हाथरस की बिटिया को न्याय दिलाने के लिए वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति ने शीसियापाड़ा पर धरना दिया। साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच, एक करोड़ रुपये मुआवजा और पीड़ित परिवार को गांव से निकालकर शहर में समाज के बीच में बसाने की मांग उठाई गई। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया।
नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी ने कहा कि हाथरस की बिटिया के साथ अन्याय हुआ है। समिति को संदेह है कि प्रशासन की मिलीभगत से उसकी हत्या कर दी गई है। अंतिम संस्कार के समय परिजनों को उसके शव के दर्शन भी नहीं करने दिए गए। उन्होंने हाथरस के जिलाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की मांग की। इस अवसर पर राजीव भारती, प्रशांत वाल्मीकि, आनंद शास्त्री, जयमेश वाल्मीकि, राधेश्याम केला, मुकेश कुमार, मोनू चेतन आदि मौजूद थे।