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औद्योगिक आस्थान के करीब 100 इकाईयों को नोटिस
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा औद्योगिक आस्थान में 100 से अधिक इकाइयों को नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही औद्योगिक आस्थान एवं तालानगरी में प्रदूषण जांच के लिए दो टीमों का गठन किया गया है।
अलीगढ़ के अतिरिक्त कानपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, वाराणसी, फिरोजाबाद, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ एवं सोनभद्र के औद्योगिक क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में है। व्यापक पर्यावरण प्रदूषण सूचकांक (सीईपीआई) संतोषजनक नहीं है। व्यापक पर्यावरण प्रदूषण सूचकांक औद्योगिक क्षेत्रों को संदर्भित करता है। यह वायु, जल और भूमि सहित पर्यावरण के विभिन्न स्तर का मापक है। अलीगढ़ में इसका स्कोर 64.42 है। मामला राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) में गया था। इस पर अभिकरण ने प्रदूषण का स्तर कम करने का आदेश उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया है। एनजीटी के आदेश के बाद बोर्ड के अधिकारी अपनी गर्दन बचाने में जुट गए हैं। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से इस मामले में त्वरित कदम उठाने को निर्देशित किया गया है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि औद्योगिक आस्थान की 100 से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी किया गया है। उनसे कहा गया है कि बोर्ड से संचालन के लिए सहमति पत्र प्राप्त कर लें। तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा जांच के लिए दो टीमें बनाई गई हैं, जो औद्योगिक आस्थान और तालानगरी में जांच करेगी। बोर्ड को जांच करनी है कि प्रदूषण का स्रोत क्या है। कितनी फैक्ट्रियां चल रही हैं और क्या-क्या उत्पादन हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में पानी की स्थिति क्या है। औद्योगिक आस्थान उत्पादन समिति के मंत्री दिनेश शास्त्री ने बताया कि नोटिस की जानकारी उनके पास नहीं है।
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अलीगढ़ के अतिरिक्त कानपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, वाराणसी, फिरोजाबाद, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ एवं सोनभद्र के औद्योगिक क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में है। व्यापक पर्यावरण प्रदूषण सूचकांक (सीईपीआई) संतोषजनक नहीं है। व्यापक पर्यावरण प्रदूषण सूचकांक औद्योगिक क्षेत्रों को संदर्भित करता है। यह वायु, जल और भूमि सहित पर्यावरण के विभिन्न स्तर का मापक है। अलीगढ़ में इसका स्कोर 64.42 है। मामला राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) में गया था। इस पर अभिकरण ने प्रदूषण का स्तर कम करने का आदेश उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया है। एनजीटी के आदेश के बाद बोर्ड के अधिकारी अपनी गर्दन बचाने में जुट गए हैं। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों से इस मामले में त्वरित कदम उठाने को निर्देशित किया गया है।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि औद्योगिक आस्थान की 100 से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी किया गया है। उनसे कहा गया है कि बोर्ड से संचालन के लिए सहमति पत्र प्राप्त कर लें। तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा जांच के लिए दो टीमें बनाई गई हैं, जो औद्योगिक आस्थान और तालानगरी में जांच करेगी। बोर्ड को जांच करनी है कि प्रदूषण का स्रोत क्या है। कितनी फैक्ट्रियां चल रही हैं और क्या-क्या उत्पादन हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में पानी की स्थिति क्या है। औद्योगिक आस्थान उत्पादन समिति के मंत्री दिनेश शास्त्री ने बताया कि नोटिस की जानकारी उनके पास नहीं है।
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