{"_id":"6349b38f1904ab5fce301460","slug":"aligarh-ayushman-card-treatment-facility-started-in-jn-medical-college-city-office-news-ali302670774","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : जेएन मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : जेएन मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा शुरू
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा शुरू हो गई है। हृदय रोग के मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है। जल्द ही बाकी रोगों का इलाज शुरू होगा।
आयुष्मान भारत योजना के पैनल में मेडिकल कॉलेज तीन साल पहले शामिल हो गया था, लेकिन इलाज की अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अब हरी झंडी मिलते ही हृदय रोग के मरीजों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयुष्मान कार्ड धारक पांच लाख रुपये तक अपना इलाज करा सकता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश भार्गव ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से मेडिकल कॉलेज में इलाज की सुविधा शुरू हो गई है।
पहले चरण में हृदय रोग के रोगियों को इलाज की सुविधा दी गई है। इसके बाद अन्य बीमारियों का भी इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जिले में कुल 12.91 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य हैं। अब तक 3.33 लाख लोगों के कार्ड बने हैं।
विज्ञापन
आज से काम करना शुरू करेंगी जांच मशीनें
पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज की बाहरी दीवार टूटने से इलाकों का पानी मेडिकल कॉलेज के वार्डों, लैब, सीटी स्कैन, एक्सरे कक्ष, एमआरआई कक्ष में घुस गया था। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश भार्गव ने बताया कि जांच मशीनों को चेक करने के लिए कंपनियों ने तकनीकी टीम भेजी है। जांच के बाद कुछ मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। शनिवार को सभी मशीनें काम करना शुरू कर देंगी।
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान कार्ड से उपचार की सुविधा शुरू हो गई है। हृदय रोग के मरीजों का इलाज शुरू हो चुका है। जल्द ही बाकी रोगों का इलाज शुरू होगा।
आयुष्मान भारत योजना के पैनल में मेडिकल कॉलेज तीन साल पहले शामिल हो गया था, लेकिन इलाज की अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अब हरी झंडी मिलते ही हृदय रोग के मरीजों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आयुष्मान कार्ड धारक पांच लाख रुपये तक अपना इलाज करा सकता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश भार्गव ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से मेडिकल कॉलेज में इलाज की सुविधा शुरू हो गई है।
विज्ञापन
पहले चरण में हृदय रोग के रोगियों को इलाज की सुविधा दी गई है। इसके बाद अन्य बीमारियों का भी इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जिले में कुल 12.91 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य हैं। अब तक 3.33 लाख लोगों के कार्ड बने हैं।
विज्ञापन
आज से काम करना शुरू करेंगी जांच मशीनें
पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज की बाहरी दीवार टूटने से इलाकों का पानी मेडिकल कॉलेज के वार्डों, लैब, सीटी स्कैन, एक्सरे कक्ष, एमआरआई कक्ष में घुस गया था। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश भार्गव ने बताया कि जांच मशीनों को चेक करने के लिए कंपनियों ने तकनीकी टीम भेजी है। जांच के बाद कुछ मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया है। शनिवार को सभी मशीनें काम करना शुरू कर देंगी।