यूपी बोर्ड: अलीगढ़ के 30 कॉलेजों पर प्रतिबंध बरकरार, सम्मान नहीं लौटा, परीक्षा केंद्र सूची से बाहर
जिन परीक्षा केंद्रों में सुधार नहीं हो रहा ऐसे विद्यालयों की मान्यता खत्म करने की कवायद शुरू कर दी गई है। श्री रामवीर सिंह रेशमा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला कमल मानई, राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज खैर, आदर्श जनउद्धार इंटर कॉलेज बनूपुरा आदि को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाए जाने वाले 30 कॉलेजों का सम्मान इस साल भी नहीं लौट सका। इस साल भी अलीगढ़ के इन कॉलेजों पर प्रतिबंध बरकरार रहेगा। ये कॉलेज नकल सहित अन्य खामियों के चलते शिक्षा विभाग के नजर में बदनाम हो गए थे। सोमवार को बोर्ड ने इन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया है।
एक वक्त था जब यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में पास होने के लिए अलीगढ़ जिले को स्वर्ग माना जाना था। इसमें अतरौली क्षेत्र कुख्यात था, जो प्रदेशभर में अतरौलिया बोर्ड के नाम से जाना जाता था। उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में पास होने के लिए युवा यहां से फॉर्म भरते थे। हालांकि, समय के साथ नकल पर रोक लगनी शुरू हो गई। साथ ही परीक्षार्थियों की संख्या में भी गिरावट आने लगी।
पहले हाईस्कूल और इंटर मीडिएट में परीक्षार्थी दो लाख होते थे, जो इस वर्ष एक लाख ही रह गए हैं। नकल सहित अन्य खामियों का दाग लेने वाले कॉलेज परीक्षा केंद्र नहीं बन पाए। डीआईओएस डॉ. पूरन सिंह ने बताया कि महात्मा गांधी इंटर कॉलेज विजयगढ़, किसान इंटर कॉलेज बुढ़ासी, लेफ्टिनेंट नाहर सिंह इंटर कॉलेज क्वार्सी, राष्ट्रीय विद्यालय इंटर कॉलेज खैर, ओपीएम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैर को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है।
इसके अलावा एसजीएस इंटर कॉलेज अर्राना बझेड़ा, एसपी इंटर कॉलेज पलसेड़ा, जमुना खंड इंटर कॉलेज टप्पल, आदर्श कृषि इंटर कॉलेज सारील, विसारा इंटर कॉलेज, गंगा खंड इंटर कॉलेज खेड़ा दयालनगर, जनता विकास इंटर कॉलेज कीलपुर मथना, सर्वोदय इंटर कॉलेज बैना, रेवती गोयल कन्या इंटर कॉलेज जट्टारी, संकट मोचन इंटर कॉलेज मादक पर भी प्रतिबंध है। विक्रम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बाकनेर, बिहारीलाल इंटर कॉलेज पाली मुकीमपुर, रघुनंदन इंटर कॉलेज छर्रा, राष्ट्रीय इंटर कॉलेज गाजीपुर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज दत्ताचोली, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज गोधा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज चंडौला सुजानपुर, राजकीय हाईस्कूल सिमरौठी विद्यालय को भी कई खामियों के चलते परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है।
जहां सुधार नहीं उनकी मान्यता होगी खत्म
जिन परीक्षा केंद्रों में सुधार नहीं हो रहा ऐसे विद्यालयों की मान्यता खत्म करने की कवायद शुरू कर दी गई है। श्री रामवीर सिंह रेशमा देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला कमल मानई, राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज खैर, आदर्श जनउद्धार इंटर कॉलेज बनूपुरा, श्री भूदेव सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अतरौली रोड सिखरना, श्री कृपा शंकर स्मृति उच्च माध्यमिक विद्यालय मऊपुर-बहादुरपुर, श्री अति कुमार व हरिशंकर इंटर कॉलेज कासिमपुर नगरी को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया है। इनकी मान्यता खत्म करने की कार्रवाई की जाएगी।
नौ परीक्षा केंद्र घटे
वर्ष 2027 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नौ परीक्षा केंद्र घट गए हैं। इस बार 127 परीक्षा केंद्र होंगे, जबकि 2026 में 136 परीक्षा केंद्र थे। वर्ष 2026 में हाईस्कूल के 51,514 और इंटरमीडिएट के 50,030 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, जबकि इस बार हाईस्कूल के 52371 और इंटरमीडिएट के 45840 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा देते पकड़ा गया था मुन्ना भाई
22 फरवरी 2024 को गभाना के वीरपुरा स्थित श्री कल्याण इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर हिंदी पेपर की परीक्षा में एक मुन्ना भाई पकड़ा गया था। यहां टप्पल के उदयपुर स्थित भरत पब्लिक स्कूल से पंजीकृत दसवीं के छात्र निहाल सिंह निवासी कोका, हाथरस के स्थान पर उदयपुर गांव का अर्जुन चौधरी परीक्षा देते पकड़ा गया था। दस्तावेज, फोटो सत्यापन में यह तथ्य सामने आया तो मुन्ना भाई को पकड़ लिया गया था।
2018 में मिली थी सामूहिक नकल
13 फरवरी 2018 में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की गणित की परीक्षा में तत्कालीन सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी पांडेय की टीम ने धांधू सिंह रामधुन सिंह इंटर कॉलेज सिरसा बिजौली पर छापा मारा था। वहां उन्होंने एक मु्न्नाभाई पकड़ा। वह अपने भाई के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। परिसर में नकल सामग्री मिली। साथ ही सामूहिक नकल भी मिली। केंद्र व्यवस्थापक सचल दल को पिछली परीक्षाओं के सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग नहीं दिखा सका।
शीलेंद्र कुमार ने छापे के दौरान आरबीजी इंटर कॉलेज नगला ढक में एक फर्जी कक्ष निरीक्षक पकड़ा था। तत्कालीन एडीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने भी सुबह की पाली में भरत सिंह इंटर कॉलेज रायपुर में दो छात्रों को कॉपी बदलते हुए पकड़ा। दोनो को बर्खास्त करने के आदेश दिए थे। चौब सिंह ठेनुआं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी लक्ष्मीकांत ने सीसीटीवी फुटेज देखे तो वहां उन्हें नकल दिखी। तत्कालीन डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने अतिकुमार हरीशंकर शर्मा इंटर कॉलेज कासिमपुर नागरी परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया तो वहां उन्हें एक संदिग्ध परीक्षार्थी मिला। सत्यम शिवम सुंदरम इंटर कॉलेज जमालगढ़ी में एक व्यक्ति फर्जी तरीके से हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा था।