Aligarh News: होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में प्रवक्ता और चिकित्सकों के 71 पद... 47 पद खाली, पढ़ाई पर पड़ रहा असर
वर्ष 2019 से राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज का संचालन सरकार ने शुरू किया था। 2022 तक 125 सीटों पर प्रवेश होता रहा। 2023 में 37 सीटें घटा कर 88 पर प्रवेश कर दिया और 2024 में सीटों की संख्या प्रवेश सीटों की संख्या 75 पहुंच गई। यानी पांच साल में करीब 50 सीटें घट गई।
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अलीगढ़ मंडल के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में संसाधनों और स्टाफ की भारी कमी ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। कॉलेज में प्रवक्ताओं और चिकित्सकों के 47 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। जिसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अस्पताल की सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
विकास खंड जवां के छेरत गांव में वर्ष 2019 से राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज का संचालन सरकार ने शुरू किया था। उस समय 100 सीटों पर प्रवेश शुरू हुआ था। होम्योपैथिक का ग्राफ बढ़ने से आयुष विभाग ने सीटों की संख्या बढ़ा कर 125 कर दी। 2022 तक 125 सीटों पर प्रवेश होता रहा। मगर सर दर साल शिक्षकों की संख्या में कमी आने के कारण कालेज में अव्यवस्था फैलने लगी। विभाग ने 2023 में 37 सीटें घटा कर 88 पर प्रवेश कर दिया और 2024 में सीटों की संख्या प्रवेश सीटों की संख्या 75 पहुंच गई। यानी पांच साल में करीब 50 सीटें घट गई। शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं अस्पताल में चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को केवल ओपीडी सेवाएं ही मिल पा रही हैं।
कॉलेज के अस्पताल में 50 रोगियों को भर्ती करने की व्यवस्था होने के बावजूद, चिकित्सकों की कमी के कारण यह सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। वर्तमान में केवल बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के जरिए ही मरीजों का इलाज हो रहा है। इस स्थिति ने न केवल कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रभावित किया है, बल्कि होम्योपैथिक चिकित्सा के प्रति लोगों का भरोसा भी कमजोर हुआ है।
कालेज में प्रवक्ता की भारी कमी है। इसके के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। जल्द ही निदेशालय स्तर से तैनाती होगी।-राम आशीष यादव, प्राचार्य, राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के अनुसार शिक्षक 40 और 1 प्राचार्य कुल 41 शिक्षक पद होने चाहिए। वर्तमान में सिर्फ 8 शिक्षक, एक प्राचार्य व एक रीडर डॉ. पुनीत गौर की तैनाती है। जिसमें से डॉ. पुनीत को करीब सात साल से आयुष विश्विद्यालय गोरखपुर में सम्बद्ध हैं। प्रवक्ता के 12 पद में से नौ की तैनाती है। 12 रीडर में से एक की तैनाती है। 12 प्रोफेसर के पद होने चाहिए। मगर यहां सृजित नहीं है। प्रवक्ता डॉ. अमरीश कुमार निलम्बित चल रहे है। फार्मासिस्ट चंद्र शेखर तिवारी गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कालेज में सम्बद्ध है। कालेज में तैनात नौ प्रवक्ता में से एक डॉ. प्रियंका कौशिक ने त्याग पत्र तीन माह पहले ही दे दिया है।
कालेज में तैनात प्रवक्ता
- डॉ. दान सिंह
- डॉ. पुष्पराज
- डॉ. वेद प्रकाश
- डॉ. प्रियंका कौशिक
- डॉ. पूनम रानी
- डॉ. मधु गुप्ता
- डॉ. विष्णु शर्मा
- डॉ. सौरभ राठौर
- डॉ. शिवम कुमार
- प्राचार्य-राम आशीष यादव।
विभाग-प्रवक्ता के पद-रिक्त
- एनाटमी-2-1
- फिजोलॉजी-2-2
- मटेरियामेडिका-2-1
- आर्गनन में 2-1
- प्रैक्टिसो मेडिसिन- 2-1
हॉस्पिटल स्टाफ में 30 पदों के स्थान पर 19 तैनात
हॉस्पिटल स्टाफ में लगभग 30 पद हैं। जिसमें से 19 पर तैनाती है। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग भारत सरकार के अनुसार 8 हॉउस फिजिशियन, 2 मेडिकल ऑफिसर, 2 आवासीय चिकित्साधिकारी, 1 सर्जन, 1 बेहोशी का डॉक्टर, 1 महिला प्रसूति का डॉक्टर होना अनिवार्य है। मगर वर्तमान में 1 आवासीय चिकित्साधिकारी, 2 मेडिकल ऑफिसर, 1 हॉउस फिजिशियन की तैनाती है।