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अलीगढ़ : अंधेर नगरी चौपट राजा... जिसको देखना है यूपी में आ जा : अखिलेश

Sat, 06 Mar 2021 12:26 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Mar 2021 12:26 AM IST
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Aligarh: Andher Nagari Chaupat Raja ... who needs to see come to UP: Akhilesh
अलीगढ़ : टप्पल इंटरचेंज पर आयोजित आयोजित किसान महापंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ग? - फोटो : CITY OFFICE
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी सरकार बनने पर यमुना एक्सप्रेस वे पर अनाज मंडियां खोली जाएंगी। जहां किसानों का अनाज उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लिया जाएगा। नये कृषि कानूनों को रद्द कराएंगे। वे शुक्रवार अपरान्ह यमुना एक्सप्रेस वे के टप्पल इंटरचेंज पर किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा, अंधेर नगरी चौपट राजा, दिन दहाड़े रेप, रात भर गांजा, जिसको देखना है यूपी में आ जा..। हालात ये है कि पुलिस को नहीं पता कि वह किसको ठोक रही है।
यहां हजारों की तादाद में किसान उनको सुनने के लिए जुटे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन जिलाध्यक्ष गिरीश यादव और पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया। पूर्व सीएम ने तीनों नये कृषि कानूनों का खुल कर विरोध किया। कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी कहते हैं स्ट्राबेरी की खेती में मुनाफा होता है, लेकिन धान और मक्का किस भाव पर खरीदी जा रही है, किसानों को कितना घाटा हो रहा है। इस पर बात नहीं करते हैं। शांता कुमार कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार देश में 42 हजार अनाज मंडियों की जरूरत है, लेकिन केवल सात हजार मंडियां हैं।
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पूर्व सीएम ने कहा कि उनके कार्यकाल में मैनपुरी, इटावा, कन्नौज में नई मंडियां बनी थीं। 2022 में सरकार बनने पर वह यमुना एक्सप्रेस वे पर मंडियां बनवाएंगे। कोरोना काल में जब देश में दवाओं और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ी तो चंद कारोबारियों ने नये कृषि कानूनों की रूपरेखा तय करा दी और कुछ लोगों के हाथों में सब कुछ देने की साजिश रची गई। तीन नये कृषि कानून की लड़ाई लड़ रहे किसानों के साथ सपा पहले दिन से है। किसानों का आंदोलन हो या राकेश टिकैत प्रकरण, हर जगह सपा ने पूरा साथ दिया है।
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उन्होंने कहा कि जब अनुबंध पर खेती होगी तो मालिक कोई और होगा। ऐसे में जब खेत नहीं रहेंगे तो अन्नदाता, उसका परिवार और पीढ़ियां कैसे जिंदा रहेंगी। कोरोना काल में जब सब काम धंधे बंद हो गए तो किसान खेत पर डटे रहे। इसी वजह से देश की अर्थव्यवस्था संभल पाई। जीडीपी की बात करने वाले नेता उसमें कृषि और किसान के योगदान की बात नहीं करते हैं। उलटे आज सरकारें किसानों को अपमानित कर रही है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। दिल्ली में किसान धरने के 100 दिन हो गए हैं। उनकी ये लड़ाई ही भारत का भविष्य तय करेगी।
कोरोना काल में लोगों के मुंह और नाक बंद हुए थे, इस सरकार के आंख और कान भी बंद हो गए हैं। किसानों को रोकने के लिए सीमेंट की बैरिकेडिंग के साथ कीलें लगाई गईं हैं। उनको प्रताड़ित किया गया। ठंड में 200 किसान शहीद हो गए। उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लगा दिए हैं, लेकिन भाजपा वाले ये नहीं जानते जो किसान अपनी एड़ी की ठोकर सख्त जमीन को दुरुस्त कर लेते हैं वो सरकार को ठीक कर देंगे। यही किसान इस सरकार को दिल्ली से बाहर कर देंगे। उन्होंने कहा कि वो भी किसान हैं। उनके पिता भी किसान है, इसलिए उनको लोग धरतीपुत्र के नाम से पुकारतें हैं और वे उनके पुत्र हैं।
उन्होंने किसानों से पूछा़ कि आलू की खुदाई हो रही है। अलीगढ़ से कन्नौज तक कहां पर सरकार आलू खरीद रही है। धान सरकारी केंद्रों पर 900 से 1200 रुपये क्विंटल में लिया गया, जिसमें लागत तक नहीं निकली।
तल्ख तेवरों में आए अखिलेश ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा में पीएम मोदी से एमएसपी के बारे में पूछा था, तो उन्होंने जवाब दिया कि एमएसपी थी, है और रहेगी। वह फिर आज पूछ रहे हैं कि एमएसपी कहां है। किसको मिल रही है। भाजपा वाले सदस्यता अभियान के लिए मिस्ड काल के नंबर का प्रयोग करते हैं तो एमएसपी का फायदा दिलान के लिए भी कोई मिस्ड काल का नंबर दे दें। अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है, लेकिन वह भी किसानों का पूरा ध्यान रखता है। वहां खेती को घाटे का सौदा नहीं बनने दिया जा रहा है। वे जानते हैं कि किसानों को बाजार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है, लेकिन वर्तमान सरकार किसानों को बर्बाद करने पर अमादा है।
उन्होंने किसानों से पूछा कि उन्हें ईस्ट इंडिया कंपनी की याद है या नहीं..? ये वहीं कंपनी है तो भारत में कारोबार करने आई और एक कानून पास होने के बाद पूरे देश को उसने अपना गुलाम बना लिया था। आज फिर वहीं इतिहास दोहराया जा रहा है। पढ़े लिखे लोग इसको जानते हैं। आज सरकार सब कुछ बेच देने पर तुली है। उन्होंने कहा कि कानून बनते हैं रद्द होते हैं। ये एक प्रक्रिया है। चौ चरण सिंह ने एक कानून बना कर किसानों को उनका हक दिलाया था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने महंगाई, पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर तंज कसते हुए कहा कि आखिर इसका फायदा किसको मिल रहा है। क्या ये फायदा केवल कुछ लोगों को मिल रहा है। दूसरी ओर बेरोजगारी बढ़ रही है और महंगाई उससे ज्यादा रफ्तार से बढ़ रही है।
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