Aligarh: नुमाइश मैदान में बनेगा स्थायी हेलीपैड, कोहिनूर मंच के सामने की जगह होगी पक्की, रास्ते होंगे चौड़े
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बारिश के बाद बनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अलीगढ़ जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। नए निर्माण से न केवल मैदान की उपयोगिता बढ़ेगी बल्कि आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
विस्तार
मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान मौसम के कारण उत्पन्न हुई बाधा को देखते हुए प्रशासन ने नुमाइश मैदान को नए सिरे से विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मैदान में एक स्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही कोहिनूर मंच के सामने का फर्श पक्का किया जाएगा। पूरे नुमाइश मैदान का पुनर्गठन (रीस्ट्रक्चरिंग) किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मंगलवार के कार्यक्रम में बारिश के बाद बनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। नए निर्माण से न केवल मैदान की उपयोगिता बढ़ेगी बल्कि आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
अलीगढ़ का एतिहासिक नुमाइश मैदान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेताओं की जनसभाओं का गवाह रहा है। पूर्व प्रधानमंत्रियों जैसे इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी तक यहां आ चुके हैं। शहर में और कोई इतना बड़ा स्थान नहीं है। नुमाइश के दो महीने के आयोजन को छोड़कर यह मैदान लगभग 10 महीने खाली रहता है। अब प्रशासन ने इसकी पूरी क्षमता का उपयोग करने की योजना बनाई है।
अक्सर बड़ी जनसभाएं कोहिनूर मंच के पास होती हैं। यहां बारिश होने पर दलदल जैसी स्थिति बन जाती है। इस समस्या को हल करने के लिए 10,000 वर्गमीटर के क्षेत्र में जमीन से कुछ फीट ऊपर चार इंच मोटी आरसीसी की परत बिछाई जाएगी ताकि किसी भी मौसम में इसका उपयोग किया जा सके। साथ ही कोहिनूर मंच को भी हटाकर स्थान को और बड़ा किया जा सकता है। मुक्ताकाश मंच का स्थान भी बदला जा सकता है। कृष्णांजलि नाट्यशाला को नया रूप दिया जाएगा।
नुमाइश मैदान में लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए उसके स्ट्रक्चर को लेकर योजना बनाई जा रही है। स्थायी हेलीपैड बनाने और सतह को पक्का करने से लोगों को सुविधा होगी। आयोजन और बेहतर तरीके से किए जा सकेंगे। यहां पर आने वाले लोगों को नया अनुभव मिलेगा। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी
नुमाइश के रास्तों की चौड़ाई बढ़ेगी
पिछले 60 वर्षों से नुमाइश के रास्ते वही हैं, जबकि इस दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या में 20 गुना तक वृद्धि हुई है। नुमाइश प्रशासन जर्जर हो चुकी दुकानों को भी नए सिरे से बनाने पर विचार कर रहा है। यह निर्णय लिया गया है कि दुकानों को दोनों तरफ पांच-पांच फीट जगह छोड़कर बनाया जाए जिससे अंदर के रास्ते चौड़े और बेहतर होंगे।
एजेंसी को सौंपा जा सकता है लाल ताल
एक महत्वपूर्ण कदम के तहत लाल ताल को पूरे साल मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए किसी एजेंसी को दिया जा सकता है। लाल ताल को एजेंसी को देने से इसका रखरखाव होगा और यह लोगों के लिए एक आकर्षण का केंद्र होगा। नुमाइश प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि पूरे वर्ष इसको एक एजेंसी को ही दिया जाए। नुमाइश की अवधि में इसका शुल्क बढ़ा दिया जाए।