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अलीगढ़ः बड़े बैंक्विट हॉल से लेकर कैटरिंग कारोबारियों के चेहरे खिले
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जॉनी गुप्ता, इंद्र कमल गार्डन
- फोटो : CITY OFFICE
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शादियों में खुले स्थानों पर अपनी इच्छा के मुताबिक मेहमान बुलाने की प्रदेश सरकार के फैसले से फार्म हाउस और बैंक्विट हॉल संचालकों के साथ-साथ कैटरिंग कारोबारियों के चेहरे पर भी खुशी की लहर है।
यह लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नई व्यवस्था से शादी समारोह की पुरानी रंगत अब लौट आएगी। अभी तक सीमित संख्या में मेहमानों को बुलाए जाने की व्यवस्था के चलते शादी और सगाई आदि के लिए लोग होटल के सभागार व ऐसे ही सीमित स्थान वाले आयोजन स्थलों का उपयोग कर रहे थे। सीमित संख्या में मेहमान होने के चलते कैटरिंग और खाना भी सीमित लोगों का ही बनाया जा रहा था। जिससे व्यवसाय पूरी तरह नहीं चल रहा था।
अब मेहमानों को बुलाने की सीमित संख्या से पाबंदी हटने के बाद इस फैसले का असर कैटरिंग और इससे जुड़े अन्य व्यापार पर भी पढ़ने की बात की जा रही है।
क्या कहते हैं बैंक्विट हॉल संचालक
ताजा फैसले का निश्चित रूप से सकारात्मक असर पड़ेगा। गार्डन और फार्म हाउस जहां पर बड़े लॉन उपलब्ध हैं, वहां पर अब शादियां अपने पुराने अंदाज में नजर आएंगी। अभी हाल-फिलहाल तक तो लोग शादियों का इंतजाम कर चुके हैं। ताजा फैसले का पूरा असर जनवरी-फरवरी के सहालगों में देखने को मिलेगा।
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-भानु वार्ष्णेय, कलश फार्म
शादियों में मेहमानों की संख्या से पाबंदी हटने से पानी की आपूर्ति करने वाले से लेकर कैटरिंग और खाना बनाने वाले कारीगरों तक को इसका फायदा मिलेगा। शादियां अपने आप में एक बड़ा बिजनेस सेक्टर है। जिसका असर अन्य व्यापारियों पर भी जुड़ा हुआ देखने को मिलता है।
-जॉनी गुप्ता, इंद्र कमल गार्डन
बहुत लंबे समय से बड़े लॉज, गार्डन, बैंक्विट हॉल आदि बंद थे। लोग छोटी जगहों पर ही कार्यक्रम कर रहे थे। इसके अलावा आयोजन करने वाले संकोच में भी रहते थे। नई स्थिति से आयोजन करने वाले और आयोजन स्थल वाले दोनों को ही फायदा होगा। उम्मीद करते हैं धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य स्थिति में आ जाएगा।
- सचिन यादव, गौरी गार्डन
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यह लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नई व्यवस्था से शादी समारोह की पुरानी रंगत अब लौट आएगी। अभी तक सीमित संख्या में मेहमानों को बुलाए जाने की व्यवस्था के चलते शादी और सगाई आदि के लिए लोग होटल के सभागार व ऐसे ही सीमित स्थान वाले आयोजन स्थलों का उपयोग कर रहे थे। सीमित संख्या में मेहमान होने के चलते कैटरिंग और खाना भी सीमित लोगों का ही बनाया जा रहा था। जिससे व्यवसाय पूरी तरह नहीं चल रहा था।
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अब मेहमानों को बुलाने की सीमित संख्या से पाबंदी हटने के बाद इस फैसले का असर कैटरिंग और इससे जुड़े अन्य व्यापार पर भी पढ़ने की बात की जा रही है।
क्या कहते हैं बैंक्विट हॉल संचालक
ताजा फैसले का निश्चित रूप से सकारात्मक असर पड़ेगा। गार्डन और फार्म हाउस जहां पर बड़े लॉन उपलब्ध हैं, वहां पर अब शादियां अपने पुराने अंदाज में नजर आएंगी। अभी हाल-फिलहाल तक तो लोग शादियों का इंतजाम कर चुके हैं। ताजा फैसले का पूरा असर जनवरी-फरवरी के सहालगों में देखने को मिलेगा।
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-भानु वार्ष्णेय, कलश फार्म
शादियों में मेहमानों की संख्या से पाबंदी हटने से पानी की आपूर्ति करने वाले से लेकर कैटरिंग और खाना बनाने वाले कारीगरों तक को इसका फायदा मिलेगा। शादियां अपने आप में एक बड़ा बिजनेस सेक्टर है। जिसका असर अन्य व्यापारियों पर भी जुड़ा हुआ देखने को मिलता है।
-जॉनी गुप्ता, इंद्र कमल गार्डन
बहुत लंबे समय से बड़े लॉज, गार्डन, बैंक्विट हॉल आदि बंद थे। लोग छोटी जगहों पर ही कार्यक्रम कर रहे थे। इसके अलावा आयोजन करने वाले संकोच में भी रहते थे। नई स्थिति से आयोजन करने वाले और आयोजन स्थल वाले दोनों को ही फायदा होगा। उम्मीद करते हैं धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य स्थिति में आ जाएगा।
- सचिन यादव, गौरी गार्डन

भानु वार्ष्णेय, कलश फार्म- फोटो : CITY OFFICE

सचिन यादव, गौरी गार्डन- फोटो : CITY OFFICE