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अलीगढ़ः वीजा अवधि बढ़ाने के बजाय यमन के छात्र पर लगाया 50 हजार रुपये जुर्माना

Thu, 15 Jul 2021 12:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 12:42 AM IST
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Aligarh muslim university
कोरोना महामारी के चलते अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला यमन का एक छात्र पढ़ाई खत्म होने के बाद अपने देश नहीं लौट पाया। इस दौरान आवेदन किए जाने के बावजूद वीजा की अवधि तो नहीं बढ़ी उल्टे लखनऊ स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय की ओर से उस पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड और लगा दिया गया है। हालांकि भारत सरकार के आदेश के अनुसार ऐसे मामले में कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न होने का भरोसा दिया गया था।
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परास्नातक के छात्र (छात्र के आग्रह पर उसका नाम नहीं दिया जा रहा) की दलील है कि विदेश मंत्रालय के द्वारा जून 2020 में एक आदेश जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि वह लोग जो फ्लाइट न चल पाने के चलते अपने देश नहीं लौट पा रहे हैं उनकी वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी उन पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
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इसके बावजूद छात्र पर 50 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है, जबकि छात्र का यह भी कहना है कि उसने अपने वीजा अवधि के विस्तार के लिए पहले ही आवेदन कर रखा है। अपनी समस्या को लेकर छात्र बुधवार को विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय भी पहुंचा। यहां पर छात्र ने भारत सरकार द्वारा वीजा संबंधी नियमों में दी गई राहत का शासनादेश भी दिखाया। साथ ही उसके द्वारा किए गए आवेदन और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के दस्तावेज भी दिखाए। प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने कहा कि छात्र को भरोसा दिलाया गया है कि इस मामले में उसकी हर संभव मदद की जाएगी।
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अब एएमयू के पास नहीं वीजा अवधि का विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के हाथ से उनके यहां पढ़ने वाले छात्रों के वीजा अवधि के विस्तार का काम अब विदेश मंत्रालय ने अपने हाथ में ले लिया है। विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले तक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों के वीजा अवधि के विस्तार का काम विश्वविद्यालय के स्तर पर ही होता था। अब सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। इसके बाद अब विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ऑफिस से छात्र के बोनाफाइड स्टूडेंट होने का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र को छात्र द्वारा ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड कर दिया जाता है। छात्रों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उन्हें बेहद जटिल और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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