अलीगढ़ नगर निगम: सदन में प्रतियां फाड़कर जलाईं, 20 मिनट में 916 करोड़ का बजट पास, मृत्यु प्रमाणपत्र बनेगा फ्री
पार्षदों ने बजट की प्रतियां छीन लीं और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे और शोर-शराबे के बीच मेयर ने सर्वसम्मति से बजट पास होने की घोषणा कर दी। यह सुनते ही पार्षदों ने बजट की प्रतियां फाड़ कर सदन में उछाल दीं। मंच पर भी फटी हुई प्रतियां पड़ी रहीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ नगर निगम बोर्ड की बैठक हंगामेदार रही। 20 मिनट की बैठक में पार्षदों ने सदन में बजट की प्रतियां फाड़ कर उड़ा दीं। प्रतियों को आग के हवाले कर जमकर नारेबाजी की। हंगामे के बीच ही सदन में 916 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया। राष्ट्रगान के बाद बजट सत्र की समाप्ति की घोषणा कर अफसर और मेयर सदन से निकल गए। इसके बाद पार्षद घंटों जवाहर भवन पर हंगामा करते रहे। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट को लेकर नए साल में दूसरी बार 18 जनवरी को नगर निगम की बोर्ड की बैठक जवाहर भवन में सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुई। इससे पहले बीती चार जनवरी को गलत तरीके से बजट पेश करने को लेकर हुए हंगामे के कारण बोर्ड बैठक रद्द कर दी गई थी। वरिष्ठ पार्षद कुलदीप पांडेय ने कहा कि 14 दिन बाद भी पार्षदों को कक्ष नहीं मिला। इसके अलावा उन्होंने मृत्यु प्रमाणपत्र में लगने वाले 50 रुपये के शुल्क को खत्म करने और हाउस टैक्स व सीलिंग की कार्रवाई में पार्षद को साथ नहीं लेने का मुद्दा जोरशोर से उठाया। दूसरी ओर पार्षद मो. हफीज अब्बासी ने मिट्टी बेचने का मामला उठाया।
नगर आयुक्त ने मृत्यु प्रमाण पत्र पर 50 रुपये शुल्क खत्म करने प्रस्ताव पर सहमति जाहिर की। इसके बाद उन्होंने लेखाधिकारी भरत दुबे को बजट पढ़ने का इशारा किया। लेखाधिकारी बजट पढ़ना शुरू ही किया था कि सपा पार्षद असलम नूर, भाजपा पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन व अन्य पार्षदों ने बजट की प्रतियां छीन लीं और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे और शोरशराबे के बीच 11.50 बजे मेयर ने सर्वसम्मति से बजट पास होने की घोषणा कर दी।
यह सुनते ही पार्षदों ने बजट की प्रतियां फाड़ कर सदन में उछाल दीं। मंच पर भी फटी हुई प्रतियां पड़ी रहीं। पार्षदों के हंगामे के बीच राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया। इसके बाद मेयर, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त व सहायक नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारी सदन से बाहर निकल गए। यह बात पार्षदों को खासा नागवार गुजरी और उन्होंने बजट को असंवैधानिक बताते हुए गलत तरीके से पास होना बताया। बाहर आकर बजट की प्रतियों में आग लगा दी। कुलदीप पांडेय ने कहा कि इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
माइक को लेकर झड़प, मेज पलटी
पार्षद मेयर और नगर आयुक्त के सामने माइक को लेकर भिड़ गए। पार्षद मो. हफीज, असलम नूर, योगेश सिंघल और पुष्पेंद्र सिंह जादौन समेत अन्य पार्षद माइक पर बोलने के लिए छीना-छपटी करने लगे। बजट पास होने की घोषणा होने के बाद पार्षदों ने कुर्सियों और मेज को पलट दिया। मेयर और नगर आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्षदों ने कहा कि बजट असंवैधानिक तरीके से पास हुआ है।
अफसरों ने कहा नियमानुसार पास किया बजट
अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने नगर निगम एक्ट का हवाला देते हुए बताया कि नियमानुसार बजट पास किया गया है। बजट को कार्यकारिणी के समक्ष लाना होता है, जो पहले किया जा चुका है। इस पर पार्षद कुलदीप पांडेय ने एक्ट की किताब लेकर कहा कि बताएं किस एक्ट के तहत पास बजट पास हुआ है। पार्षद संजय पंडित ने कहा कि नगर निगम सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है। लाख रुपये बकाया होने पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया जा रहा है, मगर करोड़ों रुपये का कर बकाया होने के बावजूद सरकारी विभागों और एएमयू पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
माइक लेकर पहुंची महिला पार्षद
बैठक में महिला पार्षद अंजना गुप्ता माइक लेकर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि पुरुष पार्षदों के आगे महिलाओं की आवाज सदन के उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है। इस कारण माइक लाना पड़ा। पार्षद ने अपना माइक निकालकर बोलना शुरू किया तो बाकी लोग हंसने लगे।
मृत्यु प्रमाणपत्र बनेगा निशुल्क
नगर आयुक्त विनोद कुमार ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र अब निशुल्क बनेगा। इस पर लगने वाला 50 रुपये का शुल्क नहीं लिया जाएगा। मेयर ने अपने आवास पर इसकी फाइल मंगाई। वहां पर मौजूद पार्षदों के सामने फाइल पर हस्ताक्षर कर इस व्यवस्था को लागू कर दिया।
सपा पार्षद एकजुट तो भाजपा में दिखे दो फाड़
भाजपा सरकार में ही नगर निगम बोर्ड की बैठक में भाजपाई दो फाड़ दिखे। नगर निगम के सदन में भाजपा के 48, सपा के 34, बसपा के सात और कांग्रेस के एक पार्षद हैं। बोर्ड बैठक में सपा पार्षद तो एकजुट रहे मगर भाजपा पार्षद बंट गए। दोनों बैठकों में भाजपा पार्षद आपस में ही भिड़ते रहे। बाद में भाजपा के आधे पार्षद और कुछ सपा पार्षद मेयर के आवास पर नाश्ता करते भी दिखे।
पार्षद बोले
मिट्टी खनन घोटाले को छुपाने के लिए और बजट की अनियमितताओं पर चर्चा न करने के लिए आननफानन बजट को पास करने की घोषणा की गई। यह गलत है। हम इसके पक्ष में नहीं है। - मो. हफीज अब्बासी, पार्षद।
नगर निगम के अधिकारी मनमानी पर उतारू है। हम जनता के सेवक है। उनकी गाढ़ी कमाई को इस तरह से बेकार नहीं जाने देंगे। बजट अवैध तरीके से लाया गया है। -पुष्पेंद्र सिंह जादौन, भाजपा पार्षद।
महिलाओं की आवाज नहीं उठती
सदन में महिलाओं के हक की आवाज कोई नहीं उठाता है। पुरुष पार्षद ही जनता की समस्याओं को रखते हैं। महिलाओं के बारे में कोई चर्चा नहीं होती है। -तबस्सुम अशरफी, पार्षद।
सदन में जब भी चर्चा हुई, पुरुषों ने ही माइक थामा है। महिलाओं के मुद्दों को लेकर दोनों बैठकों में कोई चर्चा नहीं हुई। इसको अधिकारी भी संज्ञान में नहीं लेते हैं। -डॉ. शबाना असलम, पार्षद।
हम जनता के सेवक हैंं, जनता के बीच रहते हैं। उनकी समस्याएं हम तक आती हैं। महिलाओं की समस्याओं को कई बार सदन में रखना चाहा, मगर ऐसा नहीं हो सका। -निलोफर जावेद, पार्षद।
बजट एक नजर में
- अनुमानित प्रारंभिक अवशेष राशि -250 करोड़ रुपये
- अनुमानित प्रस्तावित आय - 666 करोड़ रुपये
- कुल बजट-916 करोड़ रुपये लगभग
- अनुमानित प्रस्तावित व्यय-867 करोड़ रुपये
- अनुमानित अंतिम अवशेष-49 करोड़ रुपये