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अलीगढ़ः अजीत को भाजपा में लाने के लिए सांसद कर रहे थे प्रयास
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लोकसभा चुनाव (2019) में बसपा, सपा एवं रालोद महा गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी रहे अजीत बालियान को भाजपा में शामिल कराने की कोशिश बहुत दिन से चल रही थी। सांसद सतीश गौतम कई बार अजीत बालियान से इस संबंध में बात की थी। विधानसभा चुनाव के पहले अजीत बालियान भाजपा में शामिल होकर बसपा को झटका दे गए हैं। हालांकि, बसपा जिलाध्यक्ष का कहना कि अजीत बालियान बिना राजनीतिक हैसियत के नेता थे। उनके जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
लोकसभा चुनाव में अजीत बालियान को पराजित कर सतीश गौतम दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए। यह अलग बात है कि चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम एवं महागठबंधन के प्रत्याशी अजीत बालियान की दोस्ती चर्चा में थी। अजीत बालियान का नोएडा में बिजनेस है। अजीत बालियान का कहना है कि सतीश गौतम से पुराना परिचय है। बहुत दिनों से भाजपा में शामिल होने की बात कह रहे थे। मैं आज अपने विचार से भाजपा में आया हूं। सतीश गौतम कहते हैं कि अजीत बालियान मेरे पुराने मित्र है। उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। उनकी भावना हमेशा देश हित में होती है।
बालियान के जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला ऱ् जिलाध्यक्ष
बसपा के जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह का कहना है कि अजीत बालियान बिना हैसियत के नेता थे। मायावती ने लोकसभा प्रत्याशी बनाकर पहचान दी। चुनाव में उनको सिर्फ बसपा का परंपरागत वोट पड़ा। जाट समाज ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था। ऐसे छोटे नेताओं के जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि जनपद के किसान भाजपा से नाराज चल रहे हैं। जाट समाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए जाट नेताओं को प्रलोभन देकर भाजपा में शामिल कराया जा रहा है।
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लोकसभा चुनाव में अजीत बालियान को पराजित कर सतीश गौतम दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए। यह अलग बात है कि चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम एवं महागठबंधन के प्रत्याशी अजीत बालियान की दोस्ती चर्चा में थी। अजीत बालियान का नोएडा में बिजनेस है। अजीत बालियान का कहना है कि सतीश गौतम से पुराना परिचय है। बहुत दिनों से भाजपा में शामिल होने की बात कह रहे थे। मैं आज अपने विचार से भाजपा में आया हूं। सतीश गौतम कहते हैं कि अजीत बालियान मेरे पुराने मित्र है। उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। उनकी भावना हमेशा देश हित में होती है।
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बालियान के जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला ऱ् जिलाध्यक्ष
बसपा के जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह का कहना है कि अजीत बालियान बिना हैसियत के नेता थे। मायावती ने लोकसभा प्रत्याशी बनाकर पहचान दी। चुनाव में उनको सिर्फ बसपा का परंपरागत वोट पड़ा। जाट समाज ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया था। ऐसे छोटे नेताओं के जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि जनपद के किसान भाजपा से नाराज चल रहे हैं। जाट समाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए जाट नेताओं को प्रलोभन देकर भाजपा में शामिल कराया जा रहा है।
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