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Aligarh News: जोधपुर, दिल्ली और मुरादाबाद घूमकर बप्पा पहुंच रहे विदेश
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भगवान गणेश की प्रतिमा।
- फोटो : samvad
सात दिन बाद 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। शहर के मूर्ति कारोबारी इन दिनों पीतल से बनाई गई बप्पा की मूर्तियों को देश-विदेश तक पहुंचाने में जुटे हैं। यहां बनीं प्रतिमाएं जोधपुर, दिल्ली और मुरादाबाद के माध्यम से अमेरिका, आस्ट्रेलिया और यूरोप तक निर्यात की जा रही हैं।
अलीगढ़ ब्रास स्टैच्यू एंड आर्टवेयर सप्लायर एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमंत राम गांधी ने बताया कि पीतल के महंगा होने के बाद से निर्यात पर असर पड़ रहा है। अब देवी-देवताओं की प्रतिमाएं अलीगढ़ से जोधपुर, दिल्ली और मुरादाबाद जाती हैं, वहां से दूसरे अन्य सामानों के साथ अमेरिका, आस्ट्रेलिया और यूरोप भेजी जाती हैं। इससे भाड़ा वही रहता है और एक साथ कई सामान निर्यात किए जाते हैं। जिससे खर्च कम होता है।
जयगंज के प्रमुख मूर्ति कारोबारी पंकज यादव ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, बिहार, ओडीशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु तक अलीगढ़ में बनी प्रतिमाएं पहुंच रही हैं। अगस्त और सितंबर में गणेश जी की मूर्तियों की मांग सबसे अधिक होती है।
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सेंटर प्वाइंट के प्रमुख मूर्ति कारोबारी सुशील मित्तल ने बताया कि दिवाली पर गणेश जी की जो प्रतिमा 14 हजार की थी, वह अब 21 हजार की हो गई है। एक किलो की प्रतिमा लगभग 1400 रुपये की है। मूर्तियां महंगी होने के कारण लोग पीतल की मूर्तियां कम ले रहे हैं। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की मांग बढ़ रही है।
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अलीगढ़ ब्रास स्टैच्यू एंड आर्टवेयर सप्लायर एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमंत राम गांधी ने बताया कि पीतल के महंगा होने के बाद से निर्यात पर असर पड़ रहा है। अब देवी-देवताओं की प्रतिमाएं अलीगढ़ से जोधपुर, दिल्ली और मुरादाबाद जाती हैं, वहां से दूसरे अन्य सामानों के साथ अमेरिका, आस्ट्रेलिया और यूरोप भेजी जाती हैं। इससे भाड़ा वही रहता है और एक साथ कई सामान निर्यात किए जाते हैं। जिससे खर्च कम होता है।
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जयगंज के प्रमुख मूर्ति कारोबारी पंकज यादव ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, बिहार, ओडीशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु तक अलीगढ़ में बनी प्रतिमाएं पहुंच रही हैं। अगस्त और सितंबर में गणेश जी की मूर्तियों की मांग सबसे अधिक होती है।
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सेंटर प्वाइंट के प्रमुख मूर्ति कारोबारी सुशील मित्तल ने बताया कि दिवाली पर गणेश जी की जो प्रतिमा 14 हजार की थी, वह अब 21 हजार की हो गई है। एक किलो की प्रतिमा लगभग 1400 रुपये की है। मूर्तियां महंगी होने के कारण लोग पीतल की मूर्तियां कम ले रहे हैं। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की मांग बढ़ रही है।