फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh kwarsi road

विधानसभा में उठा क्वारसी बाईपास पर तीन मौतों का मुद्दा

Tue, 18 Feb 2020 01:48 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 01:48 AM IST
विज्ञापन
Aligarh kwarsi road
सड़क किनारे गड्डों को मिट्टी से भरती जेसीबी। - फोटो : CITY OFFICE
क्वार्सी बाईपास स्थित जाफरी ड्रेन की बौनेर माइनर में हुए कार हादसे का मामला विधानसभा में उठा। विधायक कोल अनिल पाराशर ने सोमवार को राज्यपाल के अभिवादन सत्र में यह मामला उठाते हुए कहा कि यह हादसा जिले के दस ब्लैक स्पॉटों में से एक क्वारसी चौराहे के पास हुआ है। यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। समस्या से निपटने के लिए लंबित चल रहे रिंग रोड प्रोजेक्ट पर अमल कराया जाए अथवा क्वारसी बाईपास से एटा चुंगी होते हुए 15 किमी के क्षेत्र को फोर लेन करा दिया जाए। इधर, हादसे के बाद नगर निगम भी चेत गया है। सोमवार को निगम की टीम ने माइनर की सफाई शुरू करा दी। सफाई के साथ टूटी पटरी के सुदृढ़ीकरण एवं रिहायशी इलाकों में बतौर सुरक्षा माइनर के किनारे ड्रम लगाए जाने का काम भी शुरू हो गया। वहीं, शताब्दी नगर के बाहर से अतिक्रमण हटा दिए गए हैं।
विज्ञापन

शुक्रवार सायं जाफरी ड्रेन की बौनेर माइनर में टूटी पटरी के कारण हुए कार हादसे के बाद अमर उजाला ने माइनर की सफाई न होने, पटरियां टूटी होने एवं दोनों किनारों पर सुरक्षा इंतजाम न होने का मुद्दा उठाया था। खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विधायक अनिल पाराशर ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहरी इलाके में दस ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें से एक क्वार्सी बाईपास पर है। शुक्रवार सुबह कार सवार तीन लोगों की नाले में डूबने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि अत्यधिक ट्रैफिक के कारण आई इस समस्या से निजात दिलाने के लिए उन्होंने क्वारसी बाईपास से होकर घनी आबादी वाले इलाके में 36 किमी का रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव रखा था। अगर ऐसा संभव नहीं हो तो यहां से करीब 15 किमी क्षेत्र में फोरलेन सड़क का निर्माण करा दिया जाए।
विज्ञापन

इधर, हादसे के बाद नगर निगम सक्रिय हो उठा है। सोमवार को नगर निगम की जेसीबी ने माइनर की सफाई कराई। यही नहीं सड़क किनारों तक टूटी पटरी को सुदृढ़ करने के लिए मिट्टी डालने का काम भी हुआ। माइनर से सटे इलाके शताब्दी नगर समेत अन्य स्थानों पर माइनर के किनारे रोकथाम के लिए बालू से भरे ड्रम भी लगवाए गए। हालांकि, सिंचाई विभाग बजट न होने का हवाला देते हुए इस काम से दूर रहा। एक्सईएन पवन कुमार ने बताया कि विभाग के पास इस निष्प्रायोज्य माइनर के सुदृढ़ीकरण के लिए बजट नहीं है। नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. शिवकुमार ने बताया कि बौनेर माइन पर कोई विशेष अभियान तो नहीं चला है। रुटीन में सफाई कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed