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अलीगढ़ः पेट्रोल को न... अब इलेक्ट्रिक वाहन है न
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दीपक शर्मा
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही पेट्रोल की कीमतें और इससे प्रभावित हो रहे दोपहिया वाहन चालकों ने अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। एक अनुमान के मुताबिक, शहर में पिछले दो-तीन सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री प्रति माह चार-पांच थी। वर्तमान में यह आंकड़ा 60 से 70 वाहन प्रति माह पहुंच चुका है। इसकी वजह इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च 10 पैसे प्रति किलोमीटर है। रखरखाव भी न के बराबर है, जबकि पेट्रोल वाहन चलाने में जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ती है।
शहर में कुछ नामी कंपनियां इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उपलब्ध करा रही हैं। त्योहारी सीजन में ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर भी दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को कुछ ई-कॉमर्स कंपनी भी उपलब्ध करा रही हैं। इन वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों का कहना है कि लंबी दूरी में न सही लेकिन दिन प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में ये दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह सक्षम हैं। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने में कम लागत आती है, जबकि रखरखाव भी न के बराबर है।
एसी लाजवाब, इंटीरियर-केबिन भी आरामदायक
अलीगढ़। नगर निगम में डेढ़ वर्ष पहले आठ इलेक्ट्रिक कारें खरीदी गई थीं। इन कारों को चलाने वाले ड्राइवर सोमबीर शर्मा कहते हैं कि इलेक्ट्रिक कार चलाने का उनका अनुभव बहुत शानदार रहा है। सबसे बड़ी बात इन कारों का रखरखाव बहुत कम है और चलाने का खर्चा भी बहुत ही कम है। एसी पेट्रोल या डीजल की कार के मुकाबले बहुत ही उच्च क्षमता के साथ काम करता है, क्योंकि इलेक्ट्रिक कार में लगा एयर कंडीशनर फ्रिज में लगे कंप्रेशर की तकनीक पर कार्य करता है। सिंगल चार्जिंग में इलेक्ट्रिक कार 100 किलोमीटर तक चलती है। नगर निगम में बने चार्जिंग प्वाइंट पर 24 मिनट में फुल चार्ज हो जाती है। कार के साथ एक चार्जर और मिलता है, जिसको घरेलू बिजली से 6 घंटे में चार्ज किया जा सकता है। इन कारों में शोर बिल्कुल नहीं होता है। अंदर का इंटीरियर और केबिन आरामदायक है।
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बदल रही दोपहिया वाहन चालकों की सोच
2018 में जब हमने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का काम शुरू किया, तब लोग जिज्ञासा से देखने आते थे। खरीदार कम थे। लेकिन अब लोग यहां पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने ही आते हैं। पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों ने लोगों की सोच में बदलाव किया है। लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों की सर्विस को लेकर हिचकिचाहट रहती है। लेकिन कंपनी से लेकर और डीलर तक के स्तर पर इनकी सर्विसिंग ऑन रोड उपलब्ध कराई जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च 10 पैसे प्रति किलोमीटर है।
- पुष्पेंद्र सिंह, हैरी मोटर्स
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन में मुख्य पार्ट्स की मोटर और बैटरी है। बैटरी की नियमित अंतराल पर सर्विस की आवश्यकता होती है, जिस तरह पेट्रोल की कीमत बढ़ रही हैं, उसको देखते हुए आने वाला समय इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का है, क्योंकि शहरी यातायात परिस्थितियों में यह बहुत अनुकूल है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की कीमत, क्षमता और रफ्तार के हिसाब से अलग-अलग है। कीमत बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन चलाने का खर्च न के बराबर है।
- विशाल अग्रवाल, हीरो इलेक्ट्रिक
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दिन-प्रतिदिन बढ़ रही पेट्रोल की कीमतें और इससे प्रभावित हो रहे दोपहिया वाहन चालकों ने अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। एक अनुमान के मुताबिक, शहर में पिछले दो-तीन सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री प्रति माह चार-पांच थी। वर्तमान में यह आंकड़ा 60 से 70 वाहन प्रति माह पहुंच चुका है। इसकी वजह इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च 10 पैसे प्रति किलोमीटर है। रखरखाव भी न के बराबर है, जबकि पेट्रोल वाहन चलाने में जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ती है।
शहर में कुछ नामी कंपनियां इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उपलब्ध करा रही हैं। त्योहारी सीजन में ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर भी दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को कुछ ई-कॉमर्स कंपनी भी उपलब्ध करा रही हैं। इन वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों का कहना है कि लंबी दूरी में न सही लेकिन दिन प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने में ये दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह सक्षम हैं। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने में कम लागत आती है, जबकि रखरखाव भी न के बराबर है।
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एसी लाजवाब, इंटीरियर-केबिन भी आरामदायक
अलीगढ़। नगर निगम में डेढ़ वर्ष पहले आठ इलेक्ट्रिक कारें खरीदी गई थीं। इन कारों को चलाने वाले ड्राइवर सोमबीर शर्मा कहते हैं कि इलेक्ट्रिक कार चलाने का उनका अनुभव बहुत शानदार रहा है। सबसे बड़ी बात इन कारों का रखरखाव बहुत कम है और चलाने का खर्चा भी बहुत ही कम है। एसी पेट्रोल या डीजल की कार के मुकाबले बहुत ही उच्च क्षमता के साथ काम करता है, क्योंकि इलेक्ट्रिक कार में लगा एयर कंडीशनर फ्रिज में लगे कंप्रेशर की तकनीक पर कार्य करता है। सिंगल चार्जिंग में इलेक्ट्रिक कार 100 किलोमीटर तक चलती है। नगर निगम में बने चार्जिंग प्वाइंट पर 24 मिनट में फुल चार्ज हो जाती है। कार के साथ एक चार्जर और मिलता है, जिसको घरेलू बिजली से 6 घंटे में चार्ज किया जा सकता है। इन कारों में शोर बिल्कुल नहीं होता है। अंदर का इंटीरियर और केबिन आरामदायक है।
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बदल रही दोपहिया वाहन चालकों की सोच
2018 में जब हमने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का काम शुरू किया, तब लोग जिज्ञासा से देखने आते थे। खरीदार कम थे। लेकिन अब लोग यहां पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने ही आते हैं। पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों ने लोगों की सोच में बदलाव किया है। लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों की सर्विस को लेकर हिचकिचाहट रहती है। लेकिन कंपनी से लेकर और डीलर तक के स्तर पर इनकी सर्विसिंग ऑन रोड उपलब्ध कराई जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च 10 पैसे प्रति किलोमीटर है।
- पुष्पेंद्र सिंह, हैरी मोटर्स
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन में मुख्य पार्ट्स की मोटर और बैटरी है। बैटरी की नियमित अंतराल पर सर्विस की आवश्यकता होती है, जिस तरह पेट्रोल की कीमत बढ़ रही हैं, उसको देखते हुए आने वाला समय इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का है, क्योंकि शहरी यातायात परिस्थितियों में यह बहुत अनुकूल है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की कीमत, क्षमता और रफ्तार के हिसाब से अलग-अलग है। कीमत बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन चलाने का खर्च न के बराबर है।
- विशाल अग्रवाल, हीरो इलेक्ट्रिक