तीन-तीन बुकिंग ले रहे हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि हालात सही बने रहें। जिससे सभी लोगों का परिवार पल सके ।
-पवन गुप्ता, मां दुर्गा बैंड, मदारगेट।
कोरोना काल के बाद इस बार का सहालग काफी अच्छा है। जनपद में इस बार धूमधाम से इतनी शादियां होंगी कि सहालग कारोबारी, व्यापारी के साथ मजदूर वर्ग को भी अच्छा काम मिलेगा। पिछले सालों में हुए नुकसान की इस बार भरपाई हो जाएगी। - प्रदीप गंगा, अध्यक्ष, टैंट व्यापारी एसोसिएशन।
कोरोना काल के बाद दीपावली के त्योहार से बाजार में रौनक है। वहीं इसके बाद शुरू हो रहे सहालग की खरीदारी भी बाजारों में शुरू हो गई है। लोगों की खरीदारी को देखते हुए लग रहा है कि इस बार के सहालग में हर कारोबार गति पकड़ेगा। -चिराग वार्ष्णेय, साड़ी विक्रेता गली गुल्लूजी।
14 को अबूझ मुहूर्त के साथ सहालग शुरू हो रहे हैं। इस बार 20 फरवरी तक 30 मुहूर्त हैं। लेकिन इससे अधिक दिन शादियां होने का कारण वर कन्या की कुंडली मिलाना है। कुंडली मिलान से मुहूर्त के अलावा भी विवाह कर सकते हैं।
-पं. हृदय रंजन शर्मा, अध्यक्ष श्री गुरू ज्योतिष शोध संस्थान।
फरवरी तक यह हैं विवाह के शुभ मुहूर्त
-अबूझ मुहूर्त
-14 नवंबर 2021 देवउत्थान एकादशी
-पांच फरवरी 2022 वसंत पंचमी
-चार मार्च 2022 फुलेरा दौज
- शुभ विवाह मुहूर्त
नवंबर 2021 : 16, 20, 21, 28, 29, 30 नवंबर।
दिसंबर 2021 : 01, 02, 07, 08, 09, 11, 12, 13 दिसंबर।
जनवरी 2022 : 20, 22, 23, 27, 29 व 30 जनवरी।
फरवरी 2022 : 04, 05, 06, 07, 10, 18, 19, 20 फरवरी।
शादी में छूट से महंगाई हो गई कम
कोरोना काल में लोगों की संख्या पर लगी बंदिशों की वजह से अतिरिक्त खर्चा इस बार के सहालग में कम हो जाएगा। यह फायदा आयोजकों को लोगों की संख्या बढ़ने के कारण हो रहा है। इसका खासा असर खाने की प्लेट पर पड़ रहा है। कोरोना काल से अब के सहालगों में खाने की प्लेट का खर्चा 40 फीसदी तक कम हो गया है।

हबीब गार्डन के मैनेजर आतिफ कमाल खान ने बताया कि कोरोना काल में लोगों की संख्या सीमित थी। जबकि मजदूरी पूरी थी। इसलिए खाने की प्लेट का खर्चा अधिक आ रहा था। लेकिन इस बार सहालग में मेहमानों की संख्या को लेकर कोई बंदिशें नहीं है। ऐसे में लोग 100-200 की जगह 400 से 600 मेहमानों के लिए खाने की व्यवस्था कर रहे हैं। ऐसे में खाने की प्लेट का खर्चा 40 प्रतिशत तक कम हो गया है। कोरोना काल में जो मजदूरी लोगों को महंगी पड़ रही थी। उसी मजदूरी पर सिर्फ खाने के रेट बढ़ रहे हैं। ऐसे में खर्चा कम होना लाजमी है। वहीं उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद शादियों की बंपर बुकिंग मिल रही है। कई लोग तो ऐसे हैं, जिनकी शादियां कोरोना की वजह से टल गई थीं। वह लोग भी इन सहालगों में शादी कर रहे हैं।

चिराग वार्ष्णेय साड़ी विक्रेता रेलवे रोड़।

चिराग वार्ष्णेय साड़ी विक्रेता रेलवे रोड़।- फोटो : CITY OFFICE

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