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अलीगढ़ः लक्षण आधारित कराएं उपचार, बिना जांच न खाएं कोई दवा

Tue, 05 Oct 2021 01:12 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 01:12 AM IST
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Aligarh news
डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या का कारण जानने के लिए अमर उजाला ने जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ से बातचीत की। उन्होंने बताया कि जिले में कई इलाके डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार के लिए मुफीद बने हुए हैं । लोगों की छतों या विभिन्न मोहल्लों में टायर, कूलर, बर्तन आदि में पानी ठहर जाता है। जिससे डेंगू के मच्छरों को पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है। वहीं गंदगी, कूड़ा और जलभराव से संक्रामक रोगों का खतरा अधिक है। उन्होंने बताया कि लक्षण आधारित उपचार कराना चाहिए। बिना जांच कराए पैरासीटामोल या क्रोसिन के अलावा कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।
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डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि डेंगू में भी अलग-अलग लक्षणों के आधार पर अलग-अलग प्रकार से इलाज चलता है। उल्टी, दर्द, घबराहट के आधार पर विभिन्न प्रकार की दवाएं दी जाती हैं। वहीं बुखार आने पर मरीज सोचता है कि मैं तो तंदुरुस्त हूं। ब्रूफेन, निमेसुलाइड जैसी दवाएं खाकर ठीक हो जाएंगे। ऐसे में हालात खराब हो सकती है। सबसे पहले मरीज को अधिक से अधिक आराम करना चाहिए। तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखना चाहिए। क्योंकि जो लोग दूध, चाय, जूस या अन्य कोई तरल पदार्थों का सेवन नहीं करते हैं। उन्हें सबसे ज्यादा खतरा है। बुखार आने पर खून की जांच कराएं और सही दिशा में अपना इलाज कराएं।
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बता दें कि हरदुआगंज के सिहोर गांव में डेंगू का एक ऐसा ही केस सामने आया। एक व्यक्ति को बुखार आया। जिसने विभिन्न दवाएं खाकर नजरअंदाज कर दिया। हालात ज्यादा बिगड़ने पर खून की जांच हुई। डेंगू की पुष्टि होने के दौरान पता लगा कि विभिन्न प्रकार की दवाओं ने उनकी काफी प्लेटलेट्स गिरा दी हैं। ऐसे में जान पर बन आई।
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डेंगू की रोकथान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गठित की हैं 56 टीमें
देहात क्षेत्र के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 26, नगरीय 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 18, मलेरिया के लिए दस टीम और जनपद स्तर पर पांच टीमों का गठन किया गया है। जो स्वास्थ्य की जांच के साथ डेंगू के लार्वा आदि की जांच भी करती हैं। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को भर्ती भी कराया जाता है। जबकि हर आशा को कूलर या इकट्ठे पानी को चेक करने के लिए 200 रुपये महीने का मानदेय भी दिया जाता है।
निजी अस्पताल अथवा पैथोलॉजी में 1200 रुपये में होगी जांच
मलखान सिंह जिला अस्पताल और जेएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू की निशुल्क जांच हो रही है। इसके अलावा सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से वार्ता कर डेंगू की जांच की रकम कम करवाई है। पहले जहां दो हजार रुपये में डेंगू की जांच हो रही थी। अब 1200 रुपये में होगी।
इस तरह बच सकते हैं डेंगू से
सबसे पहले अपने घर और आसपास के क्षेत्र में पानी को जमा न होने दें। चाहे वह कोई बड़ा गड्ढा, कूलर अथवा कोई छोटी वस्तु क्यों न हो। डेंगू पांच एमएल तक जमा पानी में भी पनप सकता है। इससे बचने के लिए जला हुआ मोबिल ऑयल जमा पानी में डालना चाहिए। इससे डेंगू का मच्छर मर जाता है।

- डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, जिला मलेरिया अधिकारी।
- डेंगू का मच्छर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय ही काटता है। इस दौरान घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें। विभागीय स्तर से डेंगू की रोकथाम के लिए विभिन्न टीमें बनाकर कार्यवाही की जा रही है। -डॉ. आनंद उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी।
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