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पेट्रोल महंगा, सीएनजी की ओर दौड़, बीएस-6 वाहनों में लगा नियम का रोड़ा
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राहुल कुमार
पेट्रोल के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं। इससे हर वाहन स्वामी परेशान है। इसके चलते कार स्वामी अब सीएनजी की ओर दौड़ लगा रहे हैं। सीएनजी वर्तमान में पेट्रोल से 30 रुपये प्रति किलो सस्ती है। इसके अलावा सीएनजी संचालित वाहनों का माइलेज पेट्रोल की अपेक्षा तकरीबन दोगुना है। जिले में वर्तमान में पांच सीएनजी फिटमेंट सेंटर संचालित हैं। इनके पास पेट्रोल संचालित वाहनों के स्वामी सीएनजी किट लगवाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि बीएस-6 वाहनों के स्वामी नियम-कानूनों के रोड़े के चलते परेशान हैं। बीएस-6 वाहनों में सीएनजी किट लगाने की मान्यता न होने के चलते आरटीओ कार्यालय ने इन वाहनों में किट लगाने पर रोक लगा रखी है। एक अप्रैल 2021 से बीएस-6 वाहनों की बिक्री शुरू हुई थी। अब तक जिले में 5262 बीएस-6 कारों के पंजीकरण हो चुके हैं। इनमें पेट्रोल वर्जन वाली कारों के स्वामी सीएनजी किट लगवाने के लिए परेशान हैं। जिले में पंजीकृत/सड़क पर संचालित वाहनों की संख्या 806296 है, इनमें से अभी सिर्फ 866 वाहन ही सीएनजी पर संचालित हैं।
सीएनजी से वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण में घटौती, माइलेज में बढ़त
इंडियन ऑयल अडानी गैस कंपनी के एरिया हेड आलोक गिरी के मुताबिक सीएनजी से संचालित होने वाले वाहनों से धुएं के रूप में प्रदूषण नहीं फैलता। इसके साथ ही इससे वाहनों के माइलेज में भी बढ़ोतरी होती है। मसलन, अगर कोई कार एक लीटर पेट्रोल में 15 किलो मीटर का सफर तय करती है तो वह एक किग्रा सीएनजी से संचालित होने पर 27 किमी के करीब का सफर तय करेगी। इससे लोगों की जेब पर भी कम बोझ पड़ेगा।
10 वर्ष से अधिक पुरानी गाड़ियों में सीएनजी किट लगाने पर रोक
आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया एक वह वाहन होते हैं, जिनमें कंपनी सीएनजी किट लगाकर देती है। दूसरे वह जो सिर्फ पेट्रोल या डीजल से संचालित होते हैं। पेट्रोल संचालित वाहनों में सीएनजी किट बाहर से भी लगवा सकते हैं। अब जिले में तीन सीएनजी पंप खुल गए। ऐसे वाहन जो पेट्रोल संचालित हैं और 0-10 वर्ष तक पुराने हैं। ऐसे सभी वाहनों में सीएनजी किट लगवाई जा सकती है। 10 साल से अधिक पुराने वाहनों में सीएनजी किट नहीं फिट की जाएगी।
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365 किग्रा से शुरुआत, वर्तमान में हर दिन 15 हजार किलो सीएनजी की मांग
सीएनजी के फायदे को देखते हुए वाहन स्वामी इसकी ओर कितना आकर्षित हो रहे हैं, इसका अंदाजा सीएनजी की बिक्री से लगाया जा सकता है। जिले में पहला सीएनजी पंप मथुरा रोड स्थित पुल के पास संचालित ऋषि रावत फिलिंग स्टेशन 12 अगस्त 2020 को खुला था। इसके बाद राजकुमार फिलिंग प्वाइंट सूतमिल, खैर और जीटी रोड स्थित फल मंडी के पास एक पंप संचालित हुआ। रावत फिलिंग पर पहले दिन 364 किग्रा गैस की बिक्री हुई। वर्तमान में तीनों पंप पर मिलाकर 15 हजार किलो के करीब सीएनजी की प्रतिदिन बिक्री है। राजकुमार फिलिंग स्टेशन के संचालक विक्रांत सिंह ने बताया कि अकसर वह मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर पाते हैं।
बीएस-6 वाहन स्वामी परेशान
ईको कार है। 2021 के मार्च में पेट्रोल वर्जन खरीदी थी। लगातार पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। इसके चलते गाड़ी में सीएनजी किट लगवाने के लिए प्रयास किए। मगर, बीएस-6 में किट नहीं लग रही है। पेट्रोल पर चलाना बहुत महंगा पड़ रहा है।
- तुलाराम निवासी नहल, अतरौली
बीएस-6 कार जनवरी 2021 में खरीदी थी। पेट्रोल महंगा होने के चलते उसमें सीएनजी किट लगवानी है। मगर, किट नियमों के चलते नहीं लग पा रही है। पेट्रोल पर गाड़ी चलाना बहुत महंगा हो गया है।
- उपेंद्र कुमार निवासी हरदुआगंज
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पेट्रोल के दाम हर रोज बढ़ रहे हैं। इससे हर वाहन स्वामी परेशान है। इसके चलते कार स्वामी अब सीएनजी की ओर दौड़ लगा रहे हैं। सीएनजी वर्तमान में पेट्रोल से 30 रुपये प्रति किलो सस्ती है। इसके अलावा सीएनजी संचालित वाहनों का माइलेज पेट्रोल की अपेक्षा तकरीबन दोगुना है। जिले में वर्तमान में पांच सीएनजी फिटमेंट सेंटर संचालित हैं। इनके पास पेट्रोल संचालित वाहनों के स्वामी सीएनजी किट लगवाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि बीएस-6 वाहनों के स्वामी नियम-कानूनों के रोड़े के चलते परेशान हैं। बीएस-6 वाहनों में सीएनजी किट लगाने की मान्यता न होने के चलते आरटीओ कार्यालय ने इन वाहनों में किट लगाने पर रोक लगा रखी है। एक अप्रैल 2021 से बीएस-6 वाहनों की बिक्री शुरू हुई थी। अब तक जिले में 5262 बीएस-6 कारों के पंजीकरण हो चुके हैं। इनमें पेट्रोल वर्जन वाली कारों के स्वामी सीएनजी किट लगवाने के लिए परेशान हैं। जिले में पंजीकृत/सड़क पर संचालित वाहनों की संख्या 806296 है, इनमें से अभी सिर्फ 866 वाहन ही सीएनजी पर संचालित हैं।
सीएनजी से वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण में घटौती, माइलेज में बढ़त
इंडियन ऑयल अडानी गैस कंपनी के एरिया हेड आलोक गिरी के मुताबिक सीएनजी से संचालित होने वाले वाहनों से धुएं के रूप में प्रदूषण नहीं फैलता। इसके साथ ही इससे वाहनों के माइलेज में भी बढ़ोतरी होती है। मसलन, अगर कोई कार एक लीटर पेट्रोल में 15 किलो मीटर का सफर तय करती है तो वह एक किग्रा सीएनजी से संचालित होने पर 27 किमी के करीब का सफर तय करेगी। इससे लोगों की जेब पर भी कम बोझ पड़ेगा।
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10 वर्ष से अधिक पुरानी गाड़ियों में सीएनजी किट लगाने पर रोक
आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया एक वह वाहन होते हैं, जिनमें कंपनी सीएनजी किट लगाकर देती है। दूसरे वह जो सिर्फ पेट्रोल या डीजल से संचालित होते हैं। पेट्रोल संचालित वाहनों में सीएनजी किट बाहर से भी लगवा सकते हैं। अब जिले में तीन सीएनजी पंप खुल गए। ऐसे वाहन जो पेट्रोल संचालित हैं और 0-10 वर्ष तक पुराने हैं। ऐसे सभी वाहनों में सीएनजी किट लगवाई जा सकती है। 10 साल से अधिक पुराने वाहनों में सीएनजी किट नहीं फिट की जाएगी।
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365 किग्रा से शुरुआत, वर्तमान में हर दिन 15 हजार किलो सीएनजी की मांग
सीएनजी के फायदे को देखते हुए वाहन स्वामी इसकी ओर कितना आकर्षित हो रहे हैं, इसका अंदाजा सीएनजी की बिक्री से लगाया जा सकता है। जिले में पहला सीएनजी पंप मथुरा रोड स्थित पुल के पास संचालित ऋषि रावत फिलिंग स्टेशन 12 अगस्त 2020 को खुला था। इसके बाद राजकुमार फिलिंग प्वाइंट सूतमिल, खैर और जीटी रोड स्थित फल मंडी के पास एक पंप संचालित हुआ। रावत फिलिंग पर पहले दिन 364 किग्रा गैस की बिक्री हुई। वर्तमान में तीनों पंप पर मिलाकर 15 हजार किलो के करीब सीएनजी की प्रतिदिन बिक्री है। राजकुमार फिलिंग स्टेशन के संचालक विक्रांत सिंह ने बताया कि अकसर वह मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर पाते हैं।
बीएस-6 वाहन स्वामी परेशान
ईको कार है। 2021 के मार्च में पेट्रोल वर्जन खरीदी थी। लगातार पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। इसके चलते गाड़ी में सीएनजी किट लगवाने के लिए प्रयास किए। मगर, बीएस-6 में किट नहीं लग रही है। पेट्रोल पर चलाना बहुत महंगा पड़ रहा है।
- तुलाराम निवासी नहल, अतरौली
बीएस-6 कार जनवरी 2021 में खरीदी थी। पेट्रोल महंगा होने के चलते उसमें सीएनजी किट लगवानी है। मगर, किट नियमों के चलते नहीं लग पा रही है। पेट्रोल पर गाड़ी चलाना बहुत महंगा हो गया है।
- उपेंद्र कुमार निवासी हरदुआगंज