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अलीगढ़ : फर्जी शिक्षिका राधा को भेजा गया जेल
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पुलिस गिरफ्त में फर्जी शिक्षिका।
- फोटो : CITY OFFICE
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय विजयगढ़ में संध्या द्विवेदी के नाम पर नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका राधा को शनिवार को जेल भेज दिया गया। उसे पुलिस ने शुक्रवार को विद्यालय के पास गिरफ्तार किया था।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में महागमा, मैनपुरी निवासी राधा ने संध्या द्विवेदी के नाम व डिग्री से फर्जी तरीके से शिक्षिका की नौकरी हासिल कर ली थी। शैक्षिक व आधार कार्ड के सत्यापन के बाद फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया। होली की छुट्टी में राधा अपने घर गई थी, लेकिन विद्यालय खुलने के बाद वह नहीं आई है। इसी बीच उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उसकी तलाश में पुलिस ने उसके गांव में दबिश भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 17 जुलाई की शाम चार बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी शिक्षिका विद्यालय के पास है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम राधा बताया। शनिवार को थाना विजयगढ़ के एसआई दुर्वेश सिकरवार ने फर्जी शिक्षिका राधा को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के डर से राधा हो गई कमजोर
फर्जी शिक्षिका राधा गिरफ्तारी के डर से कमजोर हो गई। नौ महीने पहले जब वह विद्यालय में नौकरी करने आई थी, तब उसका स्वास्थ्य ठीक था, लेकिन अब वह कमजोर दिख रही है। वार्डन स्नेहा सिंह ने बताया कि पहले की अपेक्षा राधा कमजोर है। वार्डन ने कहा कि पढ़ाने व हाजिरी लगाने में कभी उसे परेशानी नहीं हुई। मुमकिन है कि राधा को इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया हो। फीड बैक अच्छा होने के चलते उसके फर्जी होने पर कभी संदेह नहीं हुआ।
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आखिर कौन है संध्या
विद्यालय में संध्या द्विवेदी के नाम से नौकरी करने वाली राधा की गिरफ्तारी के बाद अब सवाल उठने लगा है कि आखिर संध्या द्विवेदी कौन और कहां है। इस बारे में पता लगना बाकी है। दरअसल, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में अनामिका शुक्ला के नाम व डिग्री से नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका बबली यादव की गिरफ्तारी और गोंडा जिले में अनामिका शुक्ला के सामने आने से यह तस्वीर साफ हो गई थी कि दोनों अलग-अलग हैं।
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कस्तूरबा गांधी विद्यालय में महागमा, मैनपुरी निवासी राधा ने संध्या द्विवेदी के नाम व डिग्री से फर्जी तरीके से शिक्षिका की नौकरी हासिल कर ली थी। शैक्षिक व आधार कार्ड के सत्यापन के बाद फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया। होली की छुट्टी में राधा अपने घर गई थी, लेकिन विद्यालय खुलने के बाद वह नहीं आई है। इसी बीच उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उसकी तलाश में पुलिस ने उसके गांव में दबिश भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 17 जुलाई की शाम चार बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी शिक्षिका विद्यालय के पास है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम राधा बताया। शनिवार को थाना विजयगढ़ के एसआई दुर्वेश सिकरवार ने फर्जी शिक्षिका राधा को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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गिरफ्तारी के डर से राधा हो गई कमजोर
फर्जी शिक्षिका राधा गिरफ्तारी के डर से कमजोर हो गई। नौ महीने पहले जब वह विद्यालय में नौकरी करने आई थी, तब उसका स्वास्थ्य ठीक था, लेकिन अब वह कमजोर दिख रही है। वार्डन स्नेहा सिंह ने बताया कि पहले की अपेक्षा राधा कमजोर है। वार्डन ने कहा कि पढ़ाने व हाजिरी लगाने में कभी उसे परेशानी नहीं हुई। मुमकिन है कि राधा को इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया हो। फीड बैक अच्छा होने के चलते उसके फर्जी होने पर कभी संदेह नहीं हुआ।
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आखिर कौन है संध्या
विद्यालय में संध्या द्विवेदी के नाम से नौकरी करने वाली राधा की गिरफ्तारी के बाद अब सवाल उठने लगा है कि आखिर संध्या द्विवेदी कौन और कहां है। इस बारे में पता लगना बाकी है। दरअसल, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में अनामिका शुक्ला के नाम व डिग्री से नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका बबली यादव की गिरफ्तारी और गोंडा जिले में अनामिका शुक्ला के सामने आने से यह तस्वीर साफ हो गई थी कि दोनों अलग-अलग हैं।