अलीगढ़ शराब कांड: आखिर कब तक चलेगा मौत का तांडव, 77 लोगों की लाश पर कहां तक पर्दा डालेगी सरकार!
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में जहरीली शराब के कारण हो रही मौतों का सिलसिला जारी है। मरने वालों की संख्या 77 तक पहुंच गई है और गांव में तीन दिनों से चूल्हा नहीं जला है। चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन लगातार कार्रवाई कर आरोपियों की धरपकड़ कर रहा है। सोमवार को पुलिस ने उस फैक्टरी का भी भंडाफोड़ कर लिया है जहां से शराब फैक्टरी में मिथाइल अल्कोहल की सप्लाई की गई थी। इससे सरकार और प्रशासन के लचर रवैये पर से भी पर्दा उठा है।
जैसे जैसे इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सरकारी तंत्र की तमाम खामियां सामने आ रही हैं और पता चल रहा है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे सरकार की कितनी बड़ी लापरवाही छिपी होती है। आइए इस घटना के कुछ पहलुओं पर नजर डालते हैं और जानने का प्रयास करते हैं कि इस हादसे में सरकार का रवैया कैसा रहा है...
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विस्तार
मिथाइल अल्कोहल की सप्लाई करने वाला कारोबारी गिरफ्तार
अलीगढ़ शराब कांड में सोमवार को बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान पता चला कि जहरीली शराब की फैक्टरी में मिथाइल अल्कोहल की सप्लाई तालानगरी की शयाई व सैनेटाइजर फैक्टरी से हुई थी। यह फैक्टरी शहर के नामचीन कारोबारी विजेंद्र कपूर की है। छापेमारी में इस फैक्टरी से 203 कंटेनर इथाइल व मिथाइल मिला है। फेक्ट्री को फिलहाल सील कर लिया गया है। मामले में कारोबारी कपूर व एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी है।
आंकड़ा पहुंचा 77, लेकिन प्रशासन डाल रहा पर्दा
अलीगढ़ में जहरीली शराब ने लगातार चौथ दिन सोमवार को भी कहर बरपाया। शराब पीने से टप्पल के बीमार लोगों की मौत का सिलसिला चौथे दिन भी जारी रहा। सोमवार को जिले में छह और लोगों की मौत हो गई। इससे पहले रविवार शाम तक पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शवों की संख्या 71 तक पहुंच गई थी। इस तरह जिले में रविवार को 15 मौत हुई थीं और आज छह।
वहीं जिला प्रशासन द्वारा अभी तक मौत के इस तांडव को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। बल्कि प्रशासन लगातार आंकड़े छिपाने में जुटा है। जिलाधिकारी ने मौतों को लेकर आधिकारिक पुष्टि करने के बजाय कहा है कि अब पोस्टमार्टम रिपोर्टों के अध्ययन के बाद ही यह तस्वीर साफ की जा सकेगी जहरीली शराब से जिले में कितनी मौत हुई हैं। फिलहाल पोस्टमार्टम कराए जा रहे हैं।
खुलेआम होती है नकली शराब की बिक्री
अलीगढ़ जहरीली शराब कांड के इस प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो चुकी है। चार लोगों ने रविवार को एडीएम प्रशासन के कार्यालय में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि खुलेआम नकली, कच्ची शराब की बिक्री होती है। 24 घंटे ठेकों से शराब की बिक्री होती है।
जहरीली शराब फैक्टरी का पर्दाफाश
अलीगढ़ में जहरीली शराब बेचकर मौत का तांडव मचाने वाला 50 हजारी नकली शराब सरगना विपिन उर्फ ओमवीर यादव को एक अन्य साथी संग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसके उस ठिकाने को भी बेपर्दा कर दिया है जहां यह शराब बनाई जा रही थी। 15 फीट ऊंचाई की बाउंड्रीवाल में कैद यह शराब फैक्टरी अकराबाद क्षेत्र के पनैठी से सटे गांव अधौन के खेतों में चल रही थी। विपिन की गिरफ्तारी के बाद देर रात एक टीम अधौन स्थित फैक्टरी पहुंच गई थी, जहां भारी मात्रा में माल बरामद किया गया था, जबकि दूसरी टीम तालानगरी की एक स्याही-सैनीटाइजर फैक्टरी में थी। वहां भी चेकिंग की जा रही थी।
आबकारी विभाग को ठहराया गया जिम्मेदार
जहरीली शराब से मौतों के लिए जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से शासन को भेजी गई संयुक्त रिपोर्ट में आबकारी को सीधे-सीधे जिम्मेदार ठहराया गया है। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ठेकों से इस तरह की शराब बिक रही है, यह बिना आबकारी की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। इधर, शासन स्तर से भी इस सच्चाई की जानकारी के लिए आईबी की टीम यहां भेजी गई है। जो जांच पड़ताल कर सीधे लखनऊ को रिपोर्ट भेज रही है। ये टीमें घटना वाले गांवों से लेकर पोस्टमार्टम तक हर एक पहलू पर जांच कर रही है। शराब के सभी चर्चित कारोबारियों की कुंडली भी जुटाई जा रही है। इनके राजनीतिक कनेक्शन, संरक्षणदाता, अधिकारियों से संबंध पर भी जांच चल रही है।
रिमांड पर लिए गए रालोद नेता अनिल चौधरी
जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल रालोद नेता अनिल चौधरी व सहयोगी ठेकेदार नरेंद्र को पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है। रिमांड मंजूर होने के बाद उन्हें पुलिस टीम पूछताछ के लिए ले गई है। इस दौरान प्रयास किया जा रहा है कि उनसे इस रैकेट के एक-एक राज उगलवाए जाएं। साथ में फरार साथियों के विषय में भी पता लगाया जा सके।
एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार अनिल चौधरी व नरेंद्र का पुलिस कस्टडी रिमांड शनिवार को ही आवेदन कर उसे तीन दिन के लिए मंजूर करा लिया गया है। यह रिमांड रविवार से शुरू हुआ है और तीनों को पुलिस टीमें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई हैं। एसपी देहात शुभम पटेल की अगुवाई में लगातार पूछताछ चल रही है। इनसे वो हर राज उगलवाने का प्रयास चल रहा है जो इस रैकेट के संबंध में है।
दो थानेदार व दो दरोगा निलंबित
जहरीली शराब कांड में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जिले के दो थानेदार व दो दरोगाओं को और निलंबित कर दिया है। इनमें लोधा के बाद टप्पल क्षेत्र में सर्वाधिक मौतों को लेकर टप्पल इंस्पेक्टर व जट्टारी चौकी प्रभारी को निलंबित किया है। वहीं जिले में मौत का तांडव मचाने वाली फैक्टरी अकराबाद क्षेत्र में संचालित होने पर वहां के एसओ व निवर्तमान चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। साथ ही एसएसपी ने साफ कहा है कि इस कांड में बिना सोये काम करने वाले और तगड़ी कार्रवाई करने वालों को बेहतर इनाम दिया जाएगा।