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रामलीला : फिर फड़केंगी राम-रावण की भुजाएं
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कोरोना काल के बाद शहर में होने वाली रामलीलाओं में फिर से राम और रावण की भुजाएं फड़केंगी। घनघोर युद्ध के बाद असत्य पर सत्य की जीत का मंचन होगा। दर्शक भी इन रामलीलाओं को देखकर भाव-विभोर होंगे। शहर में तीन स्थानों पर प्रमुख रूप से रामलीलाओं का मंचन किया जाता है। लंबे वक्त के बाद मंच मिलने पर कलाकारों में भी उत्साह है। हालांकि, दर्शकों की संख्या सीमित होने से मथुरा के श्री आदर्श रामलीला मंडल के निर्देशक स्वामी राघवेंद्र देव चतुर्वेदी कुछ मायूस हैं।
श्री रामलीला गोशाला कमेटी के उपाध्यक्ष विमल अग्रवाल ने बताया कि पांच अक्तूबर से लेकर 16 अक्तूबर तक श्रीरामलीला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला का मंचन करने वाले मंडली के निर्देशक स्वामी राघवेंद्र देव चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना काल के बाद कलाकारों को मंच मिल रहा है। इससे कलाकारों में उत्साह है। हालांकि, दर्शकों की संख्या सीमित रहेगी। इससे कुछ मायूस भी हैं, क्योंकि कलाकार अधिक से अधिक भीड़ को देखकर बेहतर मंचन करते हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार अधिक होता है। उन्होंने बताया कि सीमित संख्या में परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। अभी तक मथुरा अथवा अन्य जिले की रामलीला को अनुमति नहीं मिल रही है। रामलीला की परंपरा निर्वहन में श्री रामलीला गोशाला कमेटी के पदाधिकारियों ने अनुमति लेकर सराहनीय कार्य किया है, क्योंकि दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले रामलीला के कार्यक्रमों में शामिल होकर लोग अपने बच्चों को भारतीय परंपराओं से रूबरू कराते हैं।
वहीं, हम लोग रामलीला का मंचन कर आजीविका चलाते हैं। प्रयास रहेगा कि कोई स्थानीय टीवी चैनल अथवा सोशल मीडिया पर रामलीला मंचन का प्रसारण किया जाए, जिससे अधिक से अधिक दर्शक रामलीला का मंचन देख सकेंगे।
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नगला बरौला में आयोजित होने वाले श्री ग्यासीराम रामलीला महोत्सव के डायरेक्टर व मीडिया प्रभारी योगेश राजपूत ने बताया कि 29 सितंबर से 16 अक्तूबर तक रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। नगला तिकोना में आयोजित होने वाले रामलीला महोत्सव की आदर्श रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हरी सिंह लोधी ने बताया कि आयोजन तो कराना चाहते हैं। अभी तक अनुमति नहीं मिली है।
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श्री रामलीला गोशाला कमेटी के उपाध्यक्ष विमल अग्रवाल ने बताया कि पांच अक्तूबर से लेकर 16 अक्तूबर तक श्रीरामलीला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला का मंचन करने वाले मंडली के निर्देशक स्वामी राघवेंद्र देव चतुर्वेदी ने बताया कि कोरोना काल के बाद कलाकारों को मंच मिल रहा है। इससे कलाकारों में उत्साह है। हालांकि, दर्शकों की संख्या सीमित रहेगी। इससे कुछ मायूस भी हैं, क्योंकि कलाकार अधिक से अधिक भीड़ को देखकर बेहतर मंचन करते हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार अधिक होता है। उन्होंने बताया कि सीमित संख्या में परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। अभी तक मथुरा अथवा अन्य जिले की रामलीला को अनुमति नहीं मिल रही है। रामलीला की परंपरा निर्वहन में श्री रामलीला गोशाला कमेटी के पदाधिकारियों ने अनुमति लेकर सराहनीय कार्य किया है, क्योंकि दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले रामलीला के कार्यक्रमों में शामिल होकर लोग अपने बच्चों को भारतीय परंपराओं से रूबरू कराते हैं।
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वहीं, हम लोग रामलीला का मंचन कर आजीविका चलाते हैं। प्रयास रहेगा कि कोई स्थानीय टीवी चैनल अथवा सोशल मीडिया पर रामलीला मंचन का प्रसारण किया जाए, जिससे अधिक से अधिक दर्शक रामलीला का मंचन देख सकेंगे।
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नगला बरौला में आयोजित होने वाले श्री ग्यासीराम रामलीला महोत्सव के डायरेक्टर व मीडिया प्रभारी योगेश राजपूत ने बताया कि 29 सितंबर से 16 अक्तूबर तक रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। नगला तिकोना में आयोजित होने वाले रामलीला महोत्सव की आदर्श रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हरी सिंह लोधी ने बताया कि आयोजन तो कराना चाहते हैं। अभी तक अनुमति नहीं मिली है।