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एएमयू कोर्ट के पूर्व सदस्य की विधवा ने ससुरालियों पर लगाए आरोप
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य रहे स्व. वसीम अहमद की कुछ दिनों पहले हुई मृत्यु के बाद अब उनकी पत्नी फरह बानो ने ससुराल वालों पर अपने पति का गलत तरीके से मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने और उन्हें संपत्ति में से अलग-थलग कर देने के आरोप लगाए हैं।
इस संबंध में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के अपने अधिवक्ता फहद खान के माध्यम से ससुराल के कुछ सदस्यों को कानूनी नोटिस भेजा है। इसके माध्यम से उन्होंने मांग की है कि मृत्यु प्रमाणपत्र में उनका नाम शामिल करवाया जाए। जबकि फरह बानो के आधार कार्ड में पति के रूप में स्व. वसीम अहमद का नाम दर्ज है। उनके अधिवक्ता फहद खान का कहना है कि दिल्ली के शाहीन बाग में रहने वाली फरह बानो के पति स्व. वसीम अहमद का मृत्यु प्रमाणपत्र नगर निगम द्वारा बनना चाहिए था, लेकिन वह धनीपुर ग्राम पंचायत द्वारा बना दिया गया है। पूरे मामले की शिकायत उनके अधिवक्ता ने रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु से की है। साथ ही स्व. वसीम अहमद के बैंक खातों में लेनदेन रोकने के लिए दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट ब्रांच भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर को पत्र लिखा है।
फहद खान ने बताया कि जिस वक्त वसीम अहमद की मृत्यु हुई थी उस वक्त पर फरह बानो सऊदी अरब के एक शिक्षण संस्थान में पढ़ाती थीं और महामारी के चलते बने हालात के कारण भारत नहीं आ सकी थीं। इसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया, लेकिन अब फरह बानो ने कानून का दरवाजा खटखटाया है और इंसाफ की गुहार की है।
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इस संबंध में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के अपने अधिवक्ता फहद खान के माध्यम से ससुराल के कुछ सदस्यों को कानूनी नोटिस भेजा है। इसके माध्यम से उन्होंने मांग की है कि मृत्यु प्रमाणपत्र में उनका नाम शामिल करवाया जाए। जबकि फरह बानो के आधार कार्ड में पति के रूप में स्व. वसीम अहमद का नाम दर्ज है। उनके अधिवक्ता फहद खान का कहना है कि दिल्ली के शाहीन बाग में रहने वाली फरह बानो के पति स्व. वसीम अहमद का मृत्यु प्रमाणपत्र नगर निगम द्वारा बनना चाहिए था, लेकिन वह धनीपुर ग्राम पंचायत द्वारा बना दिया गया है। पूरे मामले की शिकायत उनके अधिवक्ता ने रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु से की है। साथ ही स्व. वसीम अहमद के बैंक खातों में लेनदेन रोकने के लिए दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट ब्रांच भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर को पत्र लिखा है।
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फहद खान ने बताया कि जिस वक्त वसीम अहमद की मृत्यु हुई थी उस वक्त पर फरह बानो सऊदी अरब के एक शिक्षण संस्थान में पढ़ाती थीं और महामारी के चलते बने हालात के कारण भारत नहीं आ सकी थीं। इसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया, लेकिन अब फरह बानो ने कानून का दरवाजा खटखटाया है और इंसाफ की गुहार की है।
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