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अल्कोहल से सिकुड़ रहे आंतें, गुर्दे, फेफड़े और हो रही मौतें
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जहरीली शराब पीकर जान गंवाने वालों के पोस्टमार्टम में मौत की एक जैसी वजह मिल रही हैं। अधिकांश मृतकों के शरीर में जिगर, फेफड़े, गुर्दे और आंतें सिकुड़ चुके थे, जिसकी वजह से उनकी जान गई। कुछ में ऑक्सीजन की कमी भी एक कारण बना है। ये अंग किसी रसायन विशेष की वजह से सिकुड़ जाते हैं और व्यक्ति की जान कुछ घंटों में ही चली जाती है।
डाक्टरों ने दबी जुबान में बताया कि ऐसा मिथायल अल्कोहल की वजह से हो सकता है। मिथायल अल्कोहल ही अक्सर मिलावटी शराब में इस्तेमाल होने पर इस तरह का बड़ा कांड होता है। फिलहाल 25 अन्य मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती है, जबकि 15 गुर्दे खराब होने से गंभीर स्थिति में डायलिसिस पर हैं। इधर, देर रात पोस्टमार्टम हाउस पर विसरा सुरक्षित रखने वाली बयाल यानी शीशी खत्म हो गई। आनन-फानन इसका इंतजाम किया गया, ताकि सभी के विसरा सुरक्षित रखे जा सकें। पोस्टमार्टम करने वाली टीम में एसीएमओ डॉ. खानचंद्र, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. अवनेंद्र यादव, डॉ. दीपक चतुर्वेदी, फार्मासिस्ट रविकांत दीक्षित, प्रदीप माथुर और केपी शर्मा शामिल हैं। शवों की संख्या ज्यादा होने के कारण इनके अलावा कुछ अन्य कर्मी भी मदद के लिए लगाए गए हैं।
इधर, आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जहरीले अल्कोहल के पीने से हुई मौत की वजह पोस्टमार्टम से ही स्पष्ट होगी। अभी तो हरेक मौत को जहरीली शराब से जोड़ा जा रहा है। सभी मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इसमें जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई और अन्य कारणों से कितने लोगों ने जान गंवाई है। सीएमओ डॉ. बीपी कल्याणी के अनुसार विसरा संरक्षित किया जा रहा है, उसे प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहां से स्पष्ट होगा कि मौत किस तरह के रसायन से हो रही है।
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डाक्टरों ने दबी जुबान में बताया कि ऐसा मिथायल अल्कोहल की वजह से हो सकता है। मिथायल अल्कोहल ही अक्सर मिलावटी शराब में इस्तेमाल होने पर इस तरह का बड़ा कांड होता है। फिलहाल 25 अन्य मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती है, जबकि 15 गुर्दे खराब होने से गंभीर स्थिति में डायलिसिस पर हैं। इधर, देर रात पोस्टमार्टम हाउस पर विसरा सुरक्षित रखने वाली बयाल यानी शीशी खत्म हो गई। आनन-फानन इसका इंतजाम किया गया, ताकि सभी के विसरा सुरक्षित रखे जा सकें। पोस्टमार्टम करने वाली टीम में एसीएमओ डॉ. खानचंद्र, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. अवनेंद्र यादव, डॉ. दीपक चतुर्वेदी, फार्मासिस्ट रविकांत दीक्षित, प्रदीप माथुर और केपी शर्मा शामिल हैं। शवों की संख्या ज्यादा होने के कारण इनके अलावा कुछ अन्य कर्मी भी मदद के लिए लगाए गए हैं।
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इधर, आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जहरीले अल्कोहल के पीने से हुई मौत की वजह पोस्टमार्टम से ही स्पष्ट होगी। अभी तो हरेक मौत को जहरीली शराब से जोड़ा जा रहा है। सभी मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इसमें जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई और अन्य कारणों से कितने लोगों ने जान गंवाई है। सीएमओ डॉ. बीपी कल्याणी के अनुसार विसरा संरक्षित किया जा रहा है, उसे प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहां से स्पष्ट होगा कि मौत किस तरह के रसायन से हो रही है।
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