{"_id":"58598dd04f1c1b8e03e39b80","slug":"aligarh-deployments-were-controversial-bsnl-gm-rs-verma","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ तैनाती में भी विवादों में रहे थे बीएसएनएल जीएम आरएस वर्मा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ तैनाती में भी विवादों में रहे थे बीएसएनएल जीएम आरएस वर्मा
अभिषेक शर्मा
Updated Wed, 21 Dec 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
अलीगढ़ तैनाती में भी विवादों में रहे थे बीएसएनएल जीएम आरएस वर्मा
- फोटो : Dig Vishal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई की एंटी करप्शन टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए बुलंदशहर बीएसएनएल के जीएम आरएस वर्मा का अलीगढ़ से गहरा नाता है। यहां बतौर एसडीओ उनकी पोस्टिंग के दौरान भी एक ऐसा विवाद खड़ा हुआ था, जब तत्कालीन गन्ना मंत्री ठा.दलवीर सिंह ने आरएस वर्मा सहित उनकी टीम के कुछ अन्य अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति की आवाज उठाई थी। मगर सियासी दाव-पेचों के चलते विवाद जहां का तहां थम गया था। इसके कुछ समय बाद वर्मा का यहां से तबादला हो गया। मगर परिवार आज भी जीटी रोड की बसंत विहार कॉलोनी में बनी कोठी में रहता है।
बात वर्ष 2000 की है, जब तत्कालीन गन्नामंत्री ठा.दलवीर सिंह ने बीएसएनएल से पब्लिक की समस्याओं को लेकर बीएसएनएल दफ्तर पहुंचकर आवाज उठाई थी। यहां तनातनी व विवाद के बीच हाथापाई तक हो गई थी। मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर मंत्री पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
इसी बीच दलवीर सिंह ने आरएस वर्मा व उनकी टीम के अन्य अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मसला उठाया तो यह अधिकारी खुद को बचाने की जुगत में लग गए। अधिकारियों ने जैसे-तैसे माफी-दराफी व सियासी सिफारिशों के बल पर मंत्री को समझाकर उनसे सुलह की। तब जाकर मसला निपटा था। मगर बात यहां तक पहुंची थी कि उस टीम के अधिकांश सदस्यों को एक-एक कर दूसरे जिलों में ट्रांसफर कर दिया गया था।
विज्ञापन
रात में सीबीआई ने खंगाला घर, सुबह परिवार गायब
अलीगढ़। बुलंदशहर में बीएसएनएल के जीएम आरएस वर्मा की गिरफ्तारी की खबर कुछ देर बाद ही उनके परिवार को यहां जीटी रोड की बसंत विहार कॉलोनी में मिल गई थी। मगर आधी रात को सीबीआई एंटी करप्शन टीम जब उनके दरवाजे पर आकर रुकी तो परिजनों व आसपास के लोगों की धड़कन बढ़ गईं। मगर टीम घर के अंदर गई। परिजनों से बातचीत की और कुछ घर की तलाशी लेकर वापस लौट गई। इसके बाद सुबह होते ही परिजन भी कहीं चले गए। दोपहर में एक रिश्तेदार महिला जरूर घर की रखवाली के इरादे से रुकी हुई थी।
यहां टाइगर लॉक फैक्ट्री कंपाउंड से सटी नवविकसित बसंत विहार कॉलोनी में आरएस वर्मा का आलीशान मकान बना हुआ है। दोपहर में जब उनके आवास पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो दरवाजा बंद था। पड़ोसी एक युवक और बुजुर्ग से बातचीत शुरू हुई तो उन्होंने बताया कि इस घर में आरएस वर्मा, उनकी पत्नी रहती हैं। बेटा कहीं बाहर जॉब करता है, जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। वर्मा मूल रूप से खैर क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन दिनों बेटी यहां आई है।
रात करीब एक-दो बजे के मध्य कुछ गाड़ियों में एक टीम आई थी। टीम के साथ वर्मा थे या नहीं, उन्हें अंधेरे में पता नहीं चला। मगर टीम घर के अंदर गई। कुछ देर अंदर रुकने के बाद वापस चली गई। बाद में वर्मा की पत्नी ने पड़ोसियों को वर्मा संग हुए घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि टीम घर से कुछ दस्तावेज देखने आई थी। इसके बाद सुबह होते ही परिवार भी कहीं चला गया। इसी बीच वर्मा के घर के अंदर से एक महिला निकली, जिसने खुद को रिश्तेदार बताते हुए टका सा जवाब दे दिया कि यहां कोई नहीं है। कहां गए, क्या हुआ वह कुछ नहीं बता सकती।
ज्यादा कुरेदा तो ठेकेदार पर निकाली भड़ास
इस रिश्तेदार महिला को जब मीडियाकर्मियों ने इधर-उधर के सवालों से ज्यादा कुरेदा तो एकदम से उसके मन के अंदर की भड़ास निकल गई। उसने सीधा-सीधा जवाब दिया कि ठेकेदार काफी समय से कोई गलत काम कराने का दबाव बना रहा था। जब उसकी बात नहीं मानी तो उसने यह साजिश रची है। बाकी वह इससे ज्यादा कुछ नहीं जानती। मगर ऊपर वाला सब कुछ जानता है। महिला के इस बयान से साफ है कि वह बेहद करीबी रिश्तेदार है और उसे काफी कुछ पता है। वह मीडिया से बचने के लिए ज्यादा बोलने के बजाय टहलाती रही। बाद में उसने दरवाजा बंद कर लिया और यह कहते हुए अंदर चली गई कि यह लोग आ जाएं, तभी बात करना।
विज्ञापन
बात वर्ष 2000 की है, जब तत्कालीन गन्नामंत्री ठा.दलवीर सिंह ने बीएसएनएल से पब्लिक की समस्याओं को लेकर बीएसएनएल दफ्तर पहुंचकर आवाज उठाई थी। यहां तनातनी व विवाद के बीच हाथापाई तक हो गई थी। मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर मंत्री पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
विज्ञापन
इसी बीच दलवीर सिंह ने आरएस वर्मा व उनकी टीम के अन्य अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मसला उठाया तो यह अधिकारी खुद को बचाने की जुगत में लग गए। अधिकारियों ने जैसे-तैसे माफी-दराफी व सियासी सिफारिशों के बल पर मंत्री को समझाकर उनसे सुलह की। तब जाकर मसला निपटा था। मगर बात यहां तक पहुंची थी कि उस टीम के अधिकांश सदस्यों को एक-एक कर दूसरे जिलों में ट्रांसफर कर दिया गया था।
विज्ञापन
रात में सीबीआई ने खंगाला घर, सुबह परिवार गायब
अलीगढ़। बुलंदशहर में बीएसएनएल के जीएम आरएस वर्मा की गिरफ्तारी की खबर कुछ देर बाद ही उनके परिवार को यहां जीटी रोड की बसंत विहार कॉलोनी में मिल गई थी। मगर आधी रात को सीबीआई एंटी करप्शन टीम जब उनके दरवाजे पर आकर रुकी तो परिजनों व आसपास के लोगों की धड़कन बढ़ गईं। मगर टीम घर के अंदर गई। परिजनों से बातचीत की और कुछ घर की तलाशी लेकर वापस लौट गई। इसके बाद सुबह होते ही परिजन भी कहीं चले गए। दोपहर में एक रिश्तेदार महिला जरूर घर की रखवाली के इरादे से रुकी हुई थी।
यहां टाइगर लॉक फैक्ट्री कंपाउंड से सटी नवविकसित बसंत विहार कॉलोनी में आरएस वर्मा का आलीशान मकान बना हुआ है। दोपहर में जब उनके आवास पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो दरवाजा बंद था। पड़ोसी एक युवक और बुजुर्ग से बातचीत शुरू हुई तो उन्होंने बताया कि इस घर में आरएस वर्मा, उनकी पत्नी रहती हैं। बेटा कहीं बाहर जॉब करता है, जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। वर्मा मूल रूप से खैर क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन दिनों बेटी यहां आई है।
रात करीब एक-दो बजे के मध्य कुछ गाड़ियों में एक टीम आई थी। टीम के साथ वर्मा थे या नहीं, उन्हें अंधेरे में पता नहीं चला। मगर टीम घर के अंदर गई। कुछ देर अंदर रुकने के बाद वापस चली गई। बाद में वर्मा की पत्नी ने पड़ोसियों को वर्मा संग हुए घटनाक्रम की जानकारी दी और बताया कि टीम घर से कुछ दस्तावेज देखने आई थी। इसके बाद सुबह होते ही परिवार भी कहीं चला गया। इसी बीच वर्मा के घर के अंदर से एक महिला निकली, जिसने खुद को रिश्तेदार बताते हुए टका सा जवाब दे दिया कि यहां कोई नहीं है। कहां गए, क्या हुआ वह कुछ नहीं बता सकती।
ज्यादा कुरेदा तो ठेकेदार पर निकाली भड़ास
इस रिश्तेदार महिला को जब मीडियाकर्मियों ने इधर-उधर के सवालों से ज्यादा कुरेदा तो एकदम से उसके मन के अंदर की भड़ास निकल गई। उसने सीधा-सीधा जवाब दिया कि ठेकेदार काफी समय से कोई गलत काम कराने का दबाव बना रहा था। जब उसकी बात नहीं मानी तो उसने यह साजिश रची है। बाकी वह इससे ज्यादा कुछ नहीं जानती। मगर ऊपर वाला सब कुछ जानता है। महिला के इस बयान से साफ है कि वह बेहद करीबी रिश्तेदार है और उसे काफी कुछ पता है। वह मीडिया से बचने के लिए ज्यादा बोलने के बजाय टहलाती रही। बाद में उसने दरवाजा बंद कर लिया और यह कहते हुए अंदर चली गई कि यह लोग आ जाएं, तभी बात करना।