फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Jainendra was an expert in creating psychological literature, Hashmi was a big name in the drama world

अलीगढ़ : मनोवैज्ञानिक साहित्य रचने में माहिर थे जैनेंद्र तो नाटक की दुनिया का बड़ा नाम था हाशमी

Sat, 02 Jan 2021 12:23 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2021 12:23 AM IST
विज्ञापन
Aligarh: Jainendra was an expert in creating psychological literature, Hashmi was a big name in the drama world
दीपक शर्मा
विज्ञापन

अलीगढ़। गोपाल दास नीरज की पंक्तियां हैं, न जन्म कुछ न मृत्यु कुछ बस इतनी सिर्फ बात है, किसी की आंख खुल गई किसी को नींद आ गई। दो जनवरी भी अलीगढ़ के लिए कुछ ऐसी ही मिश्रित भावना लेकर आती है। अलीगढ़ के कौडियागंज में जन्मे साहित्यकार जैनेंद्र ने अपनी प्रतिभा और क्षमता से साहित्य को समृद्ध किया और अलीगढ़ को बौद्धिकता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। दूसरी ओर 2 जनवरी को नाटककार सफदर हाशमी को 1989 में हमने खो दिया। अलीगढ़ के वामपंथी समुदाय में वह बेहद लोकप्रिय थे और अलीगढ़ से उनका लगातार आना-जाना बना रहता था।
प्रसिद्ध गजलकार सुरेश कुमार कहते हैं कि कौड़ियागंज में जन्मे जैनेंद्र ने मनोवैज्ञानिक साहित्य रचने में बहुत महारत हासिल की। नए तरह की लेखन शैली और विश्लेषण ने उनकी पहचान बनाई। सुरेश कुमार कहते हैं कि अलीगढ़ की साहित्य बिरादरी की ओर से उन्हें प्यार और सम्मान मिलता रहा। वह अलीगढ़ में आयोजित होने वाले साहित्यिक कार्यक्रमों में याद किए जाते रहे। उनके पुत्र प्रदीप कुमार यहां एक प्रकाशन संस्था का भी संचालन करते थे।
विज्ञापन

दूसरी ओर सफदर हाशमी को याद करते हुए सुरेश कुमार कहते हैं कि 2 जनवरी 1989 को वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आर्ट फैकल्टी लॉज में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उसी समय यह सूचना मिली के सफदर हाशमी का उपचार के दौरान निधन हो गया है। इससे कुछ दिन पहले ही उन पर एक नाटक के मंचन के दौरान हमला किया गया था, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए थे। उनके ऊपर यह दबाव था कि वह नाटक का मंचन न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मामलों के जानकार डॉ. राहत अबरार कहते हैं कि सफदर हाशमी कला की दुनिया के एक बड़ा नाम हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में ऐसे कई वरिष्ठ शिक्षक हैं, जिनके वह रिश्तेदार थे। इस नाते से उनका विश्वविद्यालय में भी अक्सर आना-जाना होता था। वह विश्वविद्यालय में भी छात्रों में विशेष रूप से लोकप्रिय थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed