फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh news

पैर में चोट देख खाया रहम, लेकिन वही निकला ‘मरहम’

Sat, 06 Feb 2021 12:30 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
Aligarh news
बरामद हथियार। - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा
विज्ञापन

कहते हैं कि हर अपराध में अपराधी कोई न कोई सुराग छोड़ जाते हैं। होम्योपैथी डॉक्टर के अपहरण में एक अपराधी की पैर की चोट का सुराग पुलिस के लिए इस ‘जख्म’ में बड़ा ‘मरहम’ बनकर सामने आया। खास बात यह रही कि अपहरण में शामिल अपराधी अनुज को फिरौती की रकम वसूली के लिए तय स्थान पर पुलिस ने दबोच लिया था। मगर, पूछताछ के बाद उसकी बात मानकर छोड़ दिया कि उसके पैर में चोट है, वह सही बोल रहा होगा। जब डॉक्टर ने एक अपराधी के पैर में चोट की बात बताई तो फिर पुलिस का ध्यान अनुज पर गया और उसे पकड़ने के बाद पूरा गैंग हत्थे चढ़ गया। इधर, इस खुलासे पर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के समय मौजूद डॉक्टर व उनकी पत्नी ने पुलिस का आभार जताया।
ऐसे हुआ था अपहरण
एसपी सिटी के अनुसार मोहित की कासगंज निवासी गर्लफ्रेंड अलीगढ़ शहर के एक नर्सिंग होम में नौकरी करती थी। लॉकडाउन में उसकी नौकरी छूट गई तो मिलना जुलना बंद हो गया। उसने प्रेमिका को भगाकर शादी की प्लानिंग के लिए बाइकर्स गैंग के सदस्य हिमांशु उर्फ चीनी व अनुज से दो लाख रुपये उधार मांगे। मगर उन्होंने रुपये देने के बजाय अपहरण का प्लान बनाया। चीनी ने बताया कि मेरी कॉलोनी में डॉक्टर रहते हैं। वे बेहद सीधे इंसान हैं। आसानी से रुपये दे देंगे। प्लान को अंजाम देने के लिए चीनी ने अपने कासगंज निवासी दोस्त अनुकल्प व अंकित को तैयार किया। घटना वाले दिन अनुज, मोहित व अंकित सुबह आठ बजे से ही मौके पर लग गए थे। चीनी घर के पीछे से डॉक्टर की रेकी कर रहा था। डॉक्टर के घर से निकलते ही उसने लोकेशन दी और डॉक्टर को अगवा कर ले जाने के बाद भी चीनी कुछ देर कालोनी में रहा। पुलिस के आने पर कासगंज पहुंच गया।
विज्ञापन

पुलिस के डर से छोड़ा डॉक्टर
पुलिस के अनुसार, सुबह की पहली कॉल और दूसरी कॉल पर बदमाशों की लोकेशन कासगंज आई तो निजी वाहनों और सादा कपड़ों में पुलिस वहां पहुंच गई। घटना के अगले दिन 29 जनवरी को बदमाशों ने दो बॉर फिरौती के लिए कॉल किया तो दोनों बार सटीक लोकेशन के आसपास पुलिस पहुंची। चूंकि, चीनी बाइकर्स गैंग का सदस्य है और स्थानीय पुलिस को भलीभांति पहचानता है तो उसने अलीगढ़ पुलिस को पहचान लिया और साथियों को बता दिया। बस यहीं से आरोपी डरने लगे और 31 जनवरी को डॉक्टर को छोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

गाजियाबाद में लालकुआं पर पकड़ा गया था अनुज
अलीगढ़ पुलिस 30 व 31 जनवरी की रात बदमाशों के बताए ठिकाने नोएडा व गाजियाबाद में भी लगी रही। जहां बदमाशों ने फिरौती की रकम मंगाई थी। इसी बीच लालकुआं पर हापुड़ हाईवे के सहारे एक युवक पत्थरों पर बैठा दिखाई दिया। पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने अपना नाम अनुज निवासी आरएएफ रोड अलीगढ़ बताया। उसने बताया कि नोएडा में नौकरी करता है और ऑटो का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने तत्काल उसके आरएएफ के पते का सत्यापन कराया और उसके पैर में चोट देखकर उसे सत्यापन होने के बाद छोड़ दिया।
कॉल न आने पर संदेह, डॉक्टर ने किया पुख्ता
अनुज के छोड़े जाने के बाद फिरौती की रकम वसूली के लिए गाजियाबाद बुलाने की कॉल नहीं आई। पुलिस को अनुज पर संदेह हुआ। मगर डॉक्टर जब छूटकर आए और बताया कि उनको पकड़कर ले जाने वालों में एक युवक के पैर में चोट थी। इस पर बुधवार रात फिर अनुज को घर से पकड़ा गया और जब सख्ती से पूछताछ हुई तो पूरा भेद खुल गया। बाद में शुक्रवार सुबह उसके पास आते समय बाकी चार साथी भी मुठभेड़ में पकड़ लिए गए।

सभी नौसिखिये, एक पर पुराना अपराध
पकड़े गए पांच बदमाशों में से सिर्फ अनुकल्प चौहान पर कोतवाली कासगंज में पांच मुकदमे हैं। बाकी सभी का यह पहला अपराध था। चीनी बाइकर्स गैंग में सक्रिय रहता था। मगर उस पर किसी अपराध में नाम नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed