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अलीगढ़ : हत्या के आरोपी को उम्रकैद
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विजयगढ़ क्षेत्र के गांव आलमपुर में गांव की रंजिश में दस साल पहले हुई हत्या के आरोपी को उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-6 संजीव कुमार सिंह के न्यायालय से सुनाया गया है। साथ में जुर्माना राशि में से पीड़ित पक्ष को भी रकम देने के निर्देश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता एडीजीसी स्वर्ण लता वर्मा के अनुसार वादी गणेश दत्त शर्मा की ओर से 12 जुलाई 2011 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें आरोप था कि गांव में पुराने झगड़े में गवाही की रंजिश में नामजदों ने खेत पर मौजूद उनके भाई अश्वनी व भाभी रजनी पर हमला बोल दिया। इस हमले में फावड़े से अश्वनी पर हमले में उसकी मौत हो गई।
इस मुकदमे में विनोद कुमार, उमाशंकर व बाला उर्फ ब्रजवाला देवी को नामजद किया गया। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान विनोद कुमार की मौत हो गई, जबकि न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर महिला आरोपी ब्रजवाला को बरी कर दिया। न्यायालय ने उमाशंकर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। वहीं जुर्माने में से 22 हजार 500 रुपये पीड़ित रजनी को देने के आदेश दिए हैं।
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क्रास मुकदमे में मृतक के भाई को सजा
एडीजीसी स्वर्ण लता वर्मा के अनुसार इस हत्या के दौरान हुए झगड़े में दूसरे पक्ष से हरभेजी देवी ने मृत अश्वनी के भाई गणेशदत्त आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि नामजदों ने घटना के समय उनके बेटे विनोद व उमाशंकर को फावड़ों से मारपीट कर जख्मी किया।
हालांकि पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज नहीं किया था। न्यायालय के आदेश पर दर्ज इस मुकदमे का ट्रायल भी इसी मुकदमे के साथ चला। न्यायालय ने हमले के इस मुकदमे में आरोपी गणेश दत्त शर्मा को तीन माह सजा व दस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। साथ में गणेश दत्त के अधिवक्ता की ओर से दायर जमानत अर्जी पर जमानत पर भी रिहा किया।
दहेज हत्या में आरोपी पति को दस साल कैद
एडीजे फास्ट ट्रैक न्यायालय प्रथम अनुपम सिंह के न्यायालय से दहेज हत्या के आरोपी पति को दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार हरदुआगंज थाने में वादी विनोद कुमार की ओर से 11 फरवरी 2017 को मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें आरोप है कि वादी की बेटी कविता की शादी घटना से पांच साल पहले इमलानी के हरीशचंद्र संग हुई थी।
शादी के बाद दंपती पर दो बेटियां भी हुईं। मगर दहेज में भैंस व बाइक की मांग को लेकर उसका शुरू से उत्पीड़न जारी रहा। इसी क्रम में घटना के दिन उसकी हत्या कर फंदे पर लटकाकर सभी को आत्महत्या की सूचना दे दी।
इस खबर पर मायके पक्ष के लोग पहुंचे तो बताया कि एक सप्ताह पहले ही यह कविता को मायके से बुलाकर लाया था। तभी से धमकी दे रहा था। मामले में मुकदमे के आधार पर न्यायालय में ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान आरोपी को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए दस साल कैद व जुर्माने से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता एडीजीसी स्वर्ण लता वर्मा के अनुसार वादी गणेश दत्त शर्मा की ओर से 12 जुलाई 2011 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें आरोप था कि गांव में पुराने झगड़े में गवाही की रंजिश में नामजदों ने खेत पर मौजूद उनके भाई अश्वनी व भाभी रजनी पर हमला बोल दिया। इस हमले में फावड़े से अश्वनी पर हमले में उसकी मौत हो गई।
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इस मुकदमे में विनोद कुमार, उमाशंकर व बाला उर्फ ब्रजवाला देवी को नामजद किया गया। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान विनोद कुमार की मौत हो गई, जबकि न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर महिला आरोपी ब्रजवाला को बरी कर दिया। न्यायालय ने उमाशंकर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। वहीं जुर्माने में से 22 हजार 500 रुपये पीड़ित रजनी को देने के आदेश दिए हैं।
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क्रास मुकदमे में मृतक के भाई को सजा
एडीजीसी स्वर्ण लता वर्मा के अनुसार इस हत्या के दौरान हुए झगड़े में दूसरे पक्ष से हरभेजी देवी ने मृत अश्वनी के भाई गणेशदत्त आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि नामजदों ने घटना के समय उनके बेटे विनोद व उमाशंकर को फावड़ों से मारपीट कर जख्मी किया।
हालांकि पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज नहीं किया था। न्यायालय के आदेश पर दर्ज इस मुकदमे का ट्रायल भी इसी मुकदमे के साथ चला। न्यायालय ने हमले के इस मुकदमे में आरोपी गणेश दत्त शर्मा को तीन माह सजा व दस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। साथ में गणेश दत्त के अधिवक्ता की ओर से दायर जमानत अर्जी पर जमानत पर भी रिहा किया।
दहेज हत्या में आरोपी पति को दस साल कैद
एडीजे फास्ट ट्रैक न्यायालय प्रथम अनुपम सिंह के न्यायालय से दहेज हत्या के आरोपी पति को दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार हरदुआगंज थाने में वादी विनोद कुमार की ओर से 11 फरवरी 2017 को मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें आरोप है कि वादी की बेटी कविता की शादी घटना से पांच साल पहले इमलानी के हरीशचंद्र संग हुई थी।
शादी के बाद दंपती पर दो बेटियां भी हुईं। मगर दहेज में भैंस व बाइक की मांग को लेकर उसका शुरू से उत्पीड़न जारी रहा। इसी क्रम में घटना के दिन उसकी हत्या कर फंदे पर लटकाकर सभी को आत्महत्या की सूचना दे दी।
इस खबर पर मायके पक्ष के लोग पहुंचे तो बताया कि एक सप्ताह पहले ही यह कविता को मायके से बुलाकर लाया था। तभी से धमकी दे रहा था। मामले में मुकदमे के आधार पर न्यायालय में ट्रायल शुरू हुआ। इस दौरान आरोपी को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए दस साल कैद व जुर्माने से दंडित किया है।