{"_id":"615ca7d78ebc3e8752256655","slug":"aligarh-anganwadi-center-of-kakethal-is-occupied-by-the-bullies-city-office-news-ali275008953","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली: ककेथल केंद्र के आगे जलभराव की समस्या, परिसर में दबंगों का कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली: ककेथल केंद्र के आगे जलभराव की समस्या, परिसर में दबंगों का कब्जा
Thu, 07 Oct 2021 02:41 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
इकराम वारिस, अलीगढ़
इकराम वारिस, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 02:41 PM IST
सार
अलीगढ़ जिले के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल स्थिति में हैं। विकासखंड अतरौली के आंगनबाड़ी केंद्र ककेथल के सामने जलभराव हो गया है। परिसर पर दबंगों ने अतिक्रमण कर रखा है।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तेजश्री
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी विद्यालयों के रूप में शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले साल आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल के तौर पर शुरू करने की कवायद शुरू कर दी थी। इन केंद्रों पर प्री नर्सरी, नर्सरी व केजी की पढ़ाई होगी। मगर, अलीगढ़ जिले के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल स्थिति में हैं। विकासखंड अतरौली के आंगनबाड़ी केंद्र ककेथल के सामने जलभराव हो गया है। परिसर पर दबंगों ने अतिक्रमण कर रखा है।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग के समन्वय से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। ज्यादातर विद्यालय परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हाजिरी कहीं शत प्रतिशत तो कहीं कम रहती है।
साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर गर्भवती महिलाओं को पूरा पोषाहार वितरण न करने का आरोप लगता रहता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयश कुमार ने कहा कि ककेथल के केंद्र पर कब्जे की जानकारी मिली है। कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी प्री प्राइमरी की पढ़ाई जिस तरह निजी विद्यालयों में बच्चों को मनोरंजन के साथ पढ़ाने का इंतजाम है, उसी पैटर्न पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सुविधाएं मिलेंगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों का बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग व ग्राम पंचायत निधि से समस्त विकास खंडों 600 केंद्रों पर बच्चों के बैठने के लिए 25-25 बेबी चेयर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के लिए एक टेबल, दो कुर्सी उपलब्ध कराई गई हैं।
केंद्रों की मरम्मत, आकर्षक वॉल राइटिंग, पेंटिंग, बाल सुलभ चित्रकारी के लिए हर केंद्र पर 25-25 हजार रुपये का व्यय हुआ है। जिले के 365 आंगनबाड़ी केंद्रों पर झूले, स्लाइडर, डिजाइन मेज, पजल, प्री स्कूल किट, अलमारी आदि सामग्री पर 17-17 हजार रुपये का व्यय हुआ है।
विकासखंड वार आंगनबाड़ी केंद्र
विकासखंड टप्पल में 229, चंडौस में 221, खैर में 200, जवां में 251, लोधा में 216, धनीपुर में 222, गोंडा में 206, इगलास में 189, अतरौली में 226, बिजौली में 192, गंगीरी में 277, अकराबाद में 186, कुल ग्रामीण में 2615 व नगरीय में 424 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिले में 3039 आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
अतरौली की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन ने बताया कि मुझे डाटा फीडिंग के लिए स्मार्टफोन मिला है। शासन व प्रशासन से सहयोग मिल रहा है। काम के हिसाब से पारिश्रमिक कम मिल रहा है।
अतरौली की ही एक अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तेजश्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ककेथल पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। केंद्र के सामने ही जलभराव है। इससे दुर्घटना की प्रबल संभावना बनी रहती है।
विज्ञापन
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग के समन्वय से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। ज्यादातर विद्यालय परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हाजिरी कहीं शत प्रतिशत तो कहीं कम रहती है।
विज्ञापन
साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर गर्भवती महिलाओं को पूरा पोषाहार वितरण न करने का आरोप लगता रहता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयश कुमार ने कहा कि ककेथल के केंद्र पर कब्जे की जानकारी मिली है। कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी प्री प्राइमरी की पढ़ाई जिस तरह निजी विद्यालयों में बच्चों को मनोरंजन के साथ पढ़ाने का इंतजाम है, उसी पैटर्न पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सुविधाएं मिलेंगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों का बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग व ग्राम पंचायत निधि से समस्त विकास खंडों 600 केंद्रों पर बच्चों के बैठने के लिए 25-25 बेबी चेयर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के लिए एक टेबल, दो कुर्सी उपलब्ध कराई गई हैं।
केंद्रों की मरम्मत, आकर्षक वॉल राइटिंग, पेंटिंग, बाल सुलभ चित्रकारी के लिए हर केंद्र पर 25-25 हजार रुपये का व्यय हुआ है। जिले के 365 आंगनबाड़ी केंद्रों पर झूले, स्लाइडर, डिजाइन मेज, पजल, प्री स्कूल किट, अलमारी आदि सामग्री पर 17-17 हजार रुपये का व्यय हुआ है।
विकासखंड वार आंगनबाड़ी केंद्र
विकासखंड टप्पल में 229, चंडौस में 221, खैर में 200, जवां में 251, लोधा में 216, धनीपुर में 222, गोंडा में 206, इगलास में 189, अतरौली में 226, बिजौली में 192, गंगीरी में 277, अकराबाद में 186, कुल ग्रामीण में 2615 व नगरीय में 424 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिले में 3039 आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
अतरौली की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन ने बताया कि मुझे डाटा फीडिंग के लिए स्मार्टफोन मिला है। शासन व प्रशासन से सहयोग मिल रहा है। काम के हिसाब से पारिश्रमिक कम मिल रहा है।
अतरौली की ही एक अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तेजश्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ककेथल पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। केंद्र के सामने ही जलभराव है। इससे दुर्घटना की प्रबल संभावना बनी रहती है।