Aligarh: कुर्बानी के लिए 1326 किमी दूर कोलकाता जाएंगे बकरे, वजन से तय होती है कीमत, 550-725 प्रति किलो
तोतापरी प्रजाति सबसे महंगी है। सिरोही, बरबरी और जमुना पारी की प्रजाति के भी अच्छे भाव मिल रहे हैं। 50 से 55 किलो के बकरे तकरीबन 45 हजार रुपये तक बिकते हैं। वजन के अनुसार कीमत लगभग 550 रुपये से शुरु होकर 725 रुपये किलो तक जाती है।
विस्तार
अलीगढ़ में पले-बढ़े बकरे इस बार कुर्बानी के लिए 1326 किमी दूर कोलकाता तक भेजे जाएंगे। बकरीद के लिए वहां सजने वाले बाजारों में इनकी मुंह मांगी कीमत मिलने से व्यापारियों ने इतना लंबा सफर तय करने का फैसला किया है। 10 से 11 मई के बीच इनको भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा दिल्ली, बुलंदशहर, नोएडा और गुरुग्राम तक बकरे भेजे जाएंगे, क्योंकि अलीगढ़ के मुकाबले इन शहरों में बकरों की अच्छी कीमतें मिल जाती हैं। कोलकाता पहुंचने में दो से तीन दिन तो एनसीआर में एक दिन में पहुंच जाएंगे।
खैर के व्यापारी राशिद ने बताया कि कोलकाता से बकरों की मांग है, इसलिए वहां ले जा रहे हैं। वहां अच्छी कीमत मिलेगी। तोतापरी प्रजाति सबसे महंगी है। सिरोही, बरबरी और जमुना पारी की प्रजाति के भी अच्छे भाव मिल रहे हैं। 50 से 55 किलो के बकरे तकरीबन 45 हजार रुपये तक बिकते हैं। वजन के अनुसार कीमत लगभग 550 रुपये से शुरु होकर 725 रुपये किलो तक जाती है। कोलकाता के अलावा जयपुर और मुंबई तक बकरे भेजे जाते हैं।
गौर हो कि खैर तहसील के जमनका, अमरगढ़ी, जरैरा, रामनगर, गंगई और रामपुर सहित कई गांवों में ग्रामीण राजस्थान से छोटे बकरे लाकर पालते हैं। झिरका फिरोजपुर और वृंदावन के कुछ हिस्सों से भी इनको यहां लाया जाता है। उस वक्त इनकी कीमत 5000 रुपये तक होती है। इसके अलावा स्थानीय बकरे भी होते हैं। ग्रामीण इन्हें पालकर 12 से 25 हजार रुपये तक बेचते हैं। इन्हीं ग्रामीणों से खरीद कर बकरों को बकरीद के मौके पर दूसरे शहरों तक भेजा जा रहा है। जहां इनकी कीमत 15 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक हो जाती है।
बीते कुछ वर्षों से प्रदेश सरकार की योजनाओं से बकरी-बकरा पालन को बढ़ावा मिला है। वर्तमान में जिले में लगभग सवा लाख के करीब बकरी-बकरे हैं। इनमें तोतापरी, सिरोही, बरबरी और जमुना पारी प्रजाति शामिल है।-डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।