Accident: भरतपुर में अलीगढ़ डिपो की बस ट्रक से भिड़ी, पांच की मौत, 14 घायल, पीएम-सीएम ने जताया शोक
अलीगढ़ डिपो की बस संख्या यूपी 87 टी- 1979 17 मई सुबह जयपुर के लिए सवारियां लेकर रवाना हुई। बस मथुरा के रास्ते दोपहर करीब डेढ़ बजे जैसे ही भरतपुर हाईवे पर गांव हलैना के पास पहुंची । तभी ओवरटेक के प्रयास में बस आगे लकड़ी लेकर जा रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में परिचालक साइड की बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
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अलीगढ़ से 65 सवारियों को लेकर जयपुर जा रही अलीगढ़ डिपो की बस भरतपुर (राजस्थान) के हाईवे के हलैना गांव के पास आगे लकड़ी लेकर जा रहे ट्रक से भिड़ गई। बस में सवार पांच महिला यात्रियों की मौत हो गई। इनमें से चार महिलाओं की अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है, जबकि एक महिला मथुरा की रहने वाली थी। बस चालक -परिचालक समेत 14 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिनमें से पांच यात्रियों को भरतपुर के हलैना व आठ यात्रियों को आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एआरएम बुद्ध विहार चीनी प्रसाद ने बताया कि अलीगढ़ डिपो की बस संख्या यूपी 87 टी- 1979 को लेकर चालक अख्तर अली व परिचालक जितेंद्र कुमार 17 मई सुबह जयपुर के लिए सवारियां लेकर गए थे। बस मथुरा के रास्ते दोपहर करीब डेढ़ बजे जैसे ही भरतपुर हाईवे पर गांव हलैना के पास पहुंची । तभी ओवरटेक के प्रयास में बस आगे लकड़ी लेकर जा रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में परिचालक साइड की बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में बस में सवार पांच महिलाओं की मौत हुई है। इनमें से चार महिलाओं के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। जबकि एक महिला मथुरा, रामू उर्फ राहुल पुत्र किशनबाबू निवासी प्रताप हाथरस, चालक अख्तर अली, परिचालक जितेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार पुत्र मान सिंह अलीगढ़, तेजवीर पुत्र चंद्रपाल निवासी कलाई, हरदुआगंज समेत 14 यात्री घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि हादसे की खबर पर आगरा व अलीगढ़ से विभागीय अफसर मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज नियमानुसार हादसे में मृत यात्रियों के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं घायल यात्रियों का समुचित उपचार कराएगा।
नफीसा अपने मायके टोडाभीम जा रही थी
मथुरा में जयसिंहपुरा स्थित राधेश्याम नगर निवासी नफीसा पत्नी सलीम खान सुबह करीब साढ़े आठ बजे मथुरा बस स्टैंड से बस में सवार हुई थी। वह अपनी मां से मिलने टोडाभीम जा रही थी। उनके साथ दो बेटे आसिव व फिरोज खान भी थे। इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। फिरोज ने ही अपने मोबाइल फोन से मथुरा में अपने परिजनों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद सलीम खान और उनका भाई तत्काल हलैना पहुंचे। देर शाम तक नफीसा का शव घर नहीं लाया जा सका था।
बस में सवार थे 42 लोग
घायल परिचालक जीतेंद्र जाटव ने बताया कि अलीगढ़ से अजमेर वाया भरतपुर जा रही बस में चालक-परिचालक सहित 45 यात्री सवार थे, इनमें से मथुरा व भरतपुर से सर्वाधिक यात्री सवार हुए थे। तीन यात्री हलैना उतर गए। शेष लोग बस में थे। हलैना से करीब सवा किमी दूरी पर दोपहर करीब पौन एक बजे हादसा हो गया।
फिर खली ट्रामा सेंटर की कमी
हलैना के आसपास अक्सर हादसे होते हैं। इसके चलते यहां ट्रामा सेंटर बनाने की मांग लंबे समय तक चली। करीब 11 माह पहले ट्रामा सेंटर बन गया, लेकिन अब तक इसके ताले नहीं खुले हैं। इससे लोगों में आक्रोश है। हादसे के बाद तत्काल मदद नहीं मिलने से लोगों की जान जाती है। घायलों को भरतपुर ले जाने में काफी समय लग जाता है, तब तक घायल की जान बचाना मुश्किल होता है।
पीएम और सीएम ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता, पूर्व केबिनेट मंत्री भजनलाल जाटव, निवर्तमान सांसद रंजीता कोली, वैर के विधायक बहादुर सिंह कोली आदि ने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना जताई
इनकी मदद रही सराहनीय
सडक हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के अलावा टोल कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों सहित अनेक लोग मदद को पहुंच गए। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव व एसपी मृदुल कच्छावा ने भी क्षतिग्रस्त बस से शव व घायलों को निकालने में मदद की। एएसपी जयनारायण मीणा, सीओ धर्मेन्द्र शर्मा, हलैना थाना प्रभारी बिजेन्द्र शर्मा, टोल कंपनी के पीडी कौशल परिहार, टोल प्रबंधक दीपक कुलश्रेष्ठ भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे।