फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Action should be taken against those who call the death certificate fake

अलीगढ़ : मृत्यु प्रमाणपत्र को फर्जी बताने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो

Wed, 17 Aug 2022 11:18 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
Aligarh: Action should be taken against those who call the death certificate fake
कुलदीप विहार निवासी ललितेश शर्मा ने पति पुष्प कुमार शर्मा के मृत्यु प्रमाणपत्र के मामले में कानूनी नोटिस जारी कराके नगर आयुक्त से जवाब मांगा है। महिला का कहना है कि मेरे द्वारा जारी करवाया गया प्रमाणपत्र फर्जी बताकर निरस्त कर दिया गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराकर जेल भिजवा दिया। जबकि ससुर के आवेदन पर नया मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। यह सब पति के नाम की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से किया है।
विज्ञापन

दिल्ली हाईकोर्ट की वकील प्रीति श्रीवास्तव ने नगर आयुक्त गौरांग राठी को नोटिस जारी किया है। जिसके माध्यम से उनसे जवाब मांगा है। वहीं दूसरी ओर पीड़िता की ओर से मंडलायुक्त को भी शिकायती पत्र दिया गया । जिसमें आरोप है कि ससुर ने निगम कर्मचारी शिव कुमार शर्मा, नितिन गौड़ और रमेश चंद्र सैनी के साथ मिलकर मेरे दस्तावेज से छेड़छाड़ की और थाने में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया।
विज्ञापन

जिसके आधार पर गिरफ्तार भी कराया। इस मामले को लेकर जन सूचना अधिकारी के तहत जानकारी मांगी तो बताया गया कि निगम द्वारा कोई भी मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी दस्तावेज के आधार पर जारी नहीं किया जाता है। न ही एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंडलायुक्त को लिखे शिकायती पत्र में कहा है कि प्रार्थिनी के खिलाफ निगम द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया। वही मृत्यु प्रमाणपत्र ससुर द्वारा दिल्ली रोहिणी न्यायालय में लगाया जा चुका है। जिसे रोहिणी न्यायालय ने अलीगढ़ में पुलिस कर्मी भेजकर सत्यापित कराया था।

सत्यापन में कहा था कि पुष्प कुमार की मृत्यु जेएन मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान हुई है। पीड़िता ने मंडलायुक्त से अनुरोध किया है कि वह षड्यंत्र कराके दर्ज कराए गए झूठे मुकदमे के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराएं तथा मुझे पति का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जाए। इस मामले में नगर निगम के प्रवक्ता का कहना है कि प्रार्थिनी ने आवेदन में मृत्यु जेएन मेडिकल कालेज में बताई थी लेकिन जेएन मेडिकल कालेज की ओर से स्पष्ट किया गया कि वहां मृत्यु नहीं हुई है। इसीलिए कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed