फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh news

देवोत्थान एकादशी.. गूंज उठी शहनाई

Thu, 26 Nov 2020 12:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2020 12:24 AM IST
विज्ञापन
Aligarh news
रामघाट रोड निकट क्वार्सी थाने डांस करते बाराती। - फोटो : CITY OFFICE
उतिष्ठ उतिष्ठ गोविंद, उतिष्ठ गरुड़ध्वज...। उतिष्ठ कमलकांत, त्रलौक्यं मंगलमल कुरु...। देवोत्थान एकादशी पर बुधवार को इस मंत्र से भगवान विष्णु को उठाया गया। मंदिरों से लेकर घरों तक हर जगह एकादशी का पजन पाठ हुआ। कहीं गोविंद सहस्त्रनाम का पाठ हुआ तो भजन कीर्तन। पूजा पाठ के लिए लोगों ने गन्ना, सिंघाड़ा, सेब, अमरूद सहित अन्य मौसमी फल और सब्जियाें के साथ भोग प्रसाद लगाया।
विज्ञापन

इसी के साथ धार्मिक आयोजन और सहालग की शुरुआत भी हो गई है। पहले ही दिन सैकड़ों शादियां अनुमति के साथ तो इतनी ही संख्या में शादियां ग्रामीण आंचलों में हुई। जिनकी कोई अनुमति नहीं थी, दरअसल ये शादियां 100 लोगों से कम मेहमानों के साथ हुई थी। अब आगामी 12 दिसंबर तक ऐसी ही सहालग रहेगी।
विज्ञापन

सहालग के पहले दिन सुबह से बाजारों में भीड़ रही। ब्यूटी पार्लर, मेहंदी स्टाल, कास्मेटिक की दुकानों, गिफ्ट गैलरी, फूल माला, कपड़ा, रेडीमेड, फुटवियर, सराफा की दुकानों में जबरदस्त भीड़ रही। रेलवे रोड, आगरा रोड, सराफा बाजार, मदारगेट, दुबे का पड़ाव, रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट की दुकानों और शोरूम गुलजार रहे। दीपावली के बाद सहालग ने कारोबार को नई ऊर्जा दी है। दोपहर से ही शादियों के घरों से लेकर गेस्ट हाउस तक कामकाज जोर पकड़ने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहीं द्वार पूजन, कहीं मंदिर पूजन, कहीं बारात को जनवासे में ठहराया जाने लगा। वहीं गेस्ट हाउस में दो शिफ्टों में दावतें हुई। पहली शिफ्ट में घराती तो दूसरी में बारातियों ने व्यंजनों का आनंद लिया। इस दौरान बैंड भी गूंजे और डांस भी हुआ, लेकिन सब कुछ बहुत सीमित दायरे में दिखा। शाम से रात तक सैकड़ों दंपती परिणय सूत्र बंधन में बंधे। जिला प्रशासन के निर्देश पर थानावार ड्यूटी में लगाए गए मजिस्ट्रेट लगातार गश्त पर रहे। कई आयोजनों में सौ लोगों की बंदिश की पड़ताल भी कराई गई। अधिकांश कार्यक्रम में लोगों ने खुद ही बंदिश के अनुसार ही काम किया। जिससे अफसरों ने भी राहत की सांस ली।
दूल्हा-दुल्हन से ज्यादा ‘हाकिम’ का इंतजार..
‘द्वारचार’ से नाराज न हो जाएं सरकार...
शादी समारोह के घरों में बुधवार सुबह से ही हलचल थी। सब अपने-अपने सजने संवरने में लगे थे। कुछ जिम्मेदार लोग व्यवस्थाओं को संभाल रहे थे। इन सबके बीच कुछ घरों में कोरोना के प्रोटोकाल का ध्यान रखा गया तो कुछ ने इस ओर बिल्कुल फिक्र नहीं की। लेकिन गेस्ट हाउस संचालकों ने आयोजकों को इस बारे में बार बार आगाह कर दिया था। जिसके बाद आयोजकों को दूल्हा दुल्हन से ज्यादा मजिस्ट्रेट के औचक निरीक्षण का इंतजार हो गया।

आयोजकों की चिंता थी कि कहीं कुछ गड़बड़ हुआ तो अनुमति के लिहाज से महामारी अधिनियम का मुकदमा उन्हीं पर दर्ज होगा। इसकी याद आते ही कई जगहों पर गेस्ट हाउसों में आननफानन में कोविड-19 के प्रोटोकाल को लेकर कुछ इंतजाम किए गए। मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर मंगवाया गया तो सामाजिक दूरी का पालन भी याद दिलाया गया। आयोजकों ने अपने घर वालों को भी इसकी ताकीद की। वहीं कुछ लोगों ने अपने घर के खास लोगों को इसकी जिम्मेदारी भी सौंपी, ताकि दूल्हे के स्वागत में होने वाले ‘द्वारचार’ से पहले मजिस्ट्रेट की आवभगत में कोई कमी न रह जाए। उन्हें नियमों के अनुसार ही व्यवस्था मिले।.. और हाकिम नाराज न होने पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed