{"_id":"57c7358b4f1c1b78292cb6c2","slug":"aligarh-daughters-in-the-womb-become-ktlgah","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोख में बेटियों का कत्लगाह बन रहा अलीगढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोख में बेटियों का कत्लगाह बन रहा अलीगढ़
दीपक शर्मा
Updated Thu, 01 Sep 2016 01:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली, फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों में लिंग परीक्षण पर सख्त रुख के बाद ऐसे लोगों ने एनसीआर के छोटे शहरों का रुख किया है। इसमें अलीगढ़ एक बड़ा नाम है। यहां पर कुछ स्थानों पर धड़ल्ले से लिंग परीक्षण किया जा रहा है। कारण छोटा शहर होने के नाते यहां पर मामले प्रकाश में आने की संभावना भी बेहद कम रहती है। इस संबंध में अब एक विस्तृत पत्र नागरिक चेतना समिति ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा है।
पत्र के साथ पिछले दिनों प्रकाश में आए मामले, यहां के ऐसे ठिकानों के कुछ फोटोग्राफ आदि भेजे गए हैं। समिति के अध्यक्ष अशोक शर्मा कहते हैं कि सामान्य चलन में लोग उन्हें बताते हैं कि हमने वहां लिंग परीक्षण करवाया लेकिन जब इन पर कार्रवाई के संबंध में जानकारी की तो बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
ऐसे केंद्र संचालकों की ‘एप्रोच’ ऊपर तक पायी गई। पत्र में लिखा गया है कि अक्सर ही शहर में किसी कूड़े के ढेर पर अविकसित भ्रूण के पाए जाने के मामले प्रकाश में आ जाते हैं। बन्ना देवी के नुमाइश मैदान, लाल डिग्गी रोड पर अमीरनिशा मार्केट, जीवनगढ़ और जमालपुर में पाए गए भ्रूणों का जिक्र भी पत्र में किया गया है।
विज्ञापन
25 से 30 हजार में होती है कन्या भ्रूण हत्या
अलीगढ़ (ब्यूरो)। इस पत्र की जानकारी होने के बाद तीन महिलाओं को शहर के अलग अलग सेंटरों पर जानकारी करने के लिए भेजा गया। (इन महिलाओं के नाम प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं) ताकि पता चल सके कि लिंग परीक्षण में क्या खर्चा होगा..? एक महिला से पहले तो स्पष्ट मना कर दिया गया। बाद में पूछा कि वह ऐसा क्यों करा रही है..? महिला ने कहा पहले ही तीन लड़कियां हैं।
इस पर सेंटर पर मौजूद एक शख्स ने फोन पर किसी से बात की, जिसके बाद बताया कि ठीक है 25 हजार रुपये में काम हो जाएगा। महिला ने कहा रकम बहुत ज्यादा है तो शख्स ने कहा खतरा भी तो ज्यादा है। इसके बाद महिला ने रकम के इंतजाम की बात कहते हुए विदा ली।
एक अन्य महिला जब सेंटर पर पहुंची तो उससे पूछ लिया तुम्हारे पति कहा हैं? महिला ने कहा जॉब पर गए हैं? यहां पर अगले ही दिन कुछ खाना आदि न खाकर आने की बात कहते हुए तुरंत ही पैसा जमा कराने के लिए कह दिया गया। तीसरी महिला जब एक ऐसे ही ठिकाने पर गई तो उसे पूरा पैकेज समझा दिया गया। गर्भ में कन्या भ्रूण होने का पता चलने पर गर्भपात करने तक का खर्चा 30 हजार रुपये बता दिया गया।
यह भी पेशकश की कि अगर परीक्षण में भ्रूण मेल आया तो सिर्फ 10 हजार रुपये लिए जाएंगे। शेष रकम वापस कर दी जाएगी।
उच्च शिक्षित परिवारों में भ्रूण हत्या आम
अलीगढ़। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके और करीब 50 वर्षों से परिवार नियोजन कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभा रहे फैज मोहम्मद ने बताया कि एक सर्वे में पाया गया है कि अशिक्षित ही नहीं बल्कि ऊंचे ओहदे वाले शिक्षित परिवारों में भी गर्भ में बालिका का भ्रूण पता लगने पर गर्भपात के रूप में एक जीवित बच्चे का कत्ल करा दिया जाता है। हालांकि यह स्थिति अकेले अलीगढ़ की नहीं अन्य राज्यों में भी यही स्थिति है। अगर यही स्थिति रही तो भविष्य में लड़कों के लिए लड़की नहीं मिलेंगी।
विज्ञापन
पत्र के साथ पिछले दिनों प्रकाश में आए मामले, यहां के ऐसे ठिकानों के कुछ फोटोग्राफ आदि भेजे गए हैं। समिति के अध्यक्ष अशोक शर्मा कहते हैं कि सामान्य चलन में लोग उन्हें बताते हैं कि हमने वहां लिंग परीक्षण करवाया लेकिन जब इन पर कार्रवाई के संबंध में जानकारी की तो बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
विज्ञापन
ऐसे केंद्र संचालकों की ‘एप्रोच’ ऊपर तक पायी गई। पत्र में लिखा गया है कि अक्सर ही शहर में किसी कूड़े के ढेर पर अविकसित भ्रूण के पाए जाने के मामले प्रकाश में आ जाते हैं। बन्ना देवी के नुमाइश मैदान, लाल डिग्गी रोड पर अमीरनिशा मार्केट, जीवनगढ़ और जमालपुर में पाए गए भ्रूणों का जिक्र भी पत्र में किया गया है।
विज्ञापन
25 से 30 हजार में होती है कन्या भ्रूण हत्या
अलीगढ़ (ब्यूरो)। इस पत्र की जानकारी होने के बाद तीन महिलाओं को शहर के अलग अलग सेंटरों पर जानकारी करने के लिए भेजा गया। (इन महिलाओं के नाम प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं) ताकि पता चल सके कि लिंग परीक्षण में क्या खर्चा होगा..? एक महिला से पहले तो स्पष्ट मना कर दिया गया। बाद में पूछा कि वह ऐसा क्यों करा रही है..? महिला ने कहा पहले ही तीन लड़कियां हैं।
इस पर सेंटर पर मौजूद एक शख्स ने फोन पर किसी से बात की, जिसके बाद बताया कि ठीक है 25 हजार रुपये में काम हो जाएगा। महिला ने कहा रकम बहुत ज्यादा है तो शख्स ने कहा खतरा भी तो ज्यादा है। इसके बाद महिला ने रकम के इंतजाम की बात कहते हुए विदा ली।
एक अन्य महिला जब सेंटर पर पहुंची तो उससे पूछ लिया तुम्हारे पति कहा हैं? महिला ने कहा जॉब पर गए हैं? यहां पर अगले ही दिन कुछ खाना आदि न खाकर आने की बात कहते हुए तुरंत ही पैसा जमा कराने के लिए कह दिया गया। तीसरी महिला जब एक ऐसे ही ठिकाने पर गई तो उसे पूरा पैकेज समझा दिया गया। गर्भ में कन्या भ्रूण होने का पता चलने पर गर्भपात करने तक का खर्चा 30 हजार रुपये बता दिया गया।
यह भी पेशकश की कि अगर परीक्षण में भ्रूण मेल आया तो सिर्फ 10 हजार रुपये लिए जाएंगे। शेष रकम वापस कर दी जाएगी।
उच्च शिक्षित परिवारों में भ्रूण हत्या आम
अलीगढ़। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके और करीब 50 वर्षों से परिवार नियोजन कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभा रहे फैज मोहम्मद ने बताया कि एक सर्वे में पाया गया है कि अशिक्षित ही नहीं बल्कि ऊंचे ओहदे वाले शिक्षित परिवारों में भी गर्भ में बालिका का भ्रूण पता लगने पर गर्भपात के रूप में एक जीवित बच्चे का कत्ल करा दिया जाता है। हालांकि यह स्थिति अकेले अलीगढ़ की नहीं अन्य राज्यों में भी यही स्थिति है। अगर यही स्थिति रही तो भविष्य में लड़कों के लिए लड़की नहीं मिलेंगी।