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लघु वाद न्यायालय में एएमयू का स्टे प्रार्थना पत्र खारिज
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लघुवाद न्यायालय ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का कर वसूली न किए जाने के स्टे प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। नगर निगम एवं एएमयू के बीच के कर विवाद की अब अग्रिम सुनवाई 15 जनवरी को होगी।
नगर निगम के अधिवक्ता दिवाकर अग्रवाल ने बताया कि लघु वाद न्यायाधीश ने एएमयू के स्टे प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। 15 जनवरी को अग्रिम सुनवाई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम एवं एएमयू में कर वसूली को लेकर विवाद है। नगर निगम द्वारा खाता सीज किए जाने के बाद एएमयू उच्च न्यायालय में चला गया था।
उच्च न्यायालय द्वारा नगर निगम को 31 जनवरी तक एएमयू को छूट देने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा अलीगढ़ न्यायालय को आदेश पारित होने की तिथि से 15 दिन के अंदर स्टे के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई किए जाने का आदेश पारित किया गया था। उसी आदेश के आलोक में एएमयू की ओर से वसूली स्थगित किए किए जाने के लिए प्रार्थना की गई थी। एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि हम निचली अदालत में गए हैं। अपना पक्ष रखेंगे। जरूरत महसूस होने पर उच्च न्यायालय में जाने का भी रास्ता खुला हुआ है।
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नगर निगम के अधिवक्ता दिवाकर अग्रवाल ने बताया कि लघु वाद न्यायाधीश ने एएमयू के स्टे प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। 15 जनवरी को अग्रिम सुनवाई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम एवं एएमयू में कर वसूली को लेकर विवाद है। नगर निगम द्वारा खाता सीज किए जाने के बाद एएमयू उच्च न्यायालय में चला गया था।
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उच्च न्यायालय द्वारा नगर निगम को 31 जनवरी तक एएमयू को छूट देने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा अलीगढ़ न्यायालय को आदेश पारित होने की तिथि से 15 दिन के अंदर स्टे के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई किए जाने का आदेश पारित किया गया था। उसी आदेश के आलोक में एएमयू की ओर से वसूली स्थगित किए किए जाने के लिए प्रार्थना की गई थी। एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि हम निचली अदालत में गए हैं। अपना पक्ष रखेंगे। जरूरत महसूस होने पर उच्च न्यायालय में जाने का भी रास्ता खुला हुआ है।
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