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अलीगढ़ : डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर होगा होम आइसोलेशन
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कोरोना वायरस।
- फोटो : CITY OFFICE
बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों को होम आइसोलेट किए जाने के संबंध में शासन के निर्देशों का ही जिला स्तर पर पालन होगा। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक कर मरीजों को शासन से जारी होम आइसोलेशन के नियम का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। गाइड लाइन के मुताबिक डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर ही मरीज को होम आइसोलेट किया जाएगा। साथ ही मरीज को एक शपथपत्र देना होगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन के लिए तय गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के डाक्टरों की टीम हल्के लक्षण या लक्षण रहित कोविड मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर होम आइसोलेट करना है या नहीं यह तय होगा। नियम के मुताबिक होम आइसोलेशन की मांग करने वाले मरीज के घर में दो शौचालय अवश्य होने चाहिए, जिसमें से एक शौचालय को केवल संक्रमित मरीज प्रयोग करेगा। मरीज की देखरेख को एक स्वस्थ परिजन उपलब्ध हो। उक्त तीमारदार सीएमओ कार्यालय के संपर्क में रहेगा। परिवार वालों के फोन में आरोग्य सेतु एप अनिवार्य रूप से हो। कोविड पॉजिटिव मरीजों को एक किट क्रय कर अपने पास रखनी होगी, जिसमें पल्सऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, इंफ्रारेड, मास्क, ग्लब्स, सोडियम हाइड्रोक्लोराइड सोल्यूशन एवं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वस्तुएं हों।
होम आइसोलेशन में रखे गए मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति में फील्ड स्टाफ/सर्विलांस टीम के साथ-साथ कोरोना कंट्रोल रूम के द्वारा मॉनीटरिंग की जाएगी। साथ ही रोगी का विवरण नियमित रूप से कोविड पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। ऐसे रोगी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (एचआईवी/अंग प्रत्यारोपित/कैंसर का उपचार करने वाले) कमजोर हैं। वह होम आइसोलेशन के लिए पात्र नहीं होंगे। इन सब निर्देशों का पालन करने के संबंध में मरीज को एक शपथ पत्र भरकर जमा कराना होगा। इन प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने या उपचार की जरूरत को देखते हुए मरीजों को तत्काल अस्पताल में शिफ्ट करने का अधिकार स्वास्थ्य विभाग के पास होगा। इधर, होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज के पॉजिटिव होने के 10 दिनों के पश्चात तथा पिछले तीन दिन से बुखार न आने की स्थिति में समाप्त माना जाएगा। हालांकि, अग्रिम सात दिनों तक रोगी अपने घर पर रहेगा।
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन के लिए तय गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के डाक्टरों की टीम हल्के लक्षण या लक्षण रहित कोविड मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर होम आइसोलेट करना है या नहीं यह तय होगा। नियम के मुताबिक होम आइसोलेशन की मांग करने वाले मरीज के घर में दो शौचालय अवश्य होने चाहिए, जिसमें से एक शौचालय को केवल संक्रमित मरीज प्रयोग करेगा। मरीज की देखरेख को एक स्वस्थ परिजन उपलब्ध हो। उक्त तीमारदार सीएमओ कार्यालय के संपर्क में रहेगा। परिवार वालों के फोन में आरोग्य सेतु एप अनिवार्य रूप से हो। कोविड पॉजिटिव मरीजों को एक किट क्रय कर अपने पास रखनी होगी, जिसमें पल्सऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, इंफ्रारेड, मास्क, ग्लब्स, सोडियम हाइड्रोक्लोराइड सोल्यूशन एवं प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वस्तुएं हों।
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होम आइसोलेशन में रखे गए मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति में फील्ड स्टाफ/सर्विलांस टीम के साथ-साथ कोरोना कंट्रोल रूम के द्वारा मॉनीटरिंग की जाएगी। साथ ही रोगी का विवरण नियमित रूप से कोविड पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। ऐसे रोगी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (एचआईवी/अंग प्रत्यारोपित/कैंसर का उपचार करने वाले) कमजोर हैं। वह होम आइसोलेशन के लिए पात्र नहीं होंगे। इन सब निर्देशों का पालन करने के संबंध में मरीज को एक शपथ पत्र भरकर जमा कराना होगा। इन प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने या उपचार की जरूरत को देखते हुए मरीजों को तत्काल अस्पताल में शिफ्ट करने का अधिकार स्वास्थ्य विभाग के पास होगा। इधर, होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज के पॉजिटिव होने के 10 दिनों के पश्चात तथा पिछले तीन दिन से बुखार न आने की स्थिति में समाप्त माना जाएगा। हालांकि, अग्रिम सात दिनों तक रोगी अपने घर पर रहेगा।
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