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पकड़ में आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि निहा खान कूड़ेदान में क्यों फेंक देती थी वैक्सीन
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जमालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पूर्व एएनएम निहा खान अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। गिरफ्तारी के बाद ही कूड़ेदान में कोविड वैक्सीन फेंकने के पीछे उनकी मंशा क्या थी? थाना सिविल लाइन थाने में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार एवं सहायक प्रतिरक्षण अधिकारी शरद गुप्ता की ओर से निहा खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
नौरंगाबाद यूपीएचसी को आवंटित वैक्सीन ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स सोसाइटी में लगाने का मामला प्रकाश में आने के बाद अचानक निहा खान की खोजबीन शुरू हो गई है। पुलिस टीम निहा खान की तलाश में कासगंज गई थी, लेकिन वह बताए गए पत्ते पर नहीं मिली। अब पुलिस की टीम एटा में तलाश करने जा रही है।
क्यों हो रही निहा खान की खोज
जमालपुर यूपीएचसी में 29 भरी हुई सिरिंज कूड़ेदान में मिली थी। जांच में संविदा पर तैनात एएनएम निहा खान दोषी पाई गई थी। वह लाभार्थियों के हाथ में सुई चुभोकर निकाल लेती थी और बिना वैक्सीन शरीर के अंदर पहुंचाए हब काटकर सिरिंज को कूड़ेदान पर फेंक देती थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद निहा खान की संविदा समाप्त कर दी गई। थाना सिविल लाइन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आखिर निहा खान बिना वैक्सीन लगाए सिरिंज क्यों कूड़ेदान में फेंक देती थी। पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी कि सिरिंज कूड़ेदान में फेंकने के पीछे उनकी मंशा क्या थी।
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नौरंगाबाद यूपीएचसी को आवंटित वैक्सीन ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स सोसाइटी में लगाने का मामला प्रकाश में आने के बाद अचानक निहा खान की खोजबीन शुरू हो गई है। पुलिस टीम निहा खान की तलाश में कासगंज गई थी, लेकिन वह बताए गए पत्ते पर नहीं मिली। अब पुलिस की टीम एटा में तलाश करने जा रही है।
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क्यों हो रही निहा खान की खोज
जमालपुर यूपीएचसी में 29 भरी हुई सिरिंज कूड़ेदान में मिली थी। जांच में संविदा पर तैनात एएनएम निहा खान दोषी पाई गई थी। वह लाभार्थियों के हाथ में सुई चुभोकर निकाल लेती थी और बिना वैक्सीन शरीर के अंदर पहुंचाए हब काटकर सिरिंज को कूड़ेदान पर फेंक देती थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद निहा खान की संविदा समाप्त कर दी गई। थाना सिविल लाइन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आखिर निहा खान बिना वैक्सीन लगाए सिरिंज क्यों कूड़ेदान में फेंक देती थी। पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी कि सिरिंज कूड़ेदान में फेंकने के पीछे उनकी मंशा क्या थी।
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