डिफेंस कॉरिडोर: अलीगढ़ की धरती से हवाई रक्षा उत्पाद भरेंगे उड़ान, पांच फैक्टिरयां करेंगी काम
प्रदेश सरकार की नई एयरोस्पेश, रक्षा इकाई व रोजगार प्रोत्साहन नीति के बाद निवेशक इस क्षेत्र में तेजी से काम करने में जुट गए हैं। दरअसल सरकार इसके लिए उन्हें जमकर सब्सिडी देगी। इससे निवेशक खासे उत्साहित हैं।
विस्तार
अब अलीगढ़ की धरती पर रक्षा उत्पादों के साथ साथ हवाई रक्षा उत्पाद भी तैयार होंगे। हवाई जहाज में उड़ते समय आग निकालने वाले इग्राइटर, रक्षा जहाजों के उपकरण, ड्रोन, और फाइटर प्लेन के कलपुर्जे बनाए जाएंगे। पांच निवेशकों ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। ड्रोन का निर्माण तो होली के बाद से शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार की नई एयरोस्पेश, रक्षा इकाई व रोजगार प्रोत्साहन नीति के बाद निवेशक इस क्षेत्र में तेजी से काम करने में जुट गए हैं। दरअसल सरकार इसके लिए उन्हें जमकर सब्सिडी देगी। इससे निवेशक खासे उत्साहित हैं। मगर सबसे खास बात ये है कि इन निवेशकों को अपनी इकाइयों में बनने वाले उत्पादों की आपूर्ति निर्धारित मात्रा में सेना व सरकारों को देनी होगी।
प्रदेश सरकार ने जो नई नीति लागू की है। उससे रक्षा व हवाई रक्षा उत्पाद बनाने वाले वे निवेशक लाभान्वित होंगे, जो निर्धारित मानक के अनुसार अपने उत्पाद सरकार या सेना को आपूर्ति देंगे। इसके मानक बनाए गए हैं।-वीरेंद्र सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग
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इस नीति के तहत अलीगढ़ रक्षा गलियारे में निवेश करने वाली इकाइयों को कई लाभ प्रदान किए जाएंगे। जिसमें भूमि सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी, पर्यावरण संरक्षण अवसंरचना सब्सिडी आदि प्रमुख हैं। इससे निवेशक नए प्रयोग कर सकेंगे।-धनजीत वाडरा, निवेशक डिफेंस कॉरिडोर
इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य अलीगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के रक्षा गलियारे में निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर सृजित करना है। जिस गति से सरकार प्रोद्यौगिक उन्नत के कार्य में लगी है वह प्रशंसनीय है। इससे रक्षा क्षेत्र में एआई और सॉफ्टवेयर में भी काम हो सकेगा।-तरुण सक्सेना, निवेशक, डिफेंस कॉरिडोर
विस्तार क्षेत्र में भी निवेशकों को मिलेगा लाभ
अभी तक अलीगढ़ के डिफेंस कॉरिडोर अंडला नोड में दो हजार करोड़ के निवेश वाली बीस इकाइयों को स्थान आवंटन हुआ है। इसके अलावा इस नोड का विस्तार क्षेत्र जीटी रोड पर हवाई अड्डे से आगे प्रस्तावित है। जहां भूमि अधिग्रहण का काम जारी है। उसमें भी निवेशक आने को कतार में हैं। इस नीति के लागू होने के बाद उन्हें भी लाभ मिलेगा।
ये होंगे लाभ
-300 करोड़ के अधिक के निवेश वाली इकाई दायरे में।
-कलस्टर बनाकर भी इसका लाभ लिया जा सकता है।
-भूमि कीमत, स्टांप, पंजीकरण में भी छूट दी जाएगी।
-मशीनरी उत्पादों के परिवहन पर भी सब्सिडी निर्धारित।
-महिला, पेटेंट, आईएसआई-ट्रेडमार्क आदि पर भरी छूट।
-प्रशिक्षण के लिए भी अलग से केंद्र बनाने की योजना।
-बाकी करार की समयसीमा के बाद भी लाभ मिलेंगे।
खास
- फाइटर प्लेन के कलपुर्जे बनाने को डिफेंस कॉरिडोर में लगेगी फैक्टरी
- अलीगढ़ में होली के बाद ड्रोन बनना भी हो जाएगा शुरू
- प्रदेश की नई नीति से डिफेंस कॉरिडोर विस्तार क्षेत्र में निवेशकों की कतार
- जो निवेशक सेना-सरकारों को रक्षा उत्पादों की आपूर्ति देंगे, उन्हें सीधा लाभ
ये उत्पाद अलीगढ़ में
हवाई जहाज में उड़ते समय आग निकालने वाले इग्राइटर, रक्षा जहाजों से जुड़े अन्य उत्पाद, ड्रोन, फाइटर प्लेन के कलपुर्जे, सेटेलेटाइट मार्किंग, कई तरह के ग्रेनेड, तोप में लगने वाले कुछ उपकरण, कारतूस, बुलेट प्रूफ जैकेट, भूमिगत माइंस, हथियारों में लगने वाले कुछ अन्य उपकरण सहित कई तरह के उत्पाद। इनमें से कुछ उत्पाद बन रहे हैं। कुछ प्रस्तावित हैं।