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सरकारी अस्पतालों के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र ठप
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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सुविधा जिले के तीन सरकारी अस्पतालों में ठप पड़ी है । सिर्फ 11 स्थानों पर ही जिले में यह औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं। इसके चलते सरकारी अस्पतालों में लोगों को सस्ती दवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि बंद पड़े तीनों औषधि केंद्रों का संचालन इसी माह से शुरू हो जाएगा।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना के तहत जिले में 2016-17 में 14 औषधि केंद्र खुले थे। इनमें से तीन औषधि केंद्र जिला अस्पताल, दीन दयाल अस्पताल, सीएचसी अतरौली में खोले गए थे। इन सभी को पांच-पांच साल के लिए लाइसेंस जारी हुए हैं। बीते साल जिला अस्पताल, दीन दयाल अस्पताल, सीएचसी अतरौली में खोले औषधि केंद्रों का करार किसी कारणवंश खत्म हो गया। इसके बाद अभी तक इनका दोबारा करार नहीं हो सका है। 2021 में अब इनके करार की फिर से सुगबुगाहट शुरू हुई है।
दवाओं का नहीं रहता है स्टॉक
जन औषधि केंद्रों पर आम बीमारियों की दवाओं का भी ठीक से स्टॉक नहीं रहता है। दरअसल, यह स्टॉक दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज, बनारस यूनिटों से आता है। इन चारों जगह पर थोक स्टोर हैं। जबकि केंद्र खोलने से पहले शासन का दावा था कि इन पर हर बीमारी के इलाज के लिए सस्ती दवाओं का आम आदमी के हमेशा उपलब्ध रखा जाएगा। जिला औषधि इंस्पेक्टर हेमेंद्र चौधरी ने बताया कि जल्द ही तीनों बंद केंद्रों को खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। दवाओं को लेकर भी प्रयास किया जा रहा है कि इन केंद्रों पर सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहें।
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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना के तहत जिले में 2016-17 में 14 औषधि केंद्र खुले थे। इनमें से तीन औषधि केंद्र जिला अस्पताल, दीन दयाल अस्पताल, सीएचसी अतरौली में खोले गए थे। इन सभी को पांच-पांच साल के लिए लाइसेंस जारी हुए हैं। बीते साल जिला अस्पताल, दीन दयाल अस्पताल, सीएचसी अतरौली में खोले औषधि केंद्रों का करार किसी कारणवंश खत्म हो गया। इसके बाद अभी तक इनका दोबारा करार नहीं हो सका है। 2021 में अब इनके करार की फिर से सुगबुगाहट शुरू हुई है।
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दवाओं का नहीं रहता है स्टॉक
जन औषधि केंद्रों पर आम बीमारियों की दवाओं का भी ठीक से स्टॉक नहीं रहता है। दरअसल, यह स्टॉक दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज, बनारस यूनिटों से आता है। इन चारों जगह पर थोक स्टोर हैं। जबकि केंद्र खोलने से पहले शासन का दावा था कि इन पर हर बीमारी के इलाज के लिए सस्ती दवाओं का आम आदमी के हमेशा उपलब्ध रखा जाएगा। जिला औषधि इंस्पेक्टर हेमेंद्र चौधरी ने बताया कि जल्द ही तीनों बंद केंद्रों को खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। दवाओं को लेकर भी प्रयास किया जा रहा है कि इन केंद्रों पर सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहें।
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