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अलीगढ़ : अप्रैल-मई-जून की जमा करानी होगी फीस

Wed, 08 Jul 2020 01:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 01:45 AM IST
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Aligarh: April-May-June fees to be deposited
ऑनलाइन प्रेसवार्ता करते पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष। - फोटो : CITY OFFICE
पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी ने मंगलवार को जिले की पहली आनलाइन प्रेसवार्ता आयोजित कर अपनी समस्याएं रखीं। पदाधिकारियों ने कहा कि कई अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सक्षम लोगों को फीस जमा कर स्कूलों का सहयोग करना चाहिए। स्कूल फीस माफ नहीं होगी। साथ ही कहा, जो अभिभावक कोरोना काल की वजह से परेशान हैं। वह लिखित प्रार्थनापत्र लेकर प्रधानाचार्य से मिलें। उनका सहयोग करने के लिए तैयार हैं। ऐसे अभिभावकों से किस्त समायोजित करवाकर फीस ली जाएगी। वहीं, बच्चों को आनलाइन कक्षा में बैठाएं ताकि वह निरंतर पढ़ते रहें।
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ब्रिलिएंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुंतैल ने कहा कि कुछ लोग भ्रांति फैला रहे हैं कि तीन महीने की फीस जमा नहीं करनी है। जबकि शासनादेशों के अनुसार सक्षम अभिभावकों को फीस जमा करनी है। जिनकी तनख्वाह आ रही है, जिनका काम धंधा शुरू हो गया है। उनको फीस जमा करानी चाहिए। अगर फीस जमा कराने में दिक्कत है तो प्रधानाचार्य से मिले। इससे किश्तों के रूप में फीस जमा की जा सकेगी। सोसाइटी के सचिव और हेरीटेज इंटरनेशनल स्कूल के संचालक राकेश नंदन ने कहा कि अभिभावकों का सहयोग हमेशा मिला है। इस समय परेशानी उस समाज को है, जिनका धंधा बंद है। तनख्वाह नहीं मिल रही। ऐसे पांच या दस प्रतिशत लोग हैं। बाकी सक्षम लोग हैं, उनको आगे आना चाहिए और फीस जमा करनी चाहिए। हम अच्छी से अच्छी शिक्षा देंगे। लेकिन अभिभावकों को भी विद्यालय के आर्थिक संकट पर ध्यान देना होगा।
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सोसाइटी के अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि जो माहौल खराब कर रहे हैं। वह अपने बच्चों की फीस खुद जमा कर चुके हैं। हम लोग सभी का सहयोग करेंगे। हम ऐसा वादा भी कर रहे हैं। 95 प्रतिशत अभिभावक बच्चों के लिए अच्छा स्कूल चुनते हैं। वह जानते हैं, हम बच्चों को क्या भविष्य दे रहे हैं। अभिभावक फीस जमा करने की स्थिति में हैं तो फीस जमा कराएं।
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अलबरकात पब्लिक स्कूल के ज्वाइंट सेक्रेटरी अहमद मुज्तबा ने कहा कि स्कूल के निजी खर्चे हैं। शिक्षकों, अभिभावकों को तनख्वाह देनी है। बिजली बिल बन रहा है। साथ ही अब सैनिटाइजेशन, मास्क पर भी खर्च हो रहा है। ऐसे में सक्षम अभिभावक स्कूलों का सहयोग करें।
मेरठ से सीआईएस से जुड़े विशाल ने कहा कि बच्चों को आनलाइन पढ़ाई के लिए पंजीकृत किया जाए। जिससे उनका डाटा भी रहे, जो अभिभावक परेशान हैं, उनके लिए स्कूल हर संभव मदद करेंगे। वहीं कुछ ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिनके पास आनलाइन सुविधा नहीं है। उनके लिए नोट्स कॉपी कराए जा रहे हैं।
संत फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल फादर सन्नी कोट्टूर ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने आनलाइन के लिए विभिन्न माध्यमों को चुना है। इन माध्यमों पर खर्च होने वाली राशि को अभिभावकों के ऊपर नहीं डाला गया है। ऐसे में अगर अभिभावक समय से फीस जमा करेंगे तो विद्यालय प्रबंधन भी बच्चों को आनलाइन बेहतर शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।

रेगुलर से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं आनलाइन
अमर उजाला ने जब सवाल किया कि आनलाइन कितने प्रतिशत बच्चे पढ़ रहे हैं। इस पर आईआईएमटी के सचिव पंकज महलवार ने कहा कि स्कूली कक्षाओं की अपेक्षा आनलाइन बच्चों की उपस्थिति ज्यादा दर्ज हो रही है। अगर कुछ बच्चे घर में गैजेट्स की वजह से उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं तो वह वीडियो को देखकर भी पढ़ाई कर सकते हैं।
ये रहे मौजूद
अंजू राठी, एमके शेरवानी, सिस्टर ज्योत्सना, आरती मितल, स्वप्निल जैन, कल्पलता चंद्रह्रास, अनूप गुप्ता, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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