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NGT: अलीगढ़ के डीएम, डीआरएम एनजीटी में छह फरवरी को तलब, यह है मामला

Sun, 03 Dec 2023 05:18 AM IST
चमन शर्मा रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 03 Dec 2023 05:18 AM IST
सार

अलीगढ़ के कासिमपुर के आस-पास तीन सीमेंट इकाइयां हैं। इन तीनों इकाइयों की जुलाई 2022 में शिकायत हुई थी। ग्रामीणों ने शिकायत की थी यहां पर राख उड़ती है और पानी का अति दोहन हो रहा है। इनसे निकलने वाला पानी फसलों को बर्बाद कर रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जेके सीमेंट की जांच की थी। जिमसें वायु प्रदूषण अधिक मिला था।

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Aligarh DM, DRM summoned in NGT on February 6
एनजीटी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सीमेंट इकाईयों मे बढ़ते वायु एवं जल प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने जिला मजिस्ट्रेट, मंडल रेल प्रबंधक उत्तर-मध्य क्षेत्र, यूपीपीसीबी सदस्य, मैसर्स मंगलम सीमेंट सीडीएफ और पीएंडपी एक्सिम प्रालि. सूत मिल चौराहा को छह फरवरी 2024 को तलब किया है। 

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एनजीटी ने साफ किया है कि नियत तारीख पर अनुपस्थित रहने की दशा में सुनवाई एवं निर्णय लिया जाएगा। कासिमपुर के आस-पास तीन सीमेंट इकाइयां हैं। इन तीनों इकाइयों की जुलाई 2022 में शिकायत हुई थी। ग्रामीणों ने शिकायत की थी यहां पर राख उड़ती है और पानी का अति दोहन हो रहा है। इनसे निकलने वाला पानी फसलों को बर्बाद कर रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जेके सीमेंट की जांच की थी। जिमसें वायु प्रदूषण अधिक मिला था। मानक के विपरीत उत्पादन होने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 20 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की संस्तुति की थी। अल्ट्राटेक, जेके सीमेंट एवं मंगलम सीमेंट में एक्यूआई 300 माइक्रो ग्राम घनमीटर से अधिक मिला था।
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पांच मार्च  2023 को एनजीटी के अफसरों की टीम ने कासिमपुर एवं जवां क्षेत्र में संचालित तीनों सीमेंट इकाइयों का भौतिक सत्यापन किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के अफसरों को उत्पादन यूनिट से लेकर साइड तक में खामियां मिली। जिस पर जेके सीमेंट पर 20 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की संस्तुति की थी। तीनों इकाइयों में एक्यूआई मानक से अधिक मिला था। इस मामले में एनजीटी ने फरीदकोट हाउस नई दिल्ली में सुनवाई एवं जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट, मंडल रेल प्रबंधक, यूपीपीसीबी सदस्य, मैसर्स मंगलम सीमेंट, एमआईएस पीएंडपी एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड को तलब किया गया है।  
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क्लिंकर से होता है धूल का गुब्बार
सीमेंट फैक्टरियों के प्रदूषण फैलाने को लेकर थाना जवां क्षेत्र के साथा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं एनजीटी में शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि बिरला उत्तम सीमेंट कंपनी, सीडीएफ छेरत के द्वारा हरदुआगंज रेलवे स्टेशन पर मंगाए जा रहे क्लिंकर से गांव के अलावा आस-पास के क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। छह साल पहले खुले सीमेंट प्लांट के लिए क्लिंकर (रॉ मैटेरियल) हरदुआगंज रेलवे स्टेशन पर उतरता चढ़ता है। क्लिंकर स्टेशन से बिरला उत्तम सीमेंट कंपनी तक ट्रकों द्वारा जाता है। जिससे स्टेशन रोड पर धूल का गुब्बार बना रहता है। क्लिंकर रसायनिक होने के कारण पशु- पक्षियों एवं जनता के लिए अति हानिकारक है। इसकी जांच भी हो चुकी है। खेत भी बंजर होते जा रहे हैं। 

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