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अलीगढ़ : आर्यन खान को सुधरने का मिलना चाहिए मौका
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रामघाट रोड स्थित आर्चिड ब्लू होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी देते कॉमेडियन ।एक्टर सुनी?
- फोटो : CITY OFFICE
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शाहरुख खान का परिवार किसी अपराध में शामिल नहीं हुआ है। न ही कभी देश को झुकने दिया है। युवा देश का भविष्य होते हैं, जैसे भी होते हैं, अपने होते हैं। इसीलिए आर्यन खान को सुधरने का मौका हम सभी को देना चाहिए। यह बात हास्य कलाकार सुनील पाल ने मंगलवार को शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने हंसी मजाक करते हुए कहा कि लोग कह रहे हैं कि एक दूसरे को फंसाया जा रहा है, दरअसल इस प्रकरण से सभी को हंसाया जा रहा है। सुनील पाल ने सत्यमेव जयते का अर्थ समझाते हुए कहा कि कानून सबसे ऊपर है। वह अपने हिसाब से तय करेगा, हम सभी उसका सम्मान करते हैं। जिस देश में हीरो का सम्मान होता है, वहां हीरो पैदा होते रहते हैं। शाह रुख खान के परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
छोटी-बड़ी गलती युवाओं से हो जाती हैं। जांच करके आर्यन को सुधरने का मौका देना चाहिए। इसमें मां-बाप का कोई कसूर नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता रेलवे में थे। बहुत शराब पीते थे। लेकिन मैंने कभी शराब को हाथ नहीं लगाया। मेरे पास तो बहाना भी था। इसी प्रकार हर व्यक्ति स्वयं तय करता है कि उसे क्या करना है।
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कोई गलत रास्ते पर जाता है तो डांट-डपटकर उसे अच्छाई के मार्ग पर लाना चाहिए। सुनील पाल ने कहा कि शाह रुख गुनहगार नहीं है। आर्यन को मैंने गोद में खिलाया है, शाह रुख बच्चों को लेकर शूटिंग पर आते थे। अच्छी फैमिली है, वीआईपी फैमिली है। इस मौके पर राज सक्सेना, अनिल राज, संयोजक मोहित चौहान, विपिन चंचल, शिवम चौहान, गौतम वाल्मीकि, केशव चौधरी, सुनील चौहान आदि मौजूद रहे।
नौरंगी शहर है अलीगढ़, निकले हैं कई कलाकार
सुनील पाल ने अलीगढ़ का महत्व हास्य व्यंग्य से समझाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दिमाग से पैदल हो तो कहते हैं कि अलीबाग से आया है। जो व्यक्ति दिमाग से मजबूत हो तो कहते हैं कि अलीगढ़ से आया है। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी का अपना ही महत्व है। काफी नाम है। यहां से सीखा हुआ व्यक्ति काबिल इंसान बना है। अलीगढ़ में लॉकडाउन का असर नहीं रहा, क्योंकि अलीगढ़ का खुद का ताला है।
डॉक्टरों पर बयान नहीं था अपराध
- डॉक्टरों को शैतान कहकर फंसे कॉमेडियन सुनील पाल से जब अमर उजाला ने इस प्रकरण पर बातचीत कि तो उन्होंने कहा कि मैं डॉक्टरों का सम्मान करता हूं। लेकिन यह बात भी सही है कि सभी महकमे अच्छे नहीं होते। जहां गलत हो रहा है, वहां बोलना चाहिए। मेरी बात किसी को बुरी लगी तो उसके लिए माफी मांगता हूं। इस मामले में कोर्ट ने भी साफ कर दिया कि यह तो बातचीत का तरीका है, कोई अपराध नहीं है।
ओटीटी प्लेटफार्म आए नियमन के दायरे में
- सुनील पाल ने ओटीटी प्लेटफार्म पर परोसी जा रही अश्लीलता को नियमन के दायरे में लाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यहां बुराई आखिर परोसी क्यों जा रही है, क्योंकि लोग देख रहे हैं। अगर देखना बंद कर देंगे तो निश्चित ही अच्छाई परोसी जाएगी।
उन्होंने बताया कि उनकी एक फिल्म जल्द ही भीमा कोरेगांव पर आ रही है। जिसमें वह अर्जुन रामपाल के साथ दिखेंगे। राजपाल यादव के साथ सुपर जासूस, फैमिली 420 फिल्म भी आ रही है। जबकि शीमारो मी पर लॉकडाउन टू अनलॉक फिल्म रिलीज हो चुकी है।
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उन्होंने हंसी मजाक करते हुए कहा कि लोग कह रहे हैं कि एक दूसरे को फंसाया जा रहा है, दरअसल इस प्रकरण से सभी को हंसाया जा रहा है। सुनील पाल ने सत्यमेव जयते का अर्थ समझाते हुए कहा कि कानून सबसे ऊपर है। वह अपने हिसाब से तय करेगा, हम सभी उसका सम्मान करते हैं। जिस देश में हीरो का सम्मान होता है, वहां हीरो पैदा होते रहते हैं। शाह रुख खान के परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
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छोटी-बड़ी गलती युवाओं से हो जाती हैं। जांच करके आर्यन को सुधरने का मौका देना चाहिए। इसमें मां-बाप का कोई कसूर नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे पिता रेलवे में थे। बहुत शराब पीते थे। लेकिन मैंने कभी शराब को हाथ नहीं लगाया। मेरे पास तो बहाना भी था। इसी प्रकार हर व्यक्ति स्वयं तय करता है कि उसे क्या करना है।
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कोई गलत रास्ते पर जाता है तो डांट-डपटकर उसे अच्छाई के मार्ग पर लाना चाहिए। सुनील पाल ने कहा कि शाह रुख गुनहगार नहीं है। आर्यन को मैंने गोद में खिलाया है, शाह रुख बच्चों को लेकर शूटिंग पर आते थे। अच्छी फैमिली है, वीआईपी फैमिली है। इस मौके पर राज सक्सेना, अनिल राज, संयोजक मोहित चौहान, विपिन चंचल, शिवम चौहान, गौतम वाल्मीकि, केशव चौधरी, सुनील चौहान आदि मौजूद रहे।
नौरंगी शहर है अलीगढ़, निकले हैं कई कलाकार
सुनील पाल ने अलीगढ़ का महत्व हास्य व्यंग्य से समझाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दिमाग से पैदल हो तो कहते हैं कि अलीबाग से आया है। जो व्यक्ति दिमाग से मजबूत हो तो कहते हैं कि अलीगढ़ से आया है। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी का अपना ही महत्व है। काफी नाम है। यहां से सीखा हुआ व्यक्ति काबिल इंसान बना है। अलीगढ़ में लॉकडाउन का असर नहीं रहा, क्योंकि अलीगढ़ का खुद का ताला है।
डॉक्टरों पर बयान नहीं था अपराध
- डॉक्टरों को शैतान कहकर फंसे कॉमेडियन सुनील पाल से जब अमर उजाला ने इस प्रकरण पर बातचीत कि तो उन्होंने कहा कि मैं डॉक्टरों का सम्मान करता हूं। लेकिन यह बात भी सही है कि सभी महकमे अच्छे नहीं होते। जहां गलत हो रहा है, वहां बोलना चाहिए। मेरी बात किसी को बुरी लगी तो उसके लिए माफी मांगता हूं। इस मामले में कोर्ट ने भी साफ कर दिया कि यह तो बातचीत का तरीका है, कोई अपराध नहीं है।
ओटीटी प्लेटफार्म आए नियमन के दायरे में
- सुनील पाल ने ओटीटी प्लेटफार्म पर परोसी जा रही अश्लीलता को नियमन के दायरे में लाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यहां बुराई आखिर परोसी क्यों जा रही है, क्योंकि लोग देख रहे हैं। अगर देखना बंद कर देंगे तो निश्चित ही अच्छाई परोसी जाएगी।
उन्होंने बताया कि उनकी एक फिल्म जल्द ही भीमा कोरेगांव पर आ रही है। जिसमें वह अर्जुन रामपाल के साथ दिखेंगे। राजपाल यादव के साथ सुपर जासूस, फैमिली 420 फिल्म भी आ रही है। जबकि शीमारो मी पर लॉकडाउन टू अनलॉक फिल्म रिलीज हो चुकी है।