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अलीगढ़ : सीमेंट कारोबारी की हत्या पर गम और गुस्सा
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गांधी पार्क पर कपड़ा व्यापारी संजीव गुप्ता की हत्या पर कैंडल जलाकर श्रद्घांजलि देते अलीगढ़ व्या
- फोटो : CITY OFFICE
अलीगंज के प्रतिष्ठित सीमेंट कारोबारी और ट्रांसपोर्टर संदीप गुप्ता की अलीगढ़ में हत्या के बाद क्षेत्रीय लोगों में गम के साथ ही गुस्सा भी है। अलीगंज से लेकर एटा तक मंगलवार को बाजार बंद रखे गए। व्यापारियों ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की। इस दौरान संदीप गुप्ता अमर रहे के नारे गूंजे तो हत्यारों को पकड़कर फांसी की सजा दिए जाने की मांग भी बुलंद की गई। अलीगंज में दो घंटे तक कायमगंज रोड पर जाम लगाकर व्यापारियों ने धरना दिया।
अलीगढ़ में सोमवार रात घटना होने के बाद से ही अलीगंज क्षेत्र में सरगर्मियां बढ़ गई थीं। मोहल्ला चौधरी रामप्रसाद के रहने वाले संदीप का लोगों से और लोगों का उनसे लगाव और जुड़ाव था। रात के दरम्यान ही तय कर लिया गया था कि मंगलवार को बाजार नहीं खोले जाएंगे। इस पर अमल भी किया गया, जो दुकानें खोली गईं, उन्हें बंद करा दिया। कोल्डस्टोरेज के पास रास्तों पर बैरीकेडिंग लगाकर रास्ते जाम कर दिए।
लोग संदीप गुप्ता अमर रहे, हत्यारों को फांसी दो जैसे नारे बुलंद आवाज में लगा रहे थे। अलीगंज और जैथरा कस्बा में व्यापारियों ने एकत्रित होकर जुलूस निकाले। जैथरा, धुमरी, राजा का रामपुर में भी बाजार बंद रखे गए। इस बड़े घटनाक्रम को लेकर एटा शहर में भी हलचल रही। व्यापारियों ने बाजार बंद रख घंटाघर और जीटी रोड पर प्रदर्शन और नारेबाजी कर आक्रोश जाहिर किया। कारोबारी का शव आने पर व्यापारियों व नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
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तीस साल में सीमेंट कारोबार के शिखर पर पहुंचे संदीप
राजीव वर्मा, एटा। अलीगंज निवासी संदीप गुप्ता तीस साल में सीमेंट कारोबार के शिखर पर पहुंचे थे। पैतृक व्यापार कपड़े का था, जिसकी लीक से हटकर उन्होंने सीमेंट कारोबार का रास्ता चुना था। एजेंसी से सफर शुरू कर इस समय अंतराल में वह सीमेंट उद्योग के बेताज बादशाह के रूप में सामने आए।
बाबा बांकेलाल गुप्ता का कपड़े का व्यापार था, जिसे पिता रामप्रकाश गुप्ता ने भी आगे बढ़ाया। चार भाइयों में दूसरे नंबर के संदीप गुप्ता ने युवा अवस्था में ही कुछ अलग करने की ठान ली थी। इसके लिए उन्होंने सीमेंट के कारोबार का रास्ता चुना। 1990 में स्थानीय तौर पर एक सीमेंट एजेंसी ली। धीरे-धीरे कर अन्य कंपनियों की एजेंसी भी ले लीं।
इसके बाद एजेंसी से डीलर और स्टॉकिस्ट बन अन्य लोगों को सीमेंट की सप्लाई करने लगे। सिलसिला यहीं नहीं रुका, मंडल और वेस्ट व ईस्ट यूपी में भी वह सुपर स्टॉकिस्ट के रूप में लगातार आगे बढ़ते गए। इसके साथ ही उन्होंने टांसपोर्ट का कारोबार भी किया। 100 से अधिक ट्रक संचालित हैं। एटा में बन रही जवाहर तापीय परियोजना में उनके द्वारा काफी निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जा रही थी। देखते ही देखते वह अपनी मेहनत और लगन के बलबूते करोड़पति से अरबपति बन गए।
मशहूर नाम है अलीगंज का साड़ी संसार
भले ही संदीप गुप्ता के कारोबार की राह बदल गई, लेकिन उनकी पहचान पैतृक कारोबार अलीगंज के साड़ी संसार से बनी हुई थी। खासतौर से क्षेत्र में लोग पूरे ही परिवार को इस नाम से जानते हैं। वर्तमान में उनका अधिकांश कारोबार अलीगढ़ से प्रदेश भर में संचालित किया जाता था। वहीं उन्होंने अपना कार्यालय बना रखा था।
सीबीआई से कराई जाए हत्याकांड की जांच
संदीप गुप्ता हत्याकांड को लेकर व्यापारी नेताओं में रोष है। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की है। साथ ही इसे व्यापारी वर्ग की बड़ी क्षति बताया है। गोलियों से भूनकर हत्या की वारदात को वह दुस्साहसिक घटना बता रहे हैं। चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं करती है तो आंदोलन की राह पकड़ ली जाएगी।
अलीगंज में दोपहर तक जाम, शव
पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब
कस्बे के व्यापारी की मौत की सूचना पर सोमवार रात में चीख-पुकार मची। परिजन व परिचित अलीगढ़ रवाना हो गए तो सन्नाटा पसर गया, जो मंगलवार सुबह नारेबाजी के साथ टूटा। आक्रोशित लोगों ने एटा-फर्रुखाबाद मार्ग पर बैरीकेडिंग कर दोपहर तक जाम लगाया। जैसे ही कारोबारी का शव पहुंचा तो जनसैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद भारी भीड़ के बीच कस्बा के श्मशान स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया।
सोमवार रात ही कारोबारी के घर के बाहर मोहल्ला चौधरी रामप्रसाद में लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। जिसने भी खबर सुनी उसके मुंह से उफ ही निकला। घर के बाहर हर एक व्यक्ति की आंखें नम थीं। मंगलवार सुबह करीब 10.30 बजे कस्बे व क्षेत्र के लोगों ने पड़ाव व कायमगंज रोड स्थित कोल्डस्टोरेज के पास बांस-बल्ली की बैरीकेडिंग लगाकर रोड जाम कर दिया।
वहीं गांधी मूर्ति के पास कस्बे के व्यापारी धरने पर बैठ गए। माइक से संदीप गुप्ता अमर रहें और पुलिस प्रशासन मुुर्दाबाद के नारे लगाए। उनकी मांग थी कि घटना का खुलासा कर हत्यारों को जल्द पकड़ा जाए और फांसी दी जाए। पुलिस ने दोपहर करीब 1 बजे समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
दोपहर बाद जैसे ही कारोबारी का शव कस्बे में पहुंचा लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अंतिम दर्शन करने के लिए दौड़ पड़ा। कारोबारी संदीप गुप्ता के अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों की अपार भीड़ उमड़ी। उनके घर से लेकर पड़ाव व डाक बंगला तक मुख्य मार्ग पर भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी।
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अलीगढ़ में सोमवार रात घटना होने के बाद से ही अलीगंज क्षेत्र में सरगर्मियां बढ़ गई थीं। मोहल्ला चौधरी रामप्रसाद के रहने वाले संदीप का लोगों से और लोगों का उनसे लगाव और जुड़ाव था। रात के दरम्यान ही तय कर लिया गया था कि मंगलवार को बाजार नहीं खोले जाएंगे। इस पर अमल भी किया गया, जो दुकानें खोली गईं, उन्हें बंद करा दिया। कोल्डस्टोरेज के पास रास्तों पर बैरीकेडिंग लगाकर रास्ते जाम कर दिए।
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लोग संदीप गुप्ता अमर रहे, हत्यारों को फांसी दो जैसे नारे बुलंद आवाज में लगा रहे थे। अलीगंज और जैथरा कस्बा में व्यापारियों ने एकत्रित होकर जुलूस निकाले। जैथरा, धुमरी, राजा का रामपुर में भी बाजार बंद रखे गए। इस बड़े घटनाक्रम को लेकर एटा शहर में भी हलचल रही। व्यापारियों ने बाजार बंद रख घंटाघर और जीटी रोड पर प्रदर्शन और नारेबाजी कर आक्रोश जाहिर किया। कारोबारी का शव आने पर व्यापारियों व नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
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तीस साल में सीमेंट कारोबार के शिखर पर पहुंचे संदीप
राजीव वर्मा, एटा। अलीगंज निवासी संदीप गुप्ता तीस साल में सीमेंट कारोबार के शिखर पर पहुंचे थे। पैतृक व्यापार कपड़े का था, जिसकी लीक से हटकर उन्होंने सीमेंट कारोबार का रास्ता चुना था। एजेंसी से सफर शुरू कर इस समय अंतराल में वह सीमेंट उद्योग के बेताज बादशाह के रूप में सामने आए।
बाबा बांकेलाल गुप्ता का कपड़े का व्यापार था, जिसे पिता रामप्रकाश गुप्ता ने भी आगे बढ़ाया। चार भाइयों में दूसरे नंबर के संदीप गुप्ता ने युवा अवस्था में ही कुछ अलग करने की ठान ली थी। इसके लिए उन्होंने सीमेंट के कारोबार का रास्ता चुना। 1990 में स्थानीय तौर पर एक सीमेंट एजेंसी ली। धीरे-धीरे कर अन्य कंपनियों की एजेंसी भी ले लीं।
इसके बाद एजेंसी से डीलर और स्टॉकिस्ट बन अन्य लोगों को सीमेंट की सप्लाई करने लगे। सिलसिला यहीं नहीं रुका, मंडल और वेस्ट व ईस्ट यूपी में भी वह सुपर स्टॉकिस्ट के रूप में लगातार आगे बढ़ते गए। इसके साथ ही उन्होंने टांसपोर्ट का कारोबार भी किया। 100 से अधिक ट्रक संचालित हैं। एटा में बन रही जवाहर तापीय परियोजना में उनके द्वारा काफी निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जा रही थी। देखते ही देखते वह अपनी मेहनत और लगन के बलबूते करोड़पति से अरबपति बन गए।
मशहूर नाम है अलीगंज का साड़ी संसार
भले ही संदीप गुप्ता के कारोबार की राह बदल गई, लेकिन उनकी पहचान पैतृक कारोबार अलीगंज के साड़ी संसार से बनी हुई थी। खासतौर से क्षेत्र में लोग पूरे ही परिवार को इस नाम से जानते हैं। वर्तमान में उनका अधिकांश कारोबार अलीगढ़ से प्रदेश भर में संचालित किया जाता था। वहीं उन्होंने अपना कार्यालय बना रखा था।
सीबीआई से कराई जाए हत्याकांड की जांच
संदीप गुप्ता हत्याकांड को लेकर व्यापारी नेताओं में रोष है। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की है। साथ ही इसे व्यापारी वर्ग की बड़ी क्षति बताया है। गोलियों से भूनकर हत्या की वारदात को वह दुस्साहसिक घटना बता रहे हैं। चेतावनी भी दी है कि यदि सरकार जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं करती है तो आंदोलन की राह पकड़ ली जाएगी।
अलीगंज में दोपहर तक जाम, शव
पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब
कस्बे के व्यापारी की मौत की सूचना पर सोमवार रात में चीख-पुकार मची। परिजन व परिचित अलीगढ़ रवाना हो गए तो सन्नाटा पसर गया, जो मंगलवार सुबह नारेबाजी के साथ टूटा। आक्रोशित लोगों ने एटा-फर्रुखाबाद मार्ग पर बैरीकेडिंग कर दोपहर तक जाम लगाया। जैसे ही कारोबारी का शव पहुंचा तो जनसैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद भारी भीड़ के बीच कस्बा के श्मशान स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया।
सोमवार रात ही कारोबारी के घर के बाहर मोहल्ला चौधरी रामप्रसाद में लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। जिसने भी खबर सुनी उसके मुंह से उफ ही निकला। घर के बाहर हर एक व्यक्ति की आंखें नम थीं। मंगलवार सुबह करीब 10.30 बजे कस्बे व क्षेत्र के लोगों ने पड़ाव व कायमगंज रोड स्थित कोल्डस्टोरेज के पास बांस-बल्ली की बैरीकेडिंग लगाकर रोड जाम कर दिया।
वहीं गांधी मूर्ति के पास कस्बे के व्यापारी धरने पर बैठ गए। माइक से संदीप गुप्ता अमर रहें और पुलिस प्रशासन मुुर्दाबाद के नारे लगाए। उनकी मांग थी कि घटना का खुलासा कर हत्यारों को जल्द पकड़ा जाए और फांसी दी जाए। पुलिस ने दोपहर करीब 1 बजे समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
दोपहर बाद जैसे ही कारोबारी का शव कस्बे में पहुंचा लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अंतिम दर्शन करने के लिए दौड़ पड़ा। कारोबारी संदीप गुप्ता के अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों की अपार भीड़ उमड़ी। उनके घर से लेकर पड़ाव व डाक बंगला तक मुख्य मार्ग पर भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी।